Sunday, 10 September 2017

पुलिस स्टेशनों को बुलेट प्रूफ जैकेट एवं वाहन प्रदान किए जाएंगे

      अनन्तनाग। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अनन्तनाग जिले में जम्मू कश्मीर पुलिस लाइन्स और सीआरपीएफ के शिविर का दौरा किया। उनके साथ राज्य के उप-मुख्यमंत्री डा. निर्मल कुमार सिंह और केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा भी उपस्थित थे। 

     जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दूसरे दिन राजनाथ सिंह ने आज जम्मू कश्मीर पुलिस लाइन में निर्धारित बैठक से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर पुलिस गश्ती दल पर कल हुए आतंकी हमले में मारे गए हवलदार इम्तियाज अहमद को भावभीनी श्रद्धाञ्जलि दी। उन्होने पिछले महिने अनन्तनाग में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए सहायक सब-इन्सपेक्टर अब्दुल रशीद को भी श्रद्धाञ्जलि अर्पित की। 
     राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के पुलिस कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोई साधारण बलिदान नही है, यह सर्वोच्च बलिदान है। उन्होने कहा कि कर्त्तव्य का पालन करते हुए की गई इस महान शहादत के लिए मेरे पास शब्द नही है। प्रधानमंत्री ने भी इन के अदम्य साहस की प्रशंसा की है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का सामना करते हुए सुरक्षा बलों ने जिस पराक्रम और साहस का परिचय दिया है उससे न केवल जम्मू कश्मीर राज्य बल्कि पूरा देश गौरवान्वित है।
      राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार को इस बात की पूरी जानकारी है कि पुलिस और सुरक्षा बल किस प्रकार चुनौतिपूर्ण माहौल में कार्य करते है। सरकार पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा और कल्याण के लिए सभी उपाय कर रही है। उन्होने बताया कि राज्य के लिए एक ट्रॉमा सेंटर की स्वीकृति दी गई है एवं राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों में बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। 
     केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य के पुलिस स्टेशनों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराएगी एवं बुलेट प्रूफ वाहन तथा जैकेट प्रदान किए जाने के लिए पर्याप्त धनराशि जारी कर दी गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कही कि आतंकवाद का सामना करते हुए जो सर्वोच्च बलिदान दिए गए है देश उनसे कभी उऋण नही सकता। कोई भी धनराशि इसकी भरपाई नही कर सकती उन्होने कहा कि हम जम्मू कश्मीर को फिर से धरती का स्वर्ग बनाएंगे इस लक्ष्य को हासिल करने से कोई भी ताकत हमे नहीं रोक सकती। 
    राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साल के भीतर वे पाँचवी बार राज्य का दौरा कर रहे है। उन्होने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि केन्द्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। जवानों की आवास समस्या भी दूर की जाएगी।
     केन्द्रीय गृह मंत्री ने बाद में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 90 बटालियन शिविर में सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि साहस कोई ऐसी वस्तु नही जिसे बाजार से खरीदा जा सकें। उन्होने जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आम बेजोड़, अप्रतिम साहस की अपराजेय की क्षमता के साथ जन्मे है। 
    उन्होने यह आश्वस्त किया की केन्द्र सीआरपीएफ के कार्मिकों को और सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। सरकार राज्य के सीआरपीएफ कार्मिकों को हेलिकॉप्टर सुविधा प्रदान करने पर विचार कर रही है। उन्होने यह भी कहा कि मेरा यह लक्ष्य है कि मैं शहीदों के परिवारों को कम से कम 1 करोड़ रुपये सी.ए.पी.एफ. के जरिए उपलब्ध करवाऊ। 
    उन्होने कहा कि सरकार ने भारत के वीर पोर्टल जारी किया है जिससे हमारे शहीदों के परिवारों को समर्थन मिल सके। इससे पहले राज्य जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक डा. एस.पी.वैध ने पुलिस कार्मिकों के परिवारों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अहमदाबाद स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के विशिष्ट योगदान की प्रशंसा

     अहमदाबाद। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्वतन्त्र प्रभार), कार्मिक लोक शिकायत व पेंशन, परमाणु ऊर्जा व अन्तरिक्ष राज्य मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह ने भारत के अन्तरिक्ष कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मूलभूत मौलिक जानकारी प्रदान करने के लिए एवं आई.एस.आर.ओ. श्रीहरिकोटा से आरम्भ किए गए विभिन्न प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन के लिए, बहुउपयोगी सूचनाएं प्रदान करने के वास्ते स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (एस.ए.सी.) अहमदाबाद द्वारा किये गए बहुमूल्य योगदान की प्रशंसा की है। 

     वर्तमान में गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर, डा. जितेन्द्र सिंह ने स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के वैज्ञानिकों के साथ, इसके निदेशक डा. तपन मिश्रा के नेतृत्व में सविस्तार समीक्षात्मक बैठक की। डा. जितेन्द्र सिंह ने युद्धनीति विषयक कार्य व आपदा प्रबन्ध, ऑप्टिकल ट्रान्सीवर उपग्रह मोबाइल रेडियो इत्यादि के लिए, ओरिगेमी लैंस, स्वदेशी विकसित एम.एम.आई.सी., एयरबॉर्न लो मास एक्स बैंड मिनी- एस.ए.आर. के सम्बन्ध में, एस.ए.सी. द्वारा विकसित कुछ आधुनिकतम प्रौद्योगिकी पर विशेष प्रशंसात्मक टिप्पणी की। 
    अहमदाबाद स्पेस सेंटर व गुजरात राज्य में चल रहे अन्य अंतरिक्ष विज्ञान कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यह राज्य पहले से ही शिक्षा कार्यों के लिए अंतरिक्ष संचार के अधिकतम उपयोग में अग्रणी था। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वही कार्य पूर्वोत्तर व पर्वतीय राज्यों के परिधीय क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से विस्तारित किए गए हैं। 
     इस संबंध में, उन्होने भारत सरकार के अंतरिक्ष विभाग के साथ शिक्षा विभाग, जम्मू एवं कश्मीर सरकार द्वारा हस्ताक्षरित किए गए सहमति पत्र का उल्लेख किया। डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पहले से ही विश्व नायक बन कर उभरा है। इसने न केवल, डा. विक्रम साराभाई व डा. सतीश धवन जैसे संस्थापकों के महान प्रयासों को प्रस्तुत किया है बल्कि अन्य देशों के सामने एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है कि कैसे अंतरिक्ष विज्ञान को गैर स्पेस सैटलाइट मिशन कार्यक्रमों के लिए प्रयोग किया जा सकता है। 
     डा. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान अंतरिक्ष विभाग अन्य मंत्रालयों के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर चुका है। इसने भारत सरकार के विभिन्न महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों जैसे स्मार्ट सिटी कार्यक्रम, जी.ई.ओ.-एम.एन.आर.ई.जी.ए., टेली एजुकेशन व टेली-मैडिसिन के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग को प्रभावी रूप से योग्य बनाया है। 
    एस.ए.सी. अहमदाबाद के निदेशक डा. तपन मिश्रा, अपने वरिष्ठ वैज्ञानिकों/अधिकारियों के दल के साथ भाग लिया। इस दौरान डा. पीयूष वर्मा, डा. डी.के.दास, राजीव ज्योति, सरकार एस, राज कुमार व अन्य इस समीक्षात्मक बैठक में उपस्थित थे।

रक्षा मंत्री ने नाविका सागर परिक्रमा को झंडी दिखाकर रवाना किया

      गोवा। रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने दोपहर 1 बजे गोवा से भारतीय नौ सेना के पोत वाहक जहाज तरिणी (आईएनएसवी तरणी) को झंडी दिखाकर रवाना किया। 

      गोवा के आईएनएस मंडोवी नौका पूल से रवाना किए गए इस पोत की विशेषता यह है कि इसमें सभी महिला क्रू शामिल है। पहली बार भारतीय नौसेना के पोत वाहक जहाज आईएनएसवी तरिणी पूरे संसार की जल यात्रा के लिए चालक दल की सभी महिला सदस्‍यों के नेतृत्‍व में निकला है। समुद्री यात्रा की समाप्‍ति पर इस जहाज के अप्रैल, 2018 में वापस गोवा लौटने की आशा है। 
      यह अभियान पांच चरणों में पूरा होगा। यह आस्‍ट्रेलिया के फ्रीमेनटेली, न्‍यूजीलैंड लाइटलेटन, पोर्टसिडनी के फॉक्‍ लेंड्स और दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन आदि चार बंदरगाहों पर रूकेगा।
      इस अवसर पर गोवा के मुख्‍यमंत्री मनोहर पर्रिकर नौ सेना अध्‍यक्ष एडमिरल सुनील लांबा, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल ए.आर.करवे, दक्षिणी नौ सेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल आर.हरि कुमार और नौ सेना के सेवानिवृत्‍त एवं सेवारत अधिकारियों के साथ-साथ सिविलियन गणमान्‍य व्‍यक्‍तियों, क्रू चालक दल एवं सेलर्स के पारिवारिक सदस्‍य भी मौजूद थे।
     इस अवसर पर आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह दिन हमारे देश के इतिहास का ऐतिहासिक दिवस है। यह विश्‍व के नौपरिवहन इतिहास में दर्ज होगा आज विश्‍व के समक्ष हमारी महिलाएं उस कार्य का संचालन कर रही है जिसके बारे में विश्‍व की अधिकतर नौसेना सोच भी नहीं पाती है‘। निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि इस पहल के लिए मैं भारतीय नौ सेना की प्रशांसा करती हूं कि मैं उन अनुभवी परामर्शताओं और प्रेरकों की सराहना करती हूं जिन्‍होंने इन साहसी और निर्भीक महिलाओं को प्रेरणा दी और प्रशिक्षण दिया। 
    उन्‍होंने कहा कि इस ऐतिहासिक महत्‍वपूर्ण अवसर पर मौजूद होना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं चालक दल की महिला सदस्‍यों को सफलता की शुभकामनाएं देती हूं। नौसेना अध्‍यक्ष एडमिरल सुनील लांबा ने भारतीय नौसेना की समुद्री यात्रा अभियानों की शानदार परंपरा पर संतोष व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि 1988 में समुद्र अभियान के साथ इसका शुभारंभ हुआ था। इस ऐतिहासिक समुद्र यात्रा की शुरूआत पहली बार अकेले कैप्‍टन दिलीप डोंडे (सेवानिवृत्‍त) ने की थी। 
      इसके साथ कमांडर अभिलाष डोमी ने संसार की जलयात्रा में नौराष्‍ट्रों को जलमार्ग के जरिए बिना रूके साहस के साथ पूरा किया था। उन्‍होंने कहा कि सभी महिला क्रू का यह अभियान पहले के प्रयासों विस्‍तारित रूप है। यह महिला सशक्‍तिकरण- नारी शक्‍ति दिशा में किए जा रहे सरकार के प्रयासों का प्रतिबिंब है। आईएनएसवी तरिणी 55 फुट का जलयान है इसे स्‍वदेशी तकनीक से बनाया गया है।
     इसे इसी वर्ष के आरंभ में भारतीय नौ सेना में शामिल किया गया है। विश्‍व के फॉरम पर यह मेक-इन-इंडिया पहल को प्रदर्शित करता है। आईएनएसवी तरिणी के दल में कप्‍तान लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी एवं क्रू सदस्‍यों में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी. स्‍वाति, लेफ्टिनेंट एस. विजयादेवी, लेफ्टिनेंट बी. ऐश्‍वर्या एवं लेफ्टिनेंट पायल गुप्‍ता शामिल हैं।
      समुद्र यात्रा के दौरान चालक दल गहरे समुद्र में प्रदूषण की जांच करेगा और इस संबंध में रिपोर्ट देगा समुद्री सेलिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्‍न बंदरगाह पड़ावों पर स्‍थानीय पी.आई.ओ. के साथ व्‍यापक विचार-विमर्श भी करेगा। इस दौरान यह साहसिक दल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमबी) को मौसम के पूर्वानुमान की सही जानकारी प्रदान करने के लिए मौसम विज्ञान समुद्री लहरों के बारे में नियमित रूप से आंकड़े इकट्टा करेगा। 
      उन्‍हें लगातार नवीन जानकारी भी उपलब्‍ध कराएगा। इससे अनुसंधान और विकास संगठनों को विश्‍लेषण में भी मदद मिलेगी। इस अभियान का विषय नाविका सागर परिक्रमा रखा गया है यह महिलाओं का उनकी अंतनिर्हित शक्‍ति के जरिए सशक्‍तिकरण किए जाने की राष्‍ट्रीय नीति के अनुरूप है।
      इसका उद्देश्‍य भारत में महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्‍टिकोण और सोच में बदलाव लाना है। समुद्री यात्रा में पर्यावरण हितैषी गैर परपंरागत ऊर्जा स्रोतों के इस्‍तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्‍य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना भी है।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने वालों की संख्या तीन गुना

    नई दिल्ली। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने नेशनल कन्जूमर हेल्पलाइन (एनसीएच) के बारे में बताने के लिए नई दिल्ली में पत्रकार सम्मेलन किया।

   मीडिया से बातचीत करते हुए पासवान ने कहा कि आगामी अक्टूबर से 6 जोनल हेल्पलाइन्स शुरू की जाएगी। प्रत्येक जोनल हेल्पलाइन में 10 उपभोक्ता डेस्क होंगे। इस तरीके से 60 उपभोक्ता डेस्क, देश में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के अलावा अतिरिक्त कार्य करेंगे। 
  पासवान ने जानकारी दी कि पहले 14 एनसीएच काउन्टर्स, उपभोक्ताओं की जन-शिकायतों के समाधान का कार्य कर रहे थे, इसे अब 60 तक बढ़ा दिया गया है। उन्होने कहा कि पहले प्रतिक्रिया का औसत समय 7 मिनट के लगभग लिया जाता था, जो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में अब लगभग तुरन्त मिल जाता है।
    पासवान ने बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने वालों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में 2014 में उपभोक्ताओं से 1.30 लाख शिकायते प्राप्त की जो 2017 में बढ़ कर 3 लाख हुई। मंत्री ने कहा कि मार्च 2018 से 18 राज्यों को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन से जोड़ा जाएगा।

जम्मू एवं कश्मीर के लिए 63,000 करोड़

     जम्मू एवं कश्मीर। केन्द्रीय गृह मन्त्री राजनाथ सिंह जम्मू एवं कश्मीर की चार दिन की यात्रा पर श्रीनगर पहुँचे। राज्य के उपमुख्यमन्त्री डा. निर्मल कुमार सिंह, वरिष्ठ मन्त्री अब्दुल रहमान वीरी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की।

   श्रीनगर रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने एक ट्वीट में कहा कि मैं यहां खुले मन से आया हूँ, मैं उस हर व्यक्ति से मिलने का इच्छुक हूँ जो जम्मू एवं कश्मीर की समस्याओं के हल में हमारी मदद कर सकते है। पहुँचने के तुरन्त बाद केन्द्रीय गृह मन्त्री ने राज्य की मुख्यमन्त्री सुश्री महबूबा मुफ्ती के साथ लगभग एक घण्टे चर्चा की।
          राजनाथ सिंह ने बाद में मुख्यमन्त्री के साथ जम्मू एवं कश्मीर के लिए मुहैय्या कराये गए प्रधानमन्त्री विकास पैकेज के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की। इस अवसर पर उपमुख्यमन्त्री डा. निर्मल कुमार सिंह, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्य सचिव बी.बी.व्यास और गृह मन्त्रालय तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
    गृह मन्त्री ने अधिकारियों से कहा कि वे समयबद्ध तरीके से प्रधानमन्त्री विकास पैकेज को लागू करें, इससे जम्मू एवं कश्मीर के लागों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने 07 नवम्बर, 2017 को जम्मू एवं कश्मीर के लिए 80,068 करोड़ रूपये का पैकेज प्रदान किया था। इसके तहत 63 परियोजनाओं को कवर किया जाना है। 
    केन्द्र सरकार ने अब तक विभिन्न परियोजनाओ के लिए 63,000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। जो इस पैकेज की पूर्ण राशि का 78 प्रतिशत है। अब 22,000 करोड़ रूपये की राशि जारी की जानी है। प्रधानमन्त्री विकास पैकेज 2015 के दो साल बाद 63 में से पाँच परियोजनाए पूरी कर दी गई है। इन में प्रतिष्ठित चेनानी-नशरी सुरंग का कार्य भी शामिल है। इस पर 781 करोड़ रुपये की लागत आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-1ए पर जम्मू उधमपुर सेक्शन की चार लेन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

प्रत्येक शहर को स्मार्ट शहर बनना चाहिये

       रांची। भारत के उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रत्येक शहर को स्मार्ट सिटी बनना चाहिये। हमें इस दिशा में प्रयास करना चाहिये।

     झारखण्ड के रांची में रांची स्मार्ट सिटी के लिये भूमि पूजन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुये उन्होंने ऐसा कहा। उन्होंने रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र में अर्बन सिविक टॉवर, कन्वेन्शन सेंटर और झारखण्ड शहरी नियोजन एवं प्रबंधन संस्थान की आधारशिला भी रखी। झारखण्ड की राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री रघुबर दास, झारखण्ड सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्री सीपी सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
    उप राष्ट्रपति ने कहा कि झारखण्ड राज्य में प्राकृतिक सौंदर्य की बहुलता है। भारत की 40 प्रतिशत खनिज संपदा राज्य में ही है। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा का प्रयोग जन कल्याण विशेषकर के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिये होना चाहिये। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की सफलता के लिये पारदर्शिता और सुव्यवस्थित प्रणाली की भी जरूरत है। 
    उप राष्ट्रपति ने कहा कि स्मार्ट सिटी की मतलब सुंदरता जहां पर हर प्रकार की सुविधा नागरिकों के लिये उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, शिक्षा की उत्तम व्यवस्था, चिकित्सा एवं परिवहन की सुविधायें उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये सरकार के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों और जनता की भूमिका अहम है। सभी को मिलकर इसके विकास के लिये काम करना चाहिये।
     उप राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिये कोई स्थान नहीं है। जो हिंसा फैलाते हैं, उन्हें किसी भी हाल में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा अहम है और विकास के लिये शांति की जरूरत है।