Sunday, 4 June 2017

विश्‍व पर्यावरण दिवस का लक्ष्‍य लोगों को प्रकृति से जोड़ना

           केन्‍द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने लोगों और विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया है कि 'विश्‍व पर्यावरण दिवस का लक्ष्‍य प्रत्‍येक दिन की गतिविधियों में झलकना चाहिए' और यह सिर्फ पर्यावरण दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

        पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्‍या पर यहां एक समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि देश के लोगों में रचनात्‍मक ऊर्जा को बढ़ावा देने और जागरूकता पैदा करने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक परिवहन का इस्‍तेमाल अधिक करें, साइकिल का प्रयोग करें, एयरकंडिशनरों का इस्‍तेमाल कम करें और प्रधानमंत्री के स्‍वच्‍छ भारत और सफाई के मिशन को हासिल करने की दिशा में योगदान करें।

            उन्‍होंने मंत्रालय के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे स्‍वयं मंत्रालय में जल संरक्षण के उपाय प्रारंभ करें। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि विज्ञान क्षेत्र में शीघ्र प्रारंभ किया जाने वाला 'जिज्ञासा' कार्यक्रम पर्यावरण के क्षेत्र में भी प्रारंभ किया जा सकता है, जिसमें केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों को सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में ले जाया जायेगा और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया जायेगा।

     पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में सचिव अजय नारायण झा ने कहा कि समाज के सभी वर्गों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने की आवश्‍यकता है। सचिव ने विज्ञान एक्‍सप्रेस ट्रेन सहित पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा किए जा रहे विभिन्‍न उपायों की जानकारी भी प्रदान की।

सावित्री नदी पर 165 दिन के रिकार्ड समय में नए पुल का निर्माण

           महाराष्ट्र में महाड के निकट सावित्री व काल नदी पर 1928 में बना एक पुराना पुल 2 अगस्त, 2016 को भारी वर्षा के कारण ध्वस्त हो गया था। 

      सड़क परिवहन व राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने इस पुल के स्थान पर 6 महीने के भीतर नया पुल खड़ा करने की घोषणा की थी। गडकरी की घोषणा का अनुपालन करते हुए इस परियोजना पर तेजी से काम किया गया और 35.77 करोड़ रुपये की लागत से वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले ही 165 दिन के रिकॉर्ड समय में नए पुल का निर्माण कर दिया गया। सड़क परिवहन व राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 5 जून, 2017 को सावित्री नदी पर नव-निर्मित पुल का उद्घाटन करेंगे। इसे आम लोगों की आवाजाही के लिए खोलेंगे। नया पुल 16 मीटर चौड़ा और 239 मीटर लम्बा है।

    इस पर फुटपाथ, बाढ़ चेतावनी प्रणाली और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके निर्माण में जंगरोधी इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय शांति व स्थिरता के समक्ष वैश्विक आतंकवाद सबसे गंभीर चुनौती

           केंद्रीय संसदीय मामले व कृषि तथा किसान कल्याण राज्य मंत्री एस.एस. अहलूवालिया ने नार्वे में भारतीय संसदीय शिष्टमंडल की तीन दिन की यात्रा के दौरान उसका नेतृत्व किया। 

       यह यात्रा दोनों देशों के बीच संसदीय संबंध बढ़ाने के मकसद से की गई। यात्रा के दौरान शिष्टमंडल ने नार्वे सरकार के विभिन्न विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान अहलूवालिया ने कहा कि भारत और नार्वे को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष, समुद्री सहयोग, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, मत्स्य उद्योग, कृषि, बागवानी तथा कार्बनिक खेती के बारे में प्रौद्योगिकी के आदान प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग अधिक सुदृढ़ करना चाहिए। 

           आतंकवाद के वैश्विक खतरे के बारे में अहलूवालिया ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता के समक्ष सबसे गंभीर चुनौती है। इससे मानवाधिकारों का हनन होता है और लोकतांत्रिक राष्ट्रों के सामाजिक तथा आर्थिक विकास में बाधा आती है। अहलूवालिया ने इस बात पर जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। 

              उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। आतंकवादियों को पनाह, हथियार, प्रशिक्षण या धन देने वाले राष्ट्रों को कतई सहन नहीं करने के पक्ष में है। अहलूवालिया ने कहा कि भारत और नार्वे संयुक्त राष्ट्र में एक दूसरे का समर्थन करते रहे हैं। दोनों देशों को इस क्षेत्र में अधिक सहयोग करने की आवश्यकता है। 

           अहलूवालिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के भारत के दावे का समर्थन करने के लिए नार्वे का आभार व्यक्त किया। मत्स्य उद्योग के क्षेत्र में सहयोग के बारे में अहलूवालिया ने कहा कि जल-जीवपालन प्रणालियों का पुनश्चक्रण भारत के लिए नया विषय है। इस उच्च उत्पादन तकनीक के लिए भारत, नार्वे से तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञता के आदान प्रदान की उम्मीद करता है। भारतीय शिष्टमंडल ने नार्वे में भारतीय समुदाय के साथ भी विचार विमर्श किया। भारतीय राजदूत देवराज प्रधान द्वारा आयोजित भोज में हिस्सा लिया।

देश के 130 शहरों में कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने के संयंत्र चालू किए जाएंगे

        दिल्ली और निकटवर्ती गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में ठोस कचरे के प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।

       इसके अंतर्गत शहर के ठोस कचरे को स्रोत पर जैसे घरों, होटलों, रेस्त्राओं आदि में अलग-अलग किया जाएगा। गीले कचरे को हरित डिब्बों और सूखे कचरे को नीले डिब्बों में एकत्र किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू नई दिल्ली में कचरा पृथक्करण अभियान का शुभारंभ करेंगे, जिसके अंतर्गत दिल्ली के पांच निकायों सहित कुल नौ स्थानीय नगर निकाय शामिल होंगे। 

         नायडू राष्ट्रीय राजधानी में तालकटोरा इंडोर स्टेडियम से अलग-अलग कचरा एकत्र करने वाले वाहनों को झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। वेंकैया नायडू इंदौर में भी ऐसी ही प्रणाली का उद्घाटन करेंगे। अन्य राज्यों में राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों द्वारा इसी तरह की कवायद को अंजाम दिया जाएगा। स्वच्छ भारत शहरी मिशन के अंतर्गत अक्तूबर, 2019 तक घर घर जाकर ठोस कचरा एकत्र करने, उसे संयंत्र तक पहुंचाने और उसकी प्रोसेसिंग करने की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है।