Monday, 16 October 2017

खुफिया ब्यूरो की आतंकवाद, अलगाववाद से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका

    जोधपुर। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के जोधपुर में खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पश्‍चिमी जोन क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। 

  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री पी.पी. चौधरी, राजस्थान सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेन्द्र सिंह खिमसर, राजस्थान सरकार में सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) मंत्री सुरेंद्र गोयल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे। 
   प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य राज्य पुलिस की विशेष शाखाओं को सुदृढ़ करना और प्रोफेशनल दृष्टि से सशक्त बनाना है। पश्चिमी जोन में अनेक राज्य यथा मध्य प्रदेश, गोवा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र शामिल हैं।
   इस केंद्र का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि यह प्रशिक्षण केंद्र पश्चिमी क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों के प्रोफेशनल एवं स्वभावजन्य कौशल को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 
      राजनाथ सिंह ने कहा कि खुफिया ब्यूरो आतंकवाद, अलगाववाद और वामपंथी उग्रवाद की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने सीमित संसाधन उपलब्ध होने पर भी अपने कर्तव्यों का उल्लेखनीय ढंग से निर्वहन करने के लिए आईबी के अधिकारियों की सराहना की।

एनएसजी की उपलब्धियों पर पूरे देश को गर्व

   हरियाणा। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंक प्रायोजित करने वाले देशों को अलग-थलग करने के लिए के लिए ठोस प्रयास करना होगा। 

  नायडू आज हरियाणा के मानेसर में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के 33वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उस अवसर पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा, एनएसजी के महानिदेशक सुधीर प्रताप सिंह तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
   उपराष्ट्रपति ने शौर्य और बलिदान की उच्च परंपरा को बनाए रखते हुए कर्तव्य परायरणता में उच्च बलिदान करने वाले एनएसजी के 19 बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उप राष्ट्रपति ने कहा कि एनएसजी विशेष रूप से प्रशिक्षित, उच्च कौशल संपन्न और अत्यधिक प्रेरक बल है जिसे भिन्न-भिन्न जिम्मेदारियां दी जाती हैं। एनएसजी की उपलब्धियों पर पूरे देश को गर्व है।
  उन्होंने कहा कि नेशनल सिक्योरिटी गार्ड बहादुरी, पेशेवर दृष्टिकोण तथा अत्यंत समर्पण का पर्याय है। देश अक्षरधाम, मुम्बई तथा पठानकोट हमलों में निभाई गई एनएसजी की भूमिका को हमेशा याद रखेगा। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हाल के वर्षों में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं और कुछ हमले ऐसे स्थानों पर किए गए हैं जिसके बारे में सोचा भी नहीं गया था।
   उन्होंने कहा कि भारत पिछले तीन दशकों से आतंकवाद के दुष्परिणामों का सामना कर रहा है। हमने हमेशा राष्ट्र विरोधी तत्वों को माकूल जवाब दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे शत्रुओं के काम करने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में ही खतरा नहीं है बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में भी है। इसके लिए हमें अपनी संचालन क्षमताओं की समीक्षा और उनमें वृद्धि करनी होगी। 
   उपराष्ट्रपति ने कहा कि अच्छे आतंकवादी और बुरे आतंकवादी जैसी कोई बात नहीं है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं, कोई सीमा नहीं होती है। विचार धारा के नाम पर हिंसक वारदातों को अंजाम देने वालों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को कुचलने के बारे में विस्तृत समझौता करने की अपील की। इस संबंध में भारत का प्रस्ताव 1996 से लंबित है।

नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर तक विश्व खाद्य भारत 2017 एक्सपो

   नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने विश्व खाद्य भारत 2017 एक्सपो, नई दिल्ली में 3 से 5 नवंबर, 2017 को आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय मंच, के लिए आज यहां पूर्वालोकन संवाददाता सम्मेलन की अध्यक्षता की। 

    भारत खाद्य अर्थव्यवस्था को बदलने और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए भारत सबसे बड़ा खाद्य आयोजन करने के लिए तैयार है, श्रीमती बादल ने इसकी भव्यता की एक झलक औद्योगिक कर्ताधर्ता, विदेशी मिशन के प्रमुखों और मीडिया को एक संवादमूलक सत्र के जरिए दी। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी उपस्थित थी। 
    श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि भारत भोज्य पदार्थ का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और दूध, फल और सब्जियों, अनाज तथा मैरीन में अग्रणी है। इसमें 127 कृषि जलवायु वाले क्षेत्रों और खाद्य आयात करने वाले देशों के निकटता के साथ बहुत बड़ी क्षमता है। भारत, 1.3 बिलियन आबादी के साथ और एक बडे खुदरा क्षेत्र जिसे 2020 तक तिहरा करने का लक्ष्य रखा गया है, के कारण एक बड़ी मांग संचालित करने वाला बाजार प्रदान करता है। 
    उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से सही बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एवं सभी सक्षम हितधारकों हेतु एक सक्षम वातावरण और एक नवीन संस्कृति का विकास करने की दिशा में काम कर रही है। 
     विश्व खाद्य भारत 2017 इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता एवं नेतृत्व का धन्यवाद देते हुए श्रीमती बादल ने कहा कि सरकार पूरे देश में खाद्य संरक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जिसमें विभिन्न देशों के बेहतरीन बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जायेगा, जो भारत में खाद्य उद्योग की चुनौतियों के लिए प्रभावी समाधान खोजने में भी मदद करेगा जिसके अंतर्गत खाद्य अपव्यय से लेकर जलवायु की वजह से फसलों का अपव्यय शामिल होंगे।
        श्रीमती बादल ने आगे कहा कि इससे भारतीय किसानों को पर्यावरण के कारकों और बाजार के साथ सीधे संपर्क की कमी से भी पार पाने में काफी हद तक मदद मिलेगी। श्रीमती बादल ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में भारत की क्षमता का पता चलेगा। विश्व खाद्य भारत 2017 की जिक्र करते हुए मंत्री श्रीमती बादल ने कहा कि भारत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में लगभग 10 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश लक्ष्य हासिल करने की क्षमता रखता है, जहां आने वाले 3 वर्षों में लगभग 1 मिलियन से भी ज्यादा नौकरियों मिलने की संभावना है।
    उन्होंने इससे आगे कहा कि विश्व खाद्य भारत मंच के माध्यम से भारत 'ग्लोबल फूड फैक्टरी' और 'ग्लोबल सोर्सिंग हब' के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने इस भव्य आयोजन के बारे में विस्तार से बताया तथा साथ ही यह भी कहा कि यह भारत को खाद्य क्षेत्र में दुनिया के सामने प्रस्तुत करने हेतु बेहतर अवसर है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत को विश्व स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी तथा खाद्य अपव्यय को कम करने, खाद्य सुरक्षा में वृद्धि करने और रोजगार सृजन करने में सहायता मिलेगा। 
       खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में सचिव जे. पी. मीणा ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और व्यापार को आकर्षित करने के लिए पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा तथा साथ ही  इसमें प्रतिभागियों के लिए विशेष सत्र, सम्मेलनों और नेटवर्किंग का भी आयोजन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में 800 से भी ज्यादा वैश्विक और घरेलू प्रदर्शक भाग लेंगे।
     इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र की महिला उद्ममी भी भाग ले रही हैं। मीणा ने कहा कि संक्षेप में, विश्व खाद्य भारत 2017 में 2000 देशों के 200 से अधिक प्रतिभागियों की मेजबानी की जा रही है, 30 देशों की 200 से अधिक कंपनियों, 18 मंत्री और व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडलों, लगभग 50 वैश्विक सीईओ, सभी प्रमुख घरेलू खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों के सीईओ और 28 राज्यों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं।
     विश्व खाद्य भारत के जर्मनी, जापान और डेनमार्क सहयोगी देश हैं तो वहीं इटली एवं नीदरलैंड पर विशेष नजर रहेगी। भारत में जापान के राजदूत मि. केनजी हिरामास्सू; भारत में डेनमार्क के राजदूत मि. पीटर टेकसोई जेनसेन; भारत में नीदरलैंड के राजदूत मि. एलफोंसुस एस्टोलिंगा; भारत में इटली के राजदूत मि. लोरेंजो ऐंगलोनी देशों के प्रतिनिधियों ने भारत में निवेश को बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 
      इन देशों ने भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की इच्छा व्यक्त की है और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में क्रांति में अपनी भूमिका निभाने की भी इच्छा व्यक्त की है। भारत और वैश्विक खाद्य श्रृंखला जैसे आईटीसी, वालमार्ट, नेस्ले, केलॉग्स और मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया इत्यादि के सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी ने इस कार्यक्रम में दिल से शामिल होने को तत्पर हैं तथा इसे एक सफल कार्यक्रम बनाने हेतु कृतसंकल्प भी हैं। 
    ऐसा देखा गया कि विश्व की आबादी का एक छठा और संसाधनों का एक विशाल हिस्सा होने से भारत को “ग्लोबल फूड वैल्यू चेन हब” बनने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और निजी उद्योग के इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। खाद्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए श्रीमती बादल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि "विश्व खाद्य भारत के साथ, हम भारतीय भोजन, मसाले, सामग्री और व्यंजनों के अपने अनुभवों से रूबरू कराने के लिए विश्व को आमंत्रित कर रहे हैं। 
    शेफ संजीव कपूर ने कहा कि 'फूड स्ट्रीट' विश्व के लिए भारत के सबसे आकर्षक प्रतिबिंब है। श्रीमती बादल के दिमाग की उपज फूड स्ट्रीट एक अनुभवात्मक मंच है जो दुनिया के व्यंजनों के पाक प्रथाओं, जायके, सुगंध से परिचित करायेगा और समकालीन प्रस्तुतीकरण और संलयन भोजन बनाने के लिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अपने उत्पादन की विविधता के साथ जश्न मनाएगा। 
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, ब्रैंड एंबेसडर एवं फूड स्ट्रीट के क्यूरेटर शेफ संजीव कपूर ने कहा कि समृद्ध पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के रहस्यों को इस कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। पूरावलोकन सत्र विश्व खाद्य दिवस के उत्सव के साथ हुआ जिसमें श्रीमती बादल ने 'अपनी थाली में खाने की बर्बादी न करें' अभियान के साथ भोजन की बर्बादी के खिलाफ युद्ध लड़ने का वचन दिया। 
    इस कार्यक्रम को कृषि एवं किसान विकास मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, विदेश मंत्रालय एवं नागर विमानन मंत्रालय ने भी अपना समर्थन दिया है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्टार्ट अप की नयी मंजिल

   नई दिल्ली। केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र पूरे देश के युवाओ के लिए स्टार्ट अप की नयी मंजिल के रूप में भी तेजी से उभर कर सामने आ रहा है।

     डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर में बदलाव पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि गत दो वर्षो में संपर्क और परिवहन सुविधाओ में सुधार और प्रशासनिक स्तर पर ध्यान केंद्रित करने के कारण अधिक से अधिक युवा पूर्वोत्तर राज्यो में उद्यमशीलता के लिए जोखिम उठा रहे हैं और क्षेत्र की क्षमताओ का लाभ उठा रहे हैं। 
      सिंह ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अरूणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रो में पर्याप्त भंडारण और परिवहन सुविधा न होने के कारण 40 प्रतिशत फल नष्ट हो जाते हैं, जबकि इनका इस्तेमाल किफायती दरो पर ताजा और शुद्ध फलो का रस बनाने के लिए किया जा सकता है। 
      डॉ.जितेंद्र सिंह ने युवाओ के साथ लगभग 1 घंटे के इस विचार विमर्श के दौरान स्टार्ट अप का ध्यान पर्यटको को व्यस्त समय के दौरान रूकने की समस्या और दिलाते हुए कहा कि उस दौरान सामान्य होटल भी महानगरो के 5 सितारा होटल के समान किराया वसूलते हैं।
      हालांकि गत दो से तीन वर्ष के दौरान घर से पर्यटन में बढोत्तरी हुई है। कई युवा इस माध्यम से लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिक्किम के पकयोंग,अरूणाचल प्रदेश के इटानगर और मेघालय के शिलांग में नए हवाई अड्डो के साथ बड़ी रेलवे लाइन की समयबद्ध योजना से व्यापार में सुविधा मिलेगी।
     पूर्वोत्तर क्षेत्र में औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र भी उद्यमियो को नए अवसर प्रदान कर सकता है।वर्षों तक रोगियो को क्षेत्र से बाहर कोलकाता या वेल्लोर भेजने का दौर रहा है,लेकिन निजी कार्पोरेट क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन से क्षेत्र में नए अस्पताल खुले हैं और युवा उद्यमी अवसरो का लाभ उठा रहे हैं।
     उन्होंने इस संदर्भ में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा कुछ प्रमुख कार्पोरेट के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देने संबंधी कार्यक्रमो के बारे में जानकारी दी। पूर्वोत्तर राज्यो में परंपरागत रूप से महिलाए अधिक सशक्त और रोजगार स्तर पर अधिक सक्रिय रही हैं। 
     डॉ सिंह ने स्वंय सहायता समूहो को “घर में उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन हेतु कार्यक्रमो की जानकारी देते हुए कहा कि इस संबंध मे युवा उद्यमी आगे आए हैं और उन्होंने हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया है। 
     वस्त्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर राज्यो के विशेष योजनाओ की शुरूआत की है। सिंह ने युवाओ से सरकार की पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास नीति और अधिक बजट सहयोग का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने का आव्हान किया। सम्मेलन को संसद सदस्य विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी संबोधित किया।

स्वच्छ वायु के लिए छोटी मैराथन

     नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और डॉ. महेश शर्मा ने स्वच्छ वायु अभियान के रूप में छोटी मैराथन को हरी झंडी दिखाई। 

    देशभर में बच्चों के बीच ‘स्वच्छ वायु’ के संदेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ के संबंध में केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि स्वच्छ वायु के लिए दौड़ अभियान स्वच्छ वायु के लिए सकारात्मक ऊर्जा का वाहक है। दीपावली की रौनक के बीच डॉ. हर्षवर्धन ने विद्यार्थियों को बताया कि वैज्ञानिकों को प्रदूषण रहित पटाखे बनाने के लिए कहा गया है जो बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होंगे।
   प्रदूषण के दुष्प्रभाव अधिकतर बच्चों पर होते हैं। प्रदूषण से मुकाबला और पर्यावरण संरक्षण प्रभावी रूप से देश के प्रत्येक नागरिक के प्रयासों से किए जा सकते है। हर्षवर्धन ने कहा कि बच्चे जब कोई प्रतिज्ञा लेते हैं तो वे इसे पूरा कर कर ही मानते हैं। इस अवसर पर हर्षवर्धन ने स्वच्छ वायु को प्रोत्साहन करने के लिए प्रतिज्ञा भी दिलाई।
     इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि स्वच्छता एक सामूहिक प्रयास है। स्वच्छ वायु हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत आवश्यक है। कार्यक्रम में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग दस हजार बच्चो ने भाग लिया। स्वच्छ वायु अभियान की शुरुआत प्रदूषण घटाने के लिए एक जन आन्दोलन के रूप में की गई है। स्वच्छ हवा के बिना स्वच्छ और स्वस्थ भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
   इस अभियान का उद्देश्य जनता में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास करना है ताकि वे यह समझ सकें कि स्वच्छ हवा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। आयोजित अभियान ‘हरित दीवाली- स्वस्थ दीवाली’ अभियान का विस्तार है। आज ही के दिन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम की जयंती होने के कारण दोनों मंत्रियों ने डॉ कलाम को भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका सुश्री दुर्गा जसराज ने कई गीत प्रस्तुत किए जिनमें स्वच्छ हवा के महत्व के संबंध में एक गीत भी शामिल था।
     इस अवसर पर पर्यावरण का संदेश देते कई बैनर इण्डिया गेट परिसर में लगाए गए थे। इन पोस्टर और बैनर में “सब मिलकर करो विरोध, रोको पर्यावरण का दुरुपयोग”, साँसें रहीं हैं थम, आओ पर्यावरण बचाएँ हम, मेरा शहर साफ़ हो, इसमें सबका हाथ हो, हम सबका एक ही नारा, साफ़ सुथरा देश हमारा आदि संदेश दिए गए थे।

पर्यटन पर्व का 11वां दिन, देश भर में हेरिटेज वॉक

   नई दिल्ली। भारत सदैव ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक विविधता एक ऐसा प्रभावयुक्‍त सम्मिश्रण पेश करती है जो हर साल लाखों पर्यटकों को देश भर में फैले पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करता है। 

   भारत की समृद्ध विरासत अनगिनत मंदिरों, महलों, स्मारकों, किलों इत्‍यादि के रूप में व्‍यापक तौर पर परिलक्षित होती है। इससे विशेष रूप से धरोहर स्थलों पर भारत के पर्यटन में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत में पिछले कुछ सालों के दौरान पर्यटन में उल्‍लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जब से भारत सरकार ने भारत की छवि को एक पर्यटन गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए अतिरिक्त पहल की हैं, तभी से इस क्षेत्र में निरंतर बेहतरी देखी जा रही है।
    संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सक्रि‍य सहयोग से पर्यटन मंत्रालय ने ‘एक धरोहर को अपनाना’ पहल के तहत विभिन्न धरोहर स्थलों, स्मारकों और देश भर में फैले अन्य पर्यटन स्थलों पर विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाएं प्रदान करने की परिकल्पना की है। 
   यह परियोजना एएसआई के टिकटयुक्त स्मारकों से शुरू होगी। इसे आगे चलकर पूरे भारत के अन्य सांस्कृतिक स्थलों में अमल में लाया जाएगा। इसमें निजी-सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों अथवा व्यक्तियों को धरोहर स्‍थलों स्मारकों और अन्य पर्यटन स्थलों को सौंपने की परिकल्पना की गई है, ताकि पर्यटक अनुकूल सुविधाओं का ‘स्मारक मित्र’ विकास हो सके। 11वें दिन की खास बात यह रही कि ‘खादी मार्च: बस पांच मीटर’ नामक एक प्रदर्शनी का आयोजन बेंगलुरु में संस्कृति मंत्रालय और एनजीएमए द्वारा किया गया। 
   ‘बीरेश्‍वर सेन की पेंटिंग्स में मनुष्य और प्रकृति की झलक’ नामक एक प्रदर्शनी आज से दिल्ली में शुरू हो गई है। भारत पर्यटन वाराणसी ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जैसे अस्सी घाट से हरिश्चंद्र घाट तक हेरिटेज वॉक। 
  आईएचएम और आईआईटीटीएम के साथ मिलकर भारत पर्यटन कार्यालयों ने देश भर में विभिन्‍न स्थानों पर स्थानीय जनता और हितधारकों के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, हेरिटेज वॉक, योग सत्र, कार्यशालाएं जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया है।

द मेवरिक्स ऑफ मसूरी नामक पुस्‍तक का विमोचन

      नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि कानून के तहत लोगों को सेवा प्रदान करने की गारंटी होनी चाहिए। 

  वह आज यहां श्री एम. रामचंद्रन द्वारा लिखित पुस्‍तक ‘द मेवरिक्स ऑफ मसूरी’ का विमोचन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह किताब सामान्य पाठक को भारतीय प्रशासनिक सेवा या नौकरशाही के कामकाज करने के तरीकों से और भी बेहतर ढंग से अवगत कराने का अवसर प्रदान करती है।
   उन्होंने यह भी कहा कि इस पुस्तक में प्रोफेशनल दक्षता एवं कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ गवर्नेंस में सुधार सुनिश्चित करने को लेकर लेखक द्वारा की गई कड़ी मेहनत की भी झलक मिलती है।
     उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों को सरकार की नीतियां लागू करने में अनगिनत जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘अधिकतम शासन एवं न्यूनतम सरकार’ सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सेवाओं से जुड़े कर्मियों को अभिनव रूप से कार्य करना होगा।
  उन्होंने यह भी कहा कि इसे ‘स्टील फ़्रेम’ के रूप में वर्णित किया गया है जो समाज को एकजुट रखता है क्योंकि इसे देश के कानूनों का एक उद्देश्यपरक कार्यान्वयनकर्ता माना जाता है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में उच्च सिविल सेवा से जुड़े कर्मी राष्ट्र निर्माण में सर्वाधिक योगदान देने वालों में से एक रहे हैं।
    देश में पिछली तिमाही के दौरान जीडीपी वृद्धि दर कम रहने के कारण का उल्‍लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने एक ऐसे कॉलेज का उदाहरण दिया, जो अच्छे परिणाम पाने के लिए कदाचार में लिप्‍त रहता था। जब एक सख्त प्रिंसिपल को कॉलेज में नियुक्त किया गया तो उन्होंने सभी तरह के कदाचार बंद कर दिए और छात्र परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण हो गए। इसके परिणामस्वरूप छात्रों, शिक्षकों एवं प्रबंधन ने प्रिंसिपल को दोषी ठहराया है।