विशाखापत्तनम को 5 मेगावाट सौर ऊर्जा
इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने 33 करोड़ रुपये की लागत से विशाखापत्तनम में 5 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया।
आरआईएनएल के सीएमडी पी. मधुसूदन, इस्पात मंत्रालय में संयुक्त़ सचिव श्रीमती उर्विल्लाखाती और आरआईएनएल के निदेशक भी इस अवसर पर उपस्थित थे। आरआईएनएल ने अपने परिसर में 5 मेगावाट के इस भू-अपशिष्टप सौर ऊर्जा संयंत्र के जरिए सौर ऊर्जा के दोहन के लिए अन्यल प्रमुख कंपनियों के साथ गठबंधन किया है।
डॉ. अरुणा शर्मा ने नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोतों के दोहन पर सरकार द्वारा दिये जा रहे विशेष जोर के अनुरूप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रवेश के लिए आरआईएनएल के प्रबंधन की सराहना की।
उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के मद्देनजर हाल के समय में नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका लगातार बढ़ती रही है। निदेशक (परियोजना) पी. सी. मोहापात्रा, निदेशक (परिचालन) डी. एन. रॉव, निदेशक (वाणिज्यिक) पी. रायचौधरी और बी. सिद्धार्थ कुमार, आईएफएस, सीवीओ भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 21.12.2016
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तेलंगाना के पिछड़े इलाकों के लिए 450 करोड़ रुपये
केन्द्रीय सरकार ने तेलंगाना के पिछड़े इलाकों के विकास के लिए विशेष सहायता के रूप में 450 करोड़ रुपये और जारी किए हैं। आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम,2014 में प्रावधान है कि केंद्रीय सरकार अलग हुए नए राज्य के पिछड़े इलाकों के विकास के कार्यक्रमों को मदद करे।
इन कार्यक्रमों में भौतिक और सामाजिक संरचना के विकास भी शामिल हैं। इसके अनुसार केंन्द्रीय सरकार ने तेलंगाना के नौ पिछड़े जिलों के लिए वर्ष 2015-2016 के लिए 450 करोड़ रुपये जारी किए थे। इस कोष से जिन जिलों में विकास कार्यक्रमों को मदद की गई उनमें अदिलाबाद, निजामाबाद, करीमनगर,वारांगल मेढक, महबूबनगर रंगारेड्डी, नालगोड्डा और खमम के नाम शामिल हैं। कुल मिलाकर अब तक केन्द्रीय सरकार ने राज्य को इस मद में 900 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
केन्द्रीय सरकार की इस अतिरिक्त सहायता से राज्य पिछड़ेपन को कम करने और गरीबी उन्मूलन की स्कीमों को लागू करने में सक्षम होगा। विकास की गतिविधियां इन जिलों में भौतिक और सामाजिक संरचना में सुधार लाएंगी जिससे राज्य के ये जिले भी अन्य विकसित जिलों की बराबरी कर सकेंगे। 20.12.2016


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