Sunday, 24 December 2017

भारतीय राष्‍ट्रवाद की भावना से प्रेरित होकर एकता की भावना के साथ प्रयास करें

    महाराष्‍ट्र। उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने इस बात पर बल देते हुए कहा कि भारतीय नागरिक होने का अर्थ आध्‍यात्मिक होना है, क्‍योंकि यह संकीर्ण और विभेदकारी मानसिकताओं से ऊपर उठकर एक वृहद पहचान बनाने हेतु प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है। 

    महाराष्‍ट्र में आज दूसरे वैश्वि‍क साईं मंदिर शिखर सम्‍मेलन में मुख्‍य अतिथि के तौर पर श्री नायडू ने अपने संबोधन में आध्‍यात्मिक खोज और राष्‍ट्रवाद की समानताओं को रेखांकित किया।
   श्री नायडू ने कहा कि शिरडी साईं बाबा ने हिन्‍दूवाद और सूफीवाद के तत्‍वों को मिलाकर एक सर्वशक्तिमान ईश्‍वर– ‘सबका मालिक एक’ (एक ईश्‍वर सभी पर शासन करता है) का संदेश प्रचारित किया। बाबा के संदेश का अर्थ मानवता की एकता के सिद्धांतों में ही विश्‍व के सभी धर्मों के मुख्‍य तत्‍व समाहित हैं। आध्‍यात्मिकता का अर्थ ‘उच्‍च सत्‍य’ को जानने का प्रयास करना है और स्‍वयं के साथ शांति स्‍थापित करना है। 
    श्री नायडू ने कहा कि राष्‍ट्रवाद, चेतना के उच्‍च स्‍तर को प्रोत्‍साहित करता है। श्री नायडू ने कहा कि शिरडी साईं बाबा ने व्‍यक्तियों की मन की चिंताओं को दूर करने का रास्‍ता दिखाया है। भारत सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक मामलों में चुनौतियों का सामना कर रहा है। 
     इन पर विजय पाने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि सभी भारतीय राष्‍ट्रवाद की भावना से प्रेरित होकर एकता की भावना के साथ प्रयास करें। नए भारत के निर्माण के लिए एक प्रकार की आध्‍यात्मिक उच्‍चता की आवश्‍यकता है।
    श्री नायडू ने कहा है कि भारतीय सभ्‍यता में ‘सर्वजन सुखिनो भवंतु’ तथा ‘वसुधैव कुटुम्‍बकम’ का सिद्धांत बहुत पहले से रहा है। सभी भारतीय इन सिद्धांतों से प्रेरणा पाते हैं। उपराष्‍ट्रपति ने साईं बाबा के भक्‍तों से उनके शांति, एकता और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने से सम्‍बन्धित शपथ लेने की अपील की।

नोएडा और दक्षिण दिल्‍ली के बीच यात्रा समय में कमी आएगी

   नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 25 दिसम्‍बर को दिल्‍ली मेट्रो की नई मेजंटा लाइन के एक हिस्‍से का उद्घाटन करेंगे। यह लाइन नोएडा में बोटोनिकल गार्डन को दिल्‍ली के कालका जी मंदिर से जोड़ेगी। 

  इससे नोएडा और दक्षिण दिल्‍ली के बीच यात्रा में लगने वाले समय में महत्‍वपूर्ण कमी आएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नोएडा में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
   नई लाइन के चालू हो जाने से देश में शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने में सरकार के प्रयासों में एक ओर अध्‍याय जुड़ जाएगा। यह लाइन प्रौद्यागिकी केंन्द्रित और पर्यावरण के अनुकूल तीव्र शहरी परिवहन प्रणालियों की दिशा में एक कदम सिद्ध होगी। 2017 में यह तीसरी मेट्रो लाइन है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे, इससे पहले उन्‍होंने जून में कोच्चि मेट्रो और नवम्‍बर में हैदराबाद मेट्रो राष्‍ट्र को समर्पित की थी। इन दोनों अवसरों पर प्रधानमंत्री ने जनसभा के स्‍थल पर पहुंचने से पहले नई मेट्रो लाइनों से कुछ दूरी तक यात्रा की थी।
      नरेन्‍द्र मोदी राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपने कार्यक्रमों में हिस्‍सा लेने के लिए मेट्रो से सफर करते हैं। जून 2016 में प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्‍ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने दिल्‍ली से गुरूग्राम तक यात्रा की थी जहां उन्‍हें संयुक्‍त रूप से इंटरनेशनल सोलर एलाइंस के मुख्‍यालय की आधारशिला रखनी थी। 
    हाल ही में अप्रैल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्‍कम टर्नबुल ने अक्षरधाम मंदिर तक मेट्रो से सफर किया था। तीव्र परिवहन प्रणालियों के जरिए कनेक्टिविटी बढाने के लक्ष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए पिछले साढ़े तीन वर्ष की अवधि में करीब 165 किलोमीटर की दूरी कवर करने वाली नौ मेट्रो परियोजनाएं चालू की हैं। 
   पांच नई मेट्रो रेल परियाजनाओं का अनुमोदन किया गया है जिनसे 140 किलोमीटर लम्‍बी मेट्रो लाइन का निर्माण होगा। अगले दो वर्षों में करीब 250 किलोमीटर लम्‍बी मेट्रो लाइनों को चालू करने का प्रस्‍ताव है।