Thursday, 8 March 2018

महिला उद्यमियों के लिए उद्यम सखी पोर्टल का शुभारंभ

   नई दिल्ली। अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सूक्ष्‍म,लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय एमएसएमई की ओर से आज भारतीय महिला उद्यमियों के लिए एक पोर्टल शुरु किया गया।

   एमएसएमई राज्‍य मंत्री गिरिराज सिंह ने आज यहां एक कार्यक्रम मे पोर्टल का शुभारंभ किया। श्री सिंह ने इस अवसर पर कहा कि‍ देश में इस समय 80 लाख ऐसी महिलाएं हैं जिन्‍होंने अपना कारेाबार शुरु किया है सफलातपूर्व उसे चला रही हैं।
   उन्‍होंने कहा कि‍ एमएसएमई मंत्रालय का मानना है कि भारतीय महिलाएं देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
  पोर्टल के जरिए एक ऐसा नेटवर्क बनाने का प्रयास किया गया है जिसके जरिए उद्यमशीलता को बढावा दिया जा सके और साथ ही महिलाओं को स्‍वालंबी और सशक्‍त बनाने के लिए कम लागत वाली सेवाओं और उत्‍पादों के लिए कारोबार के नए मॉडल तैयार किए जा सकें। पोर्टल के जरिए महिला उद्यमि‍यों को कारोबार शुरु करने के लिए आवश्‍यक प्रशिक्षण,निवशेकों से सीधे संपर्क,बाजार सर्वेक्षण सुविधा तथा तकनीकी सहयोग जैसी मदद उपलब्‍ध करायी गयी है।
     मंत्रालय में सचिव डाक्‍टर अरुण कुमार पांडा ने इस मौके पर महिला उदृयमि‍यों को संबोधित करते हुए कहा कि‍ मंत्रालय खादी,ग्रामीण तथा कॅयर उद्योग सहित पूरे एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
   इस काम में अन्‍य मंत्रालयों,राज्‍य सरकारों और सभी हितधारकों से मदद ली जा रही है। इस अवसर पर मत्रालय की संयुक्‍त सचिव अल्‍का अरोड़ा तथा अतिरिक्‍त विकास आयुक्‍त अनंत शेरखाने भी उपस्थित थे।

वीएलई की संख्‍या दोगुनी होकर 47 हजार से एक लाख हो जाएगी

   नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स,सूचना प्रौद्योगिकी और विधि तथा न्‍याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद और सूचना एवं प्रसारण तथा कपडा मंत्री श्रीमती जुबिन ईरानी ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर "स्त्री स्वाभिमान- महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) की एक पहल पर आज एक कार्यशाला" का उद्घाटन किया।

   कार्यशाला में सीएससी के माध्यम से महिला ग्रामीण उद्यमियों द्वारा देश की गरीब और वंचित महिलाओं के बीच स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्छता को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्यों की प्रगति और प्रभाव को दर्शाया गया।
   श्री प्रसाद ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ ही उनके स्‍वास्‍थ्‍य और स्‍वच्‍छता को बढावा देने के लिए स्‍त्री स्‍वाभिमान परियोजना के तहत सैनिटेरी नैपकीन बनाने वाली इकाईयां लगाने के ग्रामीण महिला उद्मियों के प्रयासो की सराहना की। स्‍वच्‍छ भारत अभियान तथा डिजी धन अभियान जैसे सरकारी अभियानो के साथ बडे पैमाने पर लोगों को जोड़ने की वीएलई की ताकत का जिक्र करते हुए श्री रविशंकर ने कहा कि आज देश में ऐसी महिलाओं की संख्‍या 47 हजार है। मैं चाहता हूं कि देश में इनकी संख्‍या बढकर एक लाख से ज्‍यादा हो जाए। 
  मंत्री ने कहा, "डिजिटल इंडिया" अभियान में महिलाओं के लिए अग्रिम स्‍थान सुनिश्‍चित करने से एक नया सामाजिक बदलाव आएगा जहां वे भेदभाव से मुक्त समाज के निमार्ण का वाहन बनेंगी। डिजिटल रूप से सशक्त महिलाएं ग्रामीण समुदायों को सशक्‍त बनाने की भूमिका निभा सकेंगी। कार्यशाला में देश भर से आयी लगभग 700 वीएलई जिनमें से कई ने सैनिटरी नैपकिन इकाइयां स्थापित की हैं के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कयी वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
     सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती ईरानी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला ग्रामीण उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा,"मेरा मानना है कि हर दिन महिला दिवस है। महिला सशक्तिकरण, खासकर ग्रामीण भारत में रहने वाली महिलाओं का सशक्तिकरण, हमारी सरकार का प्रमुख उद्देश्‍य है। सरकार ने देश में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के लिए स्वच्छता से जुड़े दिशानिर्देश तैयार किए हैं। 
   उन्‍हेंने इस अवसर पर बंजारा समुदाय की महिलाओं के बीच "वीएलई" स्नेहलता देवी की पहल चुप्‍पी तोड़ो, सयानी बनो "का उल्लेख करते हुए कहा, "महिला वीएलई शासन का पहला पाठ पढ़ा रही हैं।" उन्होंने कहा, "पिछले तीन सालों में, 16 करोड़ से अधिक महिलाएं जन धन योजना के माध्यम से बैंक खाते खोल चुकी हैं। इसी तरह, हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई मुद्रा योजना से, 7.80 करोड़ महिला उद्यमी तैयार हुयी हैं।
     श्रीमती ईरानी ने "परिवर्तन का वाहक बनी महिला वीएलई के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इस महीने 11 तारीख को बेंगलूर के पास एक महिला वीएलई द्वारा चलाया गये सामान्‍य सेवा केन्‍द्रका का दौरा करने का वादा किया। उन्‍होंने कहा, "मुझे आपके केन्‍द्र पर आकर एक कप चाय पीने से खुशी मिलेगी।"

राजस्थान के झुंझुनू में राष्ट्रीय पोषण मिशन तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान

   झुंझुनू। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनू में आज राष्ट्रीय पोषण मिशन का शुभारंभ किया और साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के विस्तार की शुरूआत भी की। 

   प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रौद्योगिकी के जरिये पूरा देश आज झुंझुनू से जुड़ गया है। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के विस्तार के लिए झुंझुनू जिला प्रशासन द्वारा किये गए कार्यों की सराहना की और इस अभियान से जुड़ने के इच्छुक जिलों के अधिकारियों से मुलाकात भी की।
   उन्होंने अभियान की सफलता के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रमाण पत्र प्रदान किये। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कार्यक्रम की लाभार्थी माताओं और बालिकाओं से बातचीत भी की। 
    प्रधानमंत्री ने कहा कि लड़के और लड़कियों के बीच किसी तरह के भेद भाव का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। उन्होंने लड़को के समान ही लड़कियों के लिए भी गुणवत्ता युक्त शिक्षा की पहुंच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां बोझ नहीं हैं वे हमारे देश के लिए गौरव और समृद्धि का जरिया बन रही हैं। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बच्चों को पोषक आहार दिये जाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ‘मिशन इंद्रधनुष’ के जरिये महिलाओं और बच्चों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया ने इस अवसर पर कहा कि एक महती योजना का शुभारंभ करने तथा दूसरी योजना के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान का चुनाव किये जाने से उन्हें बेहद खुशी हुई है। 
   उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री के प्रयासों का राजस्थान सरकार हमेशा समर्थन करती रहेगी।