Sunday, 23 July 2017

राष्‍ट्रपति के लिए विदाई भोज का आयोजन

          सेना प्रमुखों की समिति ने राष्‍ट्रपति और सशस्‍त्र सेनाओं के सर्वोच्‍च कमांडर के सम्‍मान में विदाई भोज का आयोजन किया।

    इस अवसर पर उपराष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री, रक्षा राज्‍य मंत्री, सेना प्रमुख, सेना के वरिष्‍ठ अधिकारी और सेवाओं तथा रक्षा मंत्रालय के सिवीलियन अधिकारी भी मौजूद थे। सादा किन्‍तु विशिष्‍ट समारोह का आयोजन मानेकशा सेंटर में किया गया।
      सशस्‍त्र सेनाओं के सुप्रीम कमांडर राष्‍ट्रपति ने सेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में हिस्‍सा लिया। सेना प्रमुखों की समिति के अध्‍यक्ष एवं सेना अध्‍यक्ष ने राष्‍ट्रपति को धन्‍यवाद दिया और कहा कि राष्‍ट्रपति सशस्‍त्र सेनाओं के सभी कर्मियों के लिए प्ररेणा स्रोत रहे हैं। 
       राष्‍ट्रपति ने अपने विदाई भाषण में कहा कि उनकी शुभकामनाएं सशस्‍त्र सेना के सदस्‍यों एवं उनके परिवारों के साथ है। उन्‍होंने राष्‍ट्र के लिए अपनी जान न्‍यौछावर करने वाले शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

विरासत के संरक्षण व स्‍लम बस्तियों के विकास पर विशेष बल

        युवा कार्य व खेल राज्‍य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि उनके मंत्रालय ने सीबीएसई से सम्‍बद्ध विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालयों को लिखा है कि वे अपने यहां स्‍काउट्स एंड गाइड्स, एनएसएस और एनसीसी की कम से कम एक इकाई अवश्‍य खोलें ताकि युवाओं के व्‍यक्तित्‍व का विकास और स्‍कूलों का पाठ्यक्रम पूर्णता प्राप्‍त कर सकें।

     युवा विकास पर अधिवेशन को संबोधित करते हुए उन्‍होंने स्‍काउट्स एंड गाइड्स संगठनों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने शुल्‍क ढांचे में बदलाव लाएं जिससे समाज के सभी वर्ग इसमें शामिल हो सकें। व्‍यक्तिगत आधार के स्‍थान पर संस्‍थान आधारित शुल्‍क ढांचे की व्‍यवस्‍था भी की जा सकती है।
          उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के ओजस्‍वी नेतृत्‍व में ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत का पालन करते हुए संयुक्‍त, सशक्‍त और आधुनिक भारत- एक भारत श्रेष्‍ठ भारत के मिशन के निर्माण पर अग्रसर है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जन-धन योजना एवं स्‍वच्‍छ भारत मिशन जैसी कई प्रमुख पहल आरंभ की गई है। 
      उन्‍होंने कहा कि भारत की समृद्ध विरासत के संरक्षण और स्‍लम बस्तियों के विकास पर विशेष बल दिया गया है। गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय युवाओं को नेतृत्‍व क्षमता और व्‍यक्तित्‍व विकास के लिए अवसर प्रदान करने के हितैषी कार्य में लगा हुआ है। राष्‍ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) स्‍वयंसेवी संगठनों के जरिए यह कार्य किया जा रहा है।
        गोयल ने भाग लेने वालों से अनुरोध किया कि वे युवाओं को प्रेरित करें तथा धरोहर, संरक्षण और स्‍लम बस्तियों को गोद लेने के कार्यक्रमों में सक्रिय साझेदारी निभाएं। उन्‍होंने कहा कि उनका मंत्रालय अंतर स्‍कूल टूर्नामेंट और अन्‍य खेल गतिविधियों के लिए दिल्‍ली के स्‍टेडियमों के उपयोग की योजना पर काम कर रहा है। इस साल अक्‍तूबर में होने वाले फीफा फुटबाल विश्‍वकप अंडर-17 का जिक्र करते हुए विजय गोयल ने कहा दिल्‍ली के स्‍कूली विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रूचि बढ़ाने और फुटबाल को बढ़ावा देने के लिए मैचों को निशुल्‍क दिखाने की व्‍यवस्‍था की जाएगी।
        उन्‍होंने बताया कि स्‍कूली विद्यार्थियों को पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर निशुल्‍क सीटें उपलब्‍ध कराई जाएंगी।गोयल ने पब्लिक स्‍कूलों से अनुरोध किया कि वे सुविधाओं से वंचित बच्‍चों को खिलौने मुहैया कराएं। पब्लिक स्‍कूलों के लगभग 1000 प्रतिनिधियों, भारतीय पुरातत्‍व संरक्षण और क्षेत्रीय निकायों के प्रतिनिधियों ने इस सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया। 
        युवा कार्य सचिव डॉ. ए के दूबे और मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने युवाओं को एनसीसी, एनएसएस, स्‍काउट्स एंड गाइड्स, सामाजिक सेवाओं और खेलों को बढ़ावा देने के विभिन्‍न उपायों पर आधारित अधिवेशनों में भाग लिया।

जीएसटी : पारदर्शिता की दिशा में एक असाधारण कदम

       केंद्रीय कपड़ा और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी का कहना है कि कोई भी व्‍यक्ति दरअसल किसी भी ऐसे व्यक्ति को परेशान नहीं कर सकता है जो जीएसटी के माध्यम से औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल होना चाहता है। 

       अहमदाबाद में जीएसटी : समावेशी विकास का एक साधन विषय पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इस प्रणाली के तहत पिछले लेन-देन की जांच नहीं की जा रही है। ईमानदार होने पर कोई सजा नहीं होगी। श्रीमती इरानी ने कहा कि अगर सरकारी एजेंसियां या अधिकारी किसी भी पिछले लेन-देन के बारे में पूछेंगे या किसी को परेशान करेंगे तो उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। 
      मंत्री ने व्यापारियों और कारोबारियों से कहा कि यदि ऐसी कोई घटना होती है तो वे सांसदों और केंद्रीय मंत्रालयों का ध्यान इस ओर आकृष्‍ट करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी सिर्फ ‘अच्छा और सरल कर’ नहीं है, बल्कि यह ‘पारदर्शिता की दिशा में एक असाधारण कदम’ है। उन्‍होंने कहा, ‘जीएसटी की खासियत है कि यह गंतव्य आधारित कर है और इसमें टैक्स क्रेडिट के माध्यम से पैसा वापस मिल जाता है।’
          कपड़ा मंत्री ने कहा कि जीएसटी (वस्‍तु एवं सेवा कर) को लागू किया जाना एक ऐतिहासिक घटना है और हमें इस तरह के ऐतिहासिक कदम का साक्षी होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जीएसटी परिषद में एक मंच पर आ गए। मंत्री ने कहा कि यदि कोई प्रणाली पारदर्शी और सरल हो तो कोई भी कर की चोरी नहीं करना चाहता है।
         उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यही बदलाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ला रही है। उन्‍होंने कहा, सरकार ने अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में कई गरीब अनुकूल कदम उठाए हैं ताकि जन धन योजना, मुद्रा योजना, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण इत्‍यादि के जरिए प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाया जा सके।जीएसटी भी इसका एक हिस्सा है। 
           श्रीमती इरानी और अन्य सरकारी अधिकारियों ने व्यापारियों और कारोबारियों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए। मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो लोग ईमानदार रहना चाहते हैं उन्‍हें चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं है। इस अवसर पर गुजरात सरकार की महिला एवं बाल कल्याण राज्‍य मंत्री श्रीमती निर्मला वाधवानी, सांसद परेश रावल, डॉ. किरीत सोलंकी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।