Thursday, 5 January 2017

जापान के सहयोग से चेन्नई, अहमदाबाद, वाराणसी बनेंगे 'स्मार्ट सिटी"


             जापान ने स्‍मार्ट सिटी के रूप में चेन्‍नई, अहमदाबाद और वाराणसी के विकास कार्यों से जुड़ने का निर्णय लिया है। 

इस आशय की जानकारी भारत में जापान के राजदूत केंजी हीरामत्‍सु ने शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू को दी। हीरामत्‍सु ने कहा कि जापान भारत सरकार के शहरी विकास से जुड़े कदमों में काफी दिलचस्‍पी रखता है। उसने इसमें एक भागीदार बनने का फैसला किया है। ब्रिटेन के उच्‍चायुक्‍त डोमिनिक एसक्‍विथ ने भी वेंकैया नायडू से मुलाकात की। उन्‍होंने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री सुश्री थेरेसा मे की हालिया भारत यात्रा के दौरान शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग पर दोनों देशों के बीच हस्‍ताक्षरित सहमति-पत्र (एमओयू) को मूर्त रूप देने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया। 

           उन्‍होंने कहा कि स्‍मार्ट सिटी के विकास के लिए सरकारी स्‍तर पर सहयोग को संस्‍थागत रूप देने की व्‍यापक संभावनाएं हैं। अब तक कई प्रमुख देश 15 स्मार्ट शहरों के विकास से जुड़ने के लिए आगे आ चुके हैं। इनमें अमेरिकी व्यापार विकास एजेंसी (यूएसटीडीए), ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी शामिल हैं। 'स्मार्ट सिटी" में विशाखापत्तनम, अजमेर एवं इलाहाबाद, पुणे, अमरावती (आंध्र प्रदेश) एवं इंदौर, चंडीगढ़, पुडुचेरी एवं नागपुर और भुवनेश्वर, कोयंबटूर एवं कोच्चि शामिल हैं।

कंबोडिया में भारतीय संस्कृति के इन्द्रधनुषी रंग दिखेंगे

         कंबोडिया में भारतीय संस्कृति के इन्द्रधनुषी रंग दिखेंगे। जी हां, भारत 'सांस्कृतिक इन्द्रधनुष" लेकर शीघ्र ही कंबोडिया जाएगा।

           इसके तहत  कंबोडिया में ‘भारत महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा । यह आयोजन ‘भारत महोत्सव’ के तौर पर होगा। ‘भारत महोत्सव’ 10 जनवरी से 16 फरवरी, 2017 तक कंबोडिया में आयोजित किया जाएगा। महोत्‍सव के दौरान आयोजित किए जाने वाले विशेष कार्यकमों में ‘रामायण’ पर नाटक का मंचन , राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य समूह (नृत्य समूह के साथ-साथ मांगनियार समूह), शास्त्रीय नृत्य शामिल हैं। 

         इस दौरान भगवान बुद्ध के जीवन, शिक्षाओं और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाने के लिए एक बौद्ध महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा। ‘धम्म दर्शन’ वाली एक प्रदर्शनी है। इसके साथ ही इस दौरान भारत में बौद्ध धार्मिक/धरोहर स्थलों पर फोटो प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस महोत्‍सव में शिरकत करने वालों को हर तरह का मनभावन अनुभव कराने के लिए एक ‘खाद्य महोत्सव’ भी आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कंबोडिया के तीन शहरों नॉम पेन्ह, सिएम रीप और बत्‍तामबैंग में किया जाएगा।

एलपीजी उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान पर छूट

              इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी उपभोक्ताओं को 5 रुपये की अग्रिम छूट देने की पेशकश की है जो अपना एलपीजी सिलेंडर ऑनलाइन बुक कर ऑनलाइन भुगतान करेंगे।

         ग्राहक सिलिंडर रिफिल की वेब बुकिंग के समय उसका भुगतान मौजूदा ऑनलाइन मोड जैसे- नेट बैंकिग, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के माध्यम से कर सकते हैं। बुकिंग के दौरान ग्राहकों को उनको मिलने वाली छूट (5 रुपये) स्क्रीन पर दिखायी देगी। भुगतान के दौरान उन्हें 5 रुपये का कम भुगतान करना होगा। छूट में मिलने वाली राशि का विवरण गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के समय मिलने वाले कैश मेमो में भी दिखाई देगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन आने वाली सभी तेल विपणन कंपनियों का लक्ष्य ग्राहकों को तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म की तरफ आकर्षित करना है तांकि नो-कैश या लैस-कैश लेनदेन के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। इस छूट से अधिक से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को कैशलेस मोड के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। 

           भारत सरकार ने हथकरघा बुनकरों के लिए "बुनकर मित्र" हेल्पलाइन ने शुरू की है। हथकरघा बुनकरों के लिए भारत सरकार की हेल्पलाइन "बुनकर मित्र", ने कामकाज शुरू कर दिया है। इस हेल्पलाइन का केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने  'सुशासन दिवस' पर शुभारंभ किया था। श्रीमती इरानी ने कहा कि यह हेल्पलाइन प्रौद्योगिकी, युवा और परंपरा का एक मिश्रण है। यह हेल्पलाइन देश के हथकरघा बुनकरों को कोई पूछताछ करने और मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए संपर्क का एकल बिंदु उपलब्ध कराती है। 

          इस हेल्पलाइन से टोल फ्री नंबर 1800-208-9988 डायल करके संपर्क किया जा सकता है। बुनकर देश के किसी भी हिस्से से कितनी भी संख्या में कॉल कर सकते हैं। यह सेवा सप्ताह के सातों दिन प्रातः दस बजे से सायं छह बजे तक हिन्दी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़ और असमिया सात भाषाओं में है। इस हेल्पलाइन से तकनीकी मुद्दों पर सहायता, सुविधाओं के लिए मार्गदर्शन, कच्चे माल की आपूर्ति, क्रेडिट सुविधा प्राप्त करना, गुणवत्ता नियंत्रण, विपणन संपर्कों तक पहुंच, विभिन्न योजनाओं और प्रक्रियाओं का लाभ उठाने के बारे में जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध हैं।