Thursday, 18 May 2017

रेल में संरक्षा व सुरक्षा की चुनौती

           रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल सुरक्षा विषयों पर गैर-रेल हितधारकों के साथ गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि रेल में संरक्षा और सुरक्षा हमेशा चुनौती का विषय रहे हैं, इसलिए इसका महत्व अधिक है। 

      उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सुनिश्चित तरीके से रेलगाड़ियों के परिचालन में अनेक चुनौतियां हैं। भारत में हमारे नेटवर्क में अनेक कमजोर सेक्शन हैं। भारतीय रेल सुरक्षा में सुधार के लिए विभिन्न हितधारकों के विचारों पर गौर कर रहा है। उदाहरण के लिए भारतीय रेल ने सुरक्षा निगरानी के लिए कोंकण रेलवे में केन्द्रीय निगरानी प्रणाली की स्थापना की है। रेलवे अब खुफिया सूचनाएं एकत्र करने और फोरेंसिक विषयों पर बल दे रहा है। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क में महिला यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के विभिन्न अतिरिक्त कदम उठा रहा है। भारतीय रेल को स्थानीय पुलिस के साथ घनिष्टता से काम करना होता है क्योंकि कानून और व्यवस्था राज्यों का विषय है। 

           भारतीय रेल में सुरक्षा की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए यह विचार आवश्यक है। रेल बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) प्रदीप कुमार ने कहा कि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, नाबालिकों, दिव्यांगजनों और बीमार व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों, की आवश्यकताओं और संवेदी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए सूक्ष्म कौशल प्रशिक्षण प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटकों विशेषकर विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी गयी है।

              आरपीएफ के महानिदेशक एस के भगत ने कहा कि बड़ी संख्या में यात्रियों की चिंताओं को दूर करने के लिए जुडना चुनौतीपूर्ण कार्य है और आरपीएफ फेसबुक, ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग कर रहा है और यात्रियों के शिकायतों के समाधान के लिए सुरक्षा हेल्पलाइन 182 स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि 182 पर कॉल में 32.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन कॉलों में चिकित्सा सहायता, यात्री सुविधा, नवजातों के दूध के लिए कॉल शामिल है और यात्रियों की संतुष्टि का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक है। 

             इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन, रेल बोर्ड के अध्यक्ष ए के मित्तल, रेल बोर्ड के सदस्य (स्टॉफ) प्रदीप कुमार, रेल बोर्ड के अन्य सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आरपीएफ के महानिदेशक एस के भगत ने सत्र के अंत में विचार-विमर्श का समापन किया। चर्चा के दौरान विभिन्न हितधारकों ने इनपुट प्रदान किये। इन्हें लागू करने के प्रयास किये जाएंगे।

स्मार्ट सिटी के विकास में स्वीडन की रूचि

            देश में स्मार्ट सिटी के विकास की पहल में अपनी दिलचस्पी व्यक्त करते हुए स्वीडन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अतिरिक्त सतत व हरित सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी विशेषज्ञता और तकनीक को अमल में लाने के लिए एक संयुक्त कार्य योजना का सुझाव दिया है। 

       स्वीडन की यूरोपीय मामले एवं व्यापार मंत्री एन लिंडे ने शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू से भेंट की। स्मार्ट सिटी के विकास संबंधी मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में भारत और स्वीडन ने सतत शहरी विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। स्मार्ट सिटी अभियान ने इस समझौता ज्ञापन को एक मूर्तरूप देने के लिए एक अवसर प्रदान किया है। 

           नई दिल्ली में स्वीडन की मंत्री ने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी परिवहन समाधान, वायु को स्वच्छ करने, स्मार्ट पार्किंग प्रणाली, वास्तविक समय सूचना प्रणाली, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम इत्यादि के क्षेत्र में उनका देश वैश्विक नेता है। 

      ये क्षेत्र भारत की स्मार्ट सिटी परियोजना का अभिन्न अंग हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि स्वीडन की कंपनी स्कैनिया जल्द ही नागपुर में 55 इथोनॉल बसों का परिचालन शुरू करेगी।

भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग समझौता

           प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और अंतर्देशीय संगठित अपराध की रोकथाम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन को पूर्वव्यापी प्रभाव से मंजूरी दी है।

        प्रस्तावित समझौता ज्ञापन सूचना, विशेषज्ञता, अनुभव आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को मजबूत बनाएगा। यह समझौता ज्ञापन उन सभी मामलों से निपटने के लिए प्रभावी फ्रेमवर्क है जिनके लिए पहचाने गए क्षेत्रों में संवाद और सहयोग अपेक्षित है। आपसी सहयोग से दोनों देशों के बीच संस्थागत संवाद को सुविधा मिलेगी।

 इस समझौते ज्ञापन के लागू होने से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद और संगठित अपराध से निजात पाने में सहायता मिलेगी।