Monday, 24 July 2017

जेएनयू में बराक होस्टल की आधारशिला

      पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अन्तरिक्ष राज्य मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने जवाहर लाल नेहरू विश्व विद्यालय परिसर में बराक होस्टल की आधारशिला रखी। 

       इस अवसर पर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आज के इस समारोह की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी। उन्होनें कहा कि जेएनयू में 8000 से ज्यादा विद्यार्थी है। इसमें से अधिकतर विद्यार्थी पूर्वोत्तर क्षेत्र के है। उन्होने बताया कि पिछले वर्ष बंगलौर विश्वविद्यालय में भी पूर्वोत्तर की छात्राओं के लिए छात्रावास की आधारशिला रखी गई थी।
      डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार का ध्यान शेष देश को पूर्वोत्तर भारत के निकट लाने पर है। उन्होने कहा कि पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवा स्टार्ट अप और उद्यमियों के लिए ‘उद्यम पूंजी कोष’ बनाया है।
     उन्होनें कहा कि यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलने वाले सभी प्रोत्साहनों के अतिरिक्त है। उन्होनें पूर्वोत्तर क्षेत्र की साक्षरता दर पर बल देते हुए कहा कि केरल के बाद सबसे अधिक साक्षरता दर मिजोरम में है। इस अवसर पर डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने पूर्वोत्तर भारत के इतिहास, राजनीति और संस्कृति पर ‘फिस्सिटी एण्ड फ्लूइडिटी’ नामक एक पुस्तक का विमोचन किया। 
        पूर्वोत्तर विकास क्षेत्र मंत्रालय के सचिव नवीन वर्मा ने कहा कि जेएनयू अपनी साख के कारण विद्यार्थीयों के लिए संतोष का श्रोत है। जेएनयू में छात्रावास कि समस्या रही है और छात्रावास की आधारशिला इस कमी को पूरा करने के लिए रखी जा रही है। 
     उन्होने छात्रावास के शीघ्र बन जाने की आशा व्यक्त की। पूर्वोत्तर परिषद के सचिव राम मुविया ने कहा कि बराक होस्टल बनाने के काम में 100 प्रतिशत धन यानी 28.30 करोड़ रुपयें पूर्वोत्तर परिषद दे रही है। यह छात्रावास तीन वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा और इस में चार सौ विद्यार्थी रहेगें। 200 छात्र और 200 छात्राओं के लिए यह होस्टल है।

पंजाब ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ स्वाधीनता आंदोलन का केन्द्र था

      उप राष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने कहा कि पंजाब ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ स्वाधीनता आंदोलन का केन्द्र था। 

      अंसारी यहां डॉ. सुखचैन कौर बस्सी द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘इंडियन नेशनल कांग्रेस इन पंजाब’ का विमोचन करने के बाद एकत्र जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के दमन की शिकार भारत की जनता की इच्छाओं और आकांशाओं के साथ खड़े होने के लिए उनकी नुमाइंदगी की। हमारे राजनैतिक परिदृश्य में महात्मा गांधी के आगमन के साथ ही, आंदोलन विशिष्ट वर्ग के अभियान से एक सच्चे जन आंदोलन में तबदील हो गया।
         उप राष्ट्रपति ने कहा कि पंजाब अविभाजित पंजाब में कांग्रेस का पहला वार्षिक सम्मेलन दादा भाई नौरोजी की अध्य़क्षता में 1893 में लाहौर में हुआ था। कांग्रेस और संगठन की तेजी से बढ़ती हुई गतिविधियां पंजाब से राजनैतिक नेताओं और स्वाधीनता सेनानियों की ऊर्जा और प्रयासों के रूप में हमारी आजादी के आंदोलन में पंजाब की जनता की सक्रिय भागीदारी की गवाह हैं।

    

यौन उत्‍पीड़न की शिकायत के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक बॉक्‍स

       केंद्रीय महिला और बाल विकास श्रीमती मेनका संजय गांधी ने नई दिल्‍ली में कार्य स्‍थल पर यौन उत्‍पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए यौन उत्‍पीड़न इलेक्‍ट्रॉनिक बॉक्‍स एक ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन व्‍यवस्‍था का आरंभ किया। 

     यह शिकायत प्रबंधन व्‍यवस्‍था कार्य स्‍थल पर महिलाओं का यौन उत्‍पीड़न (निवारण, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 का प्रभावी कार्यान्‍वयन सुनिश्चित करने के लिए विकसित की गई है। यह पोर्टल केंद्र सरकार के किसी भी कार्यालय में काम करने वाली या वहां जाने वाली महिलाओं को उक्‍त अधिनियम के अंतर्गत कार्य स्‍थल पर यौन उत्‍पीड़न से संबंधित शिकायतें दर्ज करने का मंच उपलब्‍ध कराने की दिशा में की गई एक पहल है।
        श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि हालांकि फिलहाल यह सुविधा केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उपलब्‍ध कराई जा रही है। लेकिन जल्‍द ही इस पोर्टल के दायरे में निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा। महिला और बाल विकास मंत्री ने कहा कि कार्य स्‍थल पर महिलाओं के यौन उत्‍पीड़न का परिमाण उपलब्‍ध कराने वाले कुछ सर्वेक्षण कराये गए हैं।
         हालांकि, महिलाओं के यौन उत्‍पीड़न से संबंधित समस्‍या के आकार का आकलन करने और उसे समझने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय यह सर्वेक्षण राष्‍ट्रीय स्‍तर पर करायेगा। भारत सरकार देश की सबसे बड़ी नियोक्‍ता है, जो अपने विविध कार्यों को अंजाम देने के लिए 30.87 लाख लोगों को नियुक्त करती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की गणना 2011 के अनुसार महिलाएं केंद्र सरकार के नियमित कर्मचारियों की कुल संख्‍या 3.37 लाख है।

नई हज नीति-2018 जल्द, उद्देश्य हज की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना

       देश की सलामती, सुरक्षा और समृद्धि की दुआओं के साथ सुबह केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हज 2017 के लिए 300 हज यात्रियों के पहले जत्थे को इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के हज टर्मिनल से रवाना किया। 

    नकवी ने हज यात्रियों को शुभकामनाएं दी। नकवी ने कहा कि इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय ने हज कमिटी ऑफ़ इंडिया एवं अन्य सम्बंधित एजेंसियों के साथ मिल कर हज 2017 की तैयारियां समय से बहुत पहले ही पूरी कर ली थी ताकि हज यात्रा को सरल-सुगम बनाया जा सके। 
          नकवी ने कहा कि नई हज नीति - 2018 जल्द ही तैयार कर ली जाएगी और अगले साल से हज इस नई हज पालिसी के अनुसार आयोजित किया जायेगा। नकवी ने कहा कि हज नीति 2018 तय करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट जल्द ही सौंप देगी। नई हज पालिसी का उद्देश्य हज की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
         इस नई पालिसी में हज यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जायेगा। समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा को दोबारा शुरू करना भी इस नई हज पालिसी में शामिल है। हज यात्रियों के मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिये जेद्दा जाने का सिलसिला 1995 में रुक गया था। हज यात्रियों को जहाज (समुद्री मार्ग) से भेजने पर यात्रा संबंधी खर्च करीब आधा हो जाएगा। 
      नई तकनीक एवं सुविधाओं से युक्त पानी का जहाज एक समय में चार से पांच हजार लोगों को ले जाने में सक्षम हैं। मुंबई और जेद्दा के बीच 2,300 नॉटिकल मील की एक ओर की दूरी सिर्फ दो-तीन दिनों में पूरी कर सकते हैं। जबकि पहले पुराने जहाज से 12 से 15 दिन लगते थे। हज 2017 के लिए सऊदी अरब द्वारा कोटे में की गई बड़ी वृद्धि के बाद हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से 1,25,025 हाजी हज यात्रा पर जायेंगे।
         जबकि 45,000 हज यात्री प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से हज पर जायेंगे। इस वर्ष भारत में 21 केंद्रों से कुल 1,70,025 हज यात्री भारत से हज यात्रा पर जायेंगे। इस वर्ष भारत में 21 केंद्रों से 1 लाख 70 हजार से ज्यादा हज यात्री हज पर जा रहे हैं। दिल्ली से 1628 हज यात्री हज पर जायेंगे। 
        इसके अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ से हाजियों को मिलकर दिल्ली से 16,600 हज यात्री हज पर जा रहे हैं। नई दिल्ली के अलावा गोवा, गुवाहाटी, लखनऊ, मंगलौर, वाराणसी से भी हज यात्री सऊदी अरब जा रहे हैं। 
           25 जुलाई को श्रीनगर और कोलकाता से, 27 जुलाई को गया से, 8 अगस्त को रांची, कोलकाता, भोपाल और बैंगलोर से, 10 अगस्त को नागपुर से, 13 अगस्त को अहमदाबाद, औरंगाबाद, चेन्नई, कोचीन, जयपुर, 14 अगस्त को इंदौर और हैदराबाद से हज यात्री रवाना होंगे।
           21 हज यात्रा केंद्रों में दिल्ली, गोवा, गौहाटी, लखनऊ, मंगलौर, वाराणसी, श्रीनगर, कोलकाता, गया, रांची, भोपाल, बैंगलोर, मुंबई, नागपुर, अहमदाबाद, औरंगाबाद, चेन्नई, कोचीन, जयपुर, इंदौर, हैदराबाद शामिल हैं। 
       अहमदाबाद से 10958, कोचीन से 11657, लखनऊ से 12380, मुंबई से 5605, औरंगाबाद से 2729, बैंगलोर से 4641, चेन्नई से 3370, गौहाटी से 4483, हैदराबाद से 6273, जयपुर से 4777, कोलकाता से 10348, लखनऊ से 12380, मुंबई से 5605, नागपुर से 2187, रांची से 3159 हाजी हज यात्रा पर जा रहे हैं।