Tuesday, 9 May 2017

लंदन स्‍टॉक एक्‍सचेंज में नितिन गडकरी

            सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी को लंदन स्‍टॉक एक्‍सचेंज द्वारा अपने मेहमानों एवं मीडिया को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। 

       बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा की गई पहल और भारत की विकास गाथा में निवेशकों को शिरकत करने हेतु दिये गये अवसरों को ध्‍यान में रखते हुए यह निमंत्रण दिया गया है। मंत्री 11 मई, 2017 को लंदन स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एलएसई) में ट्रेडिंग का शुभारंभ करेंगे। गडकरी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रथम मसाला बांड इश्‍यू की सूचीबद्धता का समय बिल्‍कुल निकट आ गया है। एलएसई में इस इश्‍यू के बांडों की सूचीबद्धता शीघ्र ही होने की संभावना है।

         मसाला बांड एक ऐसी बड़ी पहल है जिसे भारत सरकार द्वारा प्रोत्‍साहित कि‍या जा रहा है। यही नहीं, विदेशी निवेशकों के बीच मसाला बांडों की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

स्वच्छ हिमालय पर्वतारोहण दलों को हरी झंडी

           केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने भारतीय पर्वतारोही संगठन (आईएमएफ) से सतोपंथ पर्वत (7075 मीटर) के लिए चार स्वच्छ हिमालय पर्वतारोहण दल एवं एक चिकित्सा पर्वतारोहण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

       पर्वतारोहण और अन्य संबंधित साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आईएमएफ की सराहना करते हुए विजय गोयल ने कहा कि यह प्रयास न केवल साहसिक खेलों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे, बल्कि युवाओं के कौशल स्तर में भी बढ़ोतरी करेंगे। टीम के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए, मंत्री ने साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के दौरान पर्यावरणीय संबंधी समस्याओं का निपटान करने पर जोर दिया। 

            उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन न केवल युवाओं के भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान देता है, बल्कि देश के आर्थिक विकास में मदद करने की संभावनाएं भी खोलता है। आईएमएफ के अध्यक्ष कर्नल. एचएस चौहान ने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को हिमालय तक विस्तारित करने के लिए आईएमएफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आईएमएफ ने कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के लोकप्रिय स्थलों पर चार हिमालय स्वच्छता पर्वतारोहण दलों को भेजने की शुरूआत की है। 

             इसे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत ओएनजीसी द्वारा प्रायोजित किया गया है। डॉ. अनिल गुरतू के नेतृत्व में 25 गैर चिकित्सा पर्वतारोही एवं 25 ट्रेकर्स, एक अनुभवी पर्वतारोही और लेडी हार्डिंग चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर इस अभियान में 8 मई से 10 जून के बीच हिस्सा लेंगे। 

           इस अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सचिव डॉ. ए.के. दुबे, भारतीय पर्वतारोही संगठन के अध्यक्ष कर्नल एच.एस. चौहान और प्रतिष्ठित पर्वतारोही मेजर एच.पी.एस आहलुवालिया के अलावा स्कूली छात्र एवं युवा पर्वतारोही मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने बुद्ध पूर्णिमा पर बधाई दी

           राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में कहा कि बुद्ध पूर्णिमा के उल्लासपूर्ण अवसर पर मैं सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

          भगवान बुद्ध उदार, आदर्शवाद और मानवता की चिन्ता करने वाले देदीप्यमान प्रतीक हैं। तथागत द्वारा करूणा, अहिंसा और समानता के बारे में दिये गये संदेश आध्यात्मिक मुक्ति की दिशा में मानवता के मार्ग के लिए प्रकाश स्तंभ के रूप में काम कर रहे हैं। भगवान बुद्ध की समानता, प्रेम, दया और सहिष्णुता की गहन शिक्षाओं की वर्तमान समय में भी प्रासंगिकता बढ़ रही है।

              भगवान बुद्ध का संदेश हमें सच्चाई और करूणा के मार्ग पर चलने और देश की प्रगति शांति और समृद्धि के लिए एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देता है।

पीयूष गोयल वियना व लंदन के दौरे पर रहेंगे

            केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल 10 मई से लेकर 13 मई, 2017 तक ऑस्‍ट्रि‍या और ब्रिटेन के दौरे पर रहेंगे। 

           इस दौरान दोनों देशों के साथ ऊर्जा के मसले पर गहन बातचीत होगी। गोयल बुधवार यानी 10 मई 2017 को भारतीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंडलों के महासंघ (फिक्‍की) और ऑस्ट्रियाई संघीय आर्थिक मंडल (डब्‍ल्‍यूकेओ) के द्वारा आयोजित की जाने वाली निवेशक बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा, मंत्री गुरुवार यानी 11 मई, 2017 को आयोजित किये जाने वाले वियना ऊर्जा फोरम 2017 में मुख्‍य भाषण देंगे। इसके बाद संयुक्‍त राष्‍ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूनिडो) के महानिदेशक के साथ बैठक कर ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर कारोबारी अवसरों की तलाश करेंगे।

               गोयल ऊर्जा के लिए 2030 विकास एजेंडे पर होने वाली मंत्रिस्‍तरीय पैनल परिचर्चा में शिरकत करेंगे जिस दौरान एसडीजी 7, ऊर्जा की पहुंच, ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्‍यान केन्द्रित किया जायेगा। गोयल इस अवसर पर अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन और आरई इन्‍वेस्‍ट के बारे में भी बतायेंगे। गोयल 12 मई, 2017 को नियमित कारोबारी बैठकों में भाग लेने के अलावा लंदन में आयोजित की जाने वाली ऊर्जा संबंधी ब्रिटेन-भारत व्‍यावसायिक गोलमेज बैठक में भी शिरकत करेंगे, जिसका आयोजन फिक्‍की और ब्रिटिश व्‍यापार एवं निवेश (यूकेटीआई) द्वारा किया जायेगा। 

           मंत्री उसी दिन लंदन स्‍टॉक एक्‍सचेंज में एनटीपीसी के बांडों की सूचीबद्धता के भी साक्षी बनेंगे। पीयूष गोयल 13 मई, 2017 को एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की किफायती प्रकाश योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ इसका विस्‍तार उजाला (‘सभी के लिए किफायती एलईडी’ मुहिम में शामिल हुआ ब्रिटेन) के नाम से ब्रिटेन के उपभोक्‍ताओं के लिए करेंगे।

         मंत्री सार्वजनिक क्षेत्र की ईईएसएल की ओर से अगले तीन वर्षों के दौरान ब्रिटेन में 100 मिलियन पौंड का निवेश किये जाने की भी औपचारिक घोषणा करेंगे।
 

नजफगढ़ से धनसा तक दिल्ली मेट्रो

          राष्‍ट्रीय राजधानी स्थित धनसा बस स्टैंड को अगले तीन वर्षों में दिल्‍ली मेट्रो से जोड़ा जायेगा। भारत सरकार ने नजफगढ़ से धनसा बस स्टैंड तक 1.18 किलोमीटर लंबे भूमिगत मेट्रो विस्‍तार को मंजूरी दी है।

           जिस पर 565 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। वर्ष 2020 तक दिल्‍ली मेट्रो रेल निगम द्वारा इस विस्‍तार कार्य को पूरा करने की योजना है। कुल परियोजना लागत में से 107 करोड़ रुपये केन्‍द्र सरकार मुहैया करायेगी। यह राशि 50 फीसदी इक्‍वि‍टी (75.50 करोड़ रुपये) और गौण ऋण के रूप में होगी। जापानी अंतर्राष्‍ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) 323 करोड़ रुपये मुहैया करायेगी जबकि शेष राशि दिल्‍ली के राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार द्वारा उपलब्‍ध कराई जायेगी जि‍समें इक्‍वि‍टी (75.50 करोड़ रुपये) और गौण ऋण शामिल हैं। 

           नजफगढ़ से धनसा बस स्टैंड तक मेट्रो का विस्‍तार होने से हर दिन नांगलोई, धनसा, बहादुरगढ़ एवं इसके निकटवर्ती क्षेत्रों के 10,000 अतिरिक्‍त यात्रियों को इससे सफर करने का मौका मिलेगा।सितंबर 2012 में स्‍वीकृत किये गये 4.5 किलोमीटर लंबे द्वारका-नजफगढ़ मेट्रो खंड का निर्माण कार्य इसी वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की उम्‍मीद है। नजफगढ़ से धनसा बस स्टैंड तक मेट्रो विस्‍तार का निर्माण कार्य इसी वर्ष जुलाई में शुरू होने की आशा है।

शहरी विकास मंत्रालय शहरों का रहन-सहन सूचकांक जारी करेगा

          शहरी विकास मंत्रालय अगले महीने शहरों का रहन-सहन सूचकांक जारी करेगा, जो देश में ही विकसित सूचकांक पर आधारित होगा। इस आशय की घोषणा सचिव (शहरी विकास) राजीव गाबा ने यहां की। 

          गाबा स्‍थानीय सरकारों की जवाबदेही बढ़ाने पर विश्‍व बैंक द्वारा आयोजित ज्ञान साझा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। आरंभ में 140 शहरों में रहन-सहन मानकों का आकलन किया जायेगा जिनमें 10 लाख एवं उससे ज्‍यादा आबादी वाले 53 शहरों के साथ-साथ स्‍मार्ट सिटी भी शामिल होंगी। इस आकलन कार्य के लिए उपयुक्‍त एजेंसी का चयन करने हेतु मंत्रालय पहले ही निविदाएं आमंत्रित कर चुका है, जो मंत्रालय द्वारा विकसित पैमानों पर आधारित होगा। शहरी विकास मंत्रालय ने राज्‍यों और शहरों के हित में ‘शहरों में रहन-सहन मानकों के संग्रह एवं गणना की विधि’ पर एक विस्तृत दस्‍तावेज जारी किया है। 

          शहरों का आकलन 15 प्रमुख पैमानों पर किया जायेगा जो गवर्नेंस, सामाजिक बुनियादी ढांचे जैसे कि शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य एवं रक्षा तथा सुरक्षा, आर्थिक पहलुओं तथा भौतिक बुनियादी ढांचे जैसे कि आवास, खुले स्‍थल, भूमि के उपयोग, ऊर्जा एवं जल की उपलब्‍धता, ठोस कचरे के प्रबंधन, प्रदूषण इत्‍यादि से संबंधित होंगे। शहरों की रैंकिंग दरअसल रहन-सहन सूचकांक पर ही आधारित होगी जो कुल मिलाकर 79 पहलुओं को कवर करेगा। गाबा ने कहा कि देश में शहरों और कस्‍बों के बीच स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वे गवर्नेंस को बेहतर करने और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं की उपलब्‍धता पर अपना ध्‍यान केन्द्रित कर सकें। 

             विकेन्‍द्रीकरण और स्‍थानीय सरकारों को सशक्‍त बनाने के मुद्दे पर विशेष जोर देते हुए गाबा ने कहा, ‘राज्‍यों की राजधानी एवं सचिवालय में बैठकर शहरों को चलाया नहीं जा सकता और उनका प्रबंधन नहीं कि‍या जा सकता। बेहतर प्रदर्शन, जिम्‍मेदारी एवं दायित्‍व निर्वहन के लिए उन्‍हें खुद अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए।’

खेलों के लिए : ‘उड़ान-एक खेल’

          रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन ने यहां रेल मंत्रालय के अधीनस्‍थ रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) द्वारा आयोजित ‘उड़ान- एक खेल सम्‍मेलन’ का उद्घाटन कि‍या।

        रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए. के. मित्तल एवं सदस्‍य (स्‍टाफ) प्रदीप कुमार और खेल मंत्रालय में सचिव इग्‍नेती श्रीनिवास भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस सम्‍मेलन में अनेक जाने-माने खिलाड़ी जैसे कि सुशील कुमार, सुश्री मैरी कॉम, सुश्री साक्षी मलिक, भाईचुंग भूटिया, जिमनास्टिक्स कोच बी.एस. नंदी भी उपस्‍थित थे। रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड में सचिव सुश्री रेखा यादव और सेवा खेल नियंत्रण बोर्ड की ओर से कर्नल सत्‍यव्रत श्योराण भी इस अवसर पर मौजूद थे।

               इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कहा कि समस्‍त हितधारकों को एक प्‍लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से यह सम्‍मेलन आयोजित किया गया है। रेलवे को उन खिलाड़ियों पर गर्व है जिन्होंने देश का झंडा ऊंचा किया है। इस सम्‍मेलन के आयोजन का मुख्‍य उद्देश्‍य महत्‍वपूर्ण सुझावों से अवगत होना है, ताकि खेलों के लिहाज से रेलवे को एक बेहतर संगठन बनाने के लिए और ज्‍यादा अवसर प्राप्‍त हो सकें।

                रेल राज्‍य मंत्री एवं संचार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्‍हा ने इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कहा कि रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड भारत में खेलों को बढ़ावा देने में उल्‍लेखनीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि एक-तिहाई खिलाड़ी रेलवे से ही जुड़े हुए हैं। रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड इसके अलावा खेलों के लिए महिला कर्मचारियों को बढ़ावा देकर महिलाओं को सशक्‍त बना रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड के प्रयासों से भारत को खेलों में एक नये मुकाम पर पहुंचने में मदद मिल सकती है। उन्‍होंने इस सम्‍मेलन के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। 

              रेल राज्‍य मंत्री राजेन गोहेन ने इस अवसर पर कहा कि रेलवे अपने खिलाडि़यों को सर्वोत्तम अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए प्रयासरत है। रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड ने इस दिशा में अनेक कदम उठाये हैं। रेलवे को अपने उन खिलाडि़यों पर गर्व है जिन्‍होंने उपलब्धियां हासिल कर देश का मान बढ़ाया है। इस सम्‍मेलन से रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड के प्रयास और भी ज्‍यादा सार्थक साबित होंगे क्‍योंकि इसने एक संगठन के रूप में रेलवे, हितधारकों और खिलाडि़यों को एक प्‍लेटफॉर्म पर एकजुट किया है। उन्‍होंने इस सम्मेलन के आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी। 

               उन्‍होंने रेलवे में खेलों को मजबूती प्रदान करने पर विशेष जोर दिया। सम्‍मेलन में कॉरपोरेट क्षेत्र के अनेक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें मेदांत-द मेडिसिटी के सीओओ पंकज साहनी, होंडा मोटरसाइकिल के महानिदेशक (कॉरपोरेट मामले) हरभजन सिंह, स्‍टैग इंटरनेशनल के सह-चेयरमैन विवेक कोहली, ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के सीईओ वीरेन रस्किन्हा और मीडिया की जानी-मानी हस्तियां प्रदीप मैग्जीन और विक्रांत गुप्ता शामिल थे। इस दौरान ‘भारत में खेल: चुनौतियां एवं आगे की राह’ और ‘हितधारकों की एकजुटता-भारतीय खेलों के पुनरुत्थान के लिए रणनीतिक भागीदार’ पर चर्चाएं हुईं।

273.38 मिलियन टन अनाज का रिकॉर्ड उत्पादन

           मानसून 2016 के दौरान अच्‍छी वर्षा एवं सरकार द्वारा की गई विभिन्‍न नीतिगत पहलों के परिणामस्‍वरूप, मौजूदा वर्ष में देश में रिकार्ड खाद्यान्‍न उत्‍पादन हुआ है। 

            2016-17 के लिए तीसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, देश में कुल खाद्यान्‍न उत्‍पादन 273.38 मिलियन टन तक अनुमानित है जो 2013-14 के दौरान प्राप्‍त विगत 265.04 मिलियन टन रिकार्ड खाद्यान्‍न उत्‍पादन की तुलना में 8.34 मिलियन टन अधिक है। मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन विगत पॉंच वर्षों (2011-12 से 2015-16) के औसत खाद्यान्‍न उत्‍पादन की तुलना में भी 16.37 मिलियन टन अधिक है। मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन विगत वर्ष के खाद्यान्‍न उत्‍पादन की तुलना में उल्‍लेखनीय रूप से 21.81 मिलियन टन अधिक है। चावल का कुल उत्‍पादन 109.15 मिलियन टन अनुमानित है, जो एक नया रिकार्ड भी है। इस वर्ष चावल का उत्‍पादन 2013-14 के दौरान प्राप्‍त 106.65 मिलियन टन विगत रिकार्ड उत्‍पादन की तुलना में 2.50 मिलियन टन अधिक है। 

            यह पांच वर्षों के 105.42 मिलियन टन औसत उत्‍पादन की तुलना में भी 3.73 मिलियन टन अधिक है। चावल के उत्‍पादन में 2015-16 के दौरान 104.41 मिलियन टन उत्‍पादन की तुलना में 4.74 मिलियन टन की उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। गेहूँ का उत्‍पादन जो 97.44 मिलियन टन अनुमानित है, जो एक रिकार्ड है। इस वर्ष गेहूँ का उत्‍पादन 2013-14 के दौरान प्राप्‍त 95.85 मिलियन टन विगत रिकार्ड उत्‍पादन की तुलना में अधिक है। 2016-17 के दौरान गेहूँ का उत्‍पादन औसत गेहूँ उत्‍पादन की तुलना में भी 4.83 मिलियन टन अधिक है। मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन 2015-16 के दौरान प्राप्‍त 92.29 मिलियन टन गेहूँ उत्‍पादन की तुलना में 5.15 मिलियन टन अधिक है।

              मोटे अनाजों का उत्‍पादन जो 44.39 मिलियन टन के एक नए रिकार्ड स्‍तर पर अनुमानित है, औसत उत्‍पादन की तुलना में 3.04 मिलियन टन अधिक है। यह 2010-11 के दौरान प्राप्‍त 43.40 मिलियन टन के विगत रिकार्ड उत्‍पादन की तुलना में 0.99 मिलियन टन  अधिक है। मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन 2015-16 के दौरान प्राप्‍त 38.52 मिलियन टन उत्‍पादन की तुलना में भी 5.87 मिलियन टन अधिक है। सभी मुख्‍य दलहनों के क्षेत्रीय कवरेज एवं उत्‍पादकता में उल्‍लेखनीय वृद्धि के परिणामस्‍वरूप,  2016-17 के दौरान दलहनों का कुल उत्‍पादन 22.40 मिलियन टन अनुमानित है जो 2013-14 के दौरान प्राप्‍त 19.25 मिलियन टन विगत रिकार्ड उत्‍पादन की तुलना में 3.15 मिलियन टन अधिक है। 2016-17 के दौरान दलहनों का उत्‍पादन भी पांच वर्षों के औसत उत्‍पादन की तुलना में 4.77 मिलियन टन अधिक है। 

            मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन विगत वर्ष के 16.35 मिलियन टन उत्‍पादन की तुलना में 6.05 मिलियन टन अधिक है। विगत वर्ष की तुलना में 7.27 मिलियन टन की वृद्धि के साथ, देश में कुल तिलहन उत्‍पादन 32.52 मिलियन टन अनुमानित है। 2016-17 के दौरान तिलहन का उत्‍पादन पांच वर्षों के औसत तिलहन उत्‍पादन की तुलना में भी 3.27 मिलियन टन अधिक है। गन्‍ने का उत्‍पादन 306.03 मिलियन टन तक अनुमानित है जो विगत वर्ष के 348.45 मिलियन टन उत्‍पादन की तुलना में 42.42 मिलियन टन कम है। 

           2016-17 के दौरान कम क्षेत्रीय कवरेज के बावजूद, कपास की उच्‍चतर उत्‍पादकता के परिणामस्‍वरूप 2015-16 के दौरान 30.01 मिलियन गांठों की तुलना में बढ़कर 32.58 मिलियन गांठ (प्रति 170 कि०ग्रा०) वृद्धि होने का अनुमान है। पटसन एवं मेस्‍टा का 10.27 मिलियन गांठों (प्रति 180 कि.ग्रा.) का अनुमानित उत्‍पादन विगत वर्ष के दौरान 10.52 मिलियन गांठों के उत्‍पादन की तुलना में मामूली रूप से कम है।