Friday, 17 February 2017

गाम्बिया के स्‍वतंत्रता दिवस पर राष्‍ट्रपति का संदेश

            राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस्‍लामिक गणराज्‍य गाम्‍बिया के स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर वहां की सरकार और जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। 

         इस्‍लामिक गणराज्‍य गाम्‍बिया के राष्‍ट्रपति महामहिम अदामा बैरो को भेजे अपने संदेश में राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है, ‘भारत सरकार, भारत की जनता और अपनी तरफ से मैं इस्‍लामिक गणराज्‍य गाम्‍बिया के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आपको और आपके देश की जनता को बधाई देता हूं। 

            मुझे विश्‍वास है कि हमारे नजदीकी और दोस्‍ताना द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत होते रहेंगे। महामहिम, मैं आपके स्‍वास्‍थ्‍य तथा इस्‍लामिक गणराज्‍य गाम्‍बिया की जनता की प्रगति तथा समृद्धि की कामना करता हूं।’

फल उत्पादन 90 मिलियन टन होने का अनुमान

             कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 2015-16 के अंतिम अनुमान और 2016-17 के लिए बागवानी फसलों के उत्पादन और रकबे के पहले अग्रिम अनुमान जारी किए हैं। 

ये अनुमान विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त सूचनाओं पर आधारित हैं। 2015-16 के दौरान देश में कुल बागवानी उत्पादन करीब 286 मिलियन टन अनुमानित किया गया है जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 2 फीसदी अधिक है। फलों का उत्पादन 90 मिलियन टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है। सब्जियों का उत्पादन 169 मिलियन टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के उत्पादन से लगभग 1.5 फीसदी अधिक है। 

                 मसालों का उत्पादन 70 लाख टन होने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के उत्पादन से 14 प्रतिशत अधिक है। प्याज का उत्पादन 209 लाख टन होने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के उत्पादन से 11 प्रतिशत अधिक है। आलू का उत्पादन 434 लाख टन होने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के उत्पादन से 10 प्रतिशत कम है। 

            टमाटर का उत्पादन 187 लाख टन का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के उत्पादन से लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2016-17 के दौरान देश में बागवानी उत्पादन लगभग 287 मिलियन टन होने का अनुमान है जो कि 2015-16 के उत्पादन की तुलना में थोड़ा अधिक है। फलों का उत्पादन 92 मिलियन टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत अधिक है। 

          सब्जियों का उत्पादन लगभग 168.6 मिलियन टन होने का अनुमान है जो कि पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में केवल 0.3 प्रतिशत कम है।  मामलों का उत्‍पादन लगभग 70 लाख टन होने का अनुमान है जो लगभग पिछले साल के उत्‍पादन जैसा ही है।  प्‍याज का उत्‍पान 197 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले साल हुए भारी उत्‍पादन की तुलना में 6ऽ कम है। 

            हालांकि पिछले पांच वर्षों में हुए औसत उत्‍पादन की तुलना में यह लगभग 5ऽ अधिक है। आलू का उत्‍पादन 439 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के उत्‍पादन से 1ऽ अधिक है।  टमाटर का उत्‍पादन 189 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले वर्ष के उत्‍पादन की तुलना में 1ऽ अधिक है।

अनुसंधान के तरीकों में बदलाव

                 केंद्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने खनन और ईंधन उद्योगों के लिए अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियां–(एनएक्‍सजीएनएमआईएफयू)-2017 पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय कोयला खनन कंपनियों और विद्युत संयंत्रों द्वारा किए गए प्रयासों के कारण देश में कोयला और विद्युत का उत्‍पादन आवश्‍यकता से अधिक हो गया है। 

           उन्‍होंने केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्‍थान धनबाद के कार्य की सराहना की। जिसने विद्युत संयंत्रों में आपूर्ति किए गए कोयले की गुणवत्‍ता सुनिश्चित की। उन्‍होंने कहा कि अब नवाचार विचारों को लागू करने की जरूरत है ताकि उपयोगकर्ताओं को विद्युत सस्‍ती कीमत पर मिलती रहे। उन्‍होंने कहा कि कोयला और खनन क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के कार्यों में लगे सभी हितधारकों को स्‍थाई रूप से सुरक्षित, उचित और निपुण खनन की नई प्रौद्योगिकियों के लिए कार्य करना होगा। 

                   उन्‍होंने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों से देश में अनुसंधान के तरीकों में बदलाव लाने के लिए नए और बड़े विचारों को तलाशने के लिए कहा। इस सम्‍मेलन का आयोजन 15 से 17 फरवरी के दौरान नई दिल्‍ली में केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्‍थान धनबाद ने किया है। यह आयोजन सीएसआईआर की स्‍थापना के 75 वर्ष होने की स्‍मृति में आयोजित प्‍लेटिनम जुबली समारोह के अवसर पर किया गया।

             सीएसआईआर के महानिदेशक गिरीशसाहनी ने कार्यक्रम की अध्‍यक्षता की। सम्‍मेलन में भू-खनन स्थिति की जटिलता, खान सुरक्षा, निगरानी और जोखिम प्रबंधन, स्‍वच्‍छ कोयला पहल, तरल मैथनॉल और यूरिया के लिए कोयला,शेल गैस और भूमिगत कोयला गैसीकरण दोहन, तेल और गैस क्षेत्रों में तकनीकी विकास वैकल्पिक स्‍वच्‍छ ऊर्जा पहलों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

 

केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों की समीक्षा

            गृह राज्‍य मंत्री किरेन रिजिजू ने यहां केंद्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के महानिदेशकों की समीक्षा-बैठक की अध्‍यक्षता की।

          बैठक में सीएपीएफ के काम-काज से संबंधित विभिन्‍न विषयों पर चर्चा की गई। चर्चा में अतिरिक्‍त बटालियनों का गठन, क्षेत्रीय केंद्रों की स्‍थापना, बलों की संवर्ग समीक्षा, सीएपीएफ कर्मियों के आवास, बलों में महिलाओं के प्रतिनिधित्‍व, बीएसएफ वायु शाखा की समीक्षा, प्रशिक्षण केंद्र, रिक्‍तियों को भरने, दुरूह स्‍थानों में सड़क निर्माण और भू-अधिग्रहण आदि विषय शामिल थे। 19 अप्रैल, 2016 को आयोजित पिछली बैठक की कार्रवाई रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई।   

            किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्‍व में सरकार बलों के समर्पण की सराहना करती है। उन्‍होंने कहा कि सरकार बलों के मनोबल को बढ़ाने और उनका ध्‍यान रखने के लिए समस्‍त प्रयास कर रही है। रिजिजू ने कहा कि बलों के वरिष्‍ठ अधिकारियों को नियमित रूप से बीओपी और ऑपरेशनल मुख्‍यालय का दौरा करना चाहिए, जिससे कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। सीएपीएफ से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों की समीक्षा करते हुए उन्‍होंने कहा कि गृह मंत्रालय बलों द्वारा उठाए गए विषयों पर विचार करेगा और हर मामले में यथासंभव प्रयास करेगा। 

             उन्‍होंने सीएपीएफ में महिलाओं के प्रतिनिधित्‍व पर जोर दिया और कहा कि बलों को महिला आरक्षण के संबंध में सरकार द्वारा तय लक्ष्‍यों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। बैठक में सीएपीएफ (सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, एनएसजी, एआर, एसएसबी, आईटीबीपी) के महानिदेशकों सहित गृह मंत्रालय तथा सीएपीएफ के आला अधिकारियों ने हिस्‍सा लिया।

नगालैंड के छात्र समूह ने डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की

              नगालैंड के छात्रों के एक समूह ने यहां पूर्वोत्‍तर विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की। 

          ये छात्र राष्‍ट्रीय एकता भ्रमण पर मेदजीफेमा (नगालैंड) से दिल्‍ली और जयपुर की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का आयोजन 41 असम राइफल्‍स ने किया है। सभी मेजदीफेमा, नगालैंड के कृषि विज्ञान एवं ग्रामीण विकास विद्यालय के छात्र हैं। बातचीत के दौरान छात्रों ने कहा कि वे नगालैंड में शांति का आह्वान करते हैं, क्‍योंकि पिछले कुछ दिनों से राज्‍य में कर्फ्यू के हालात बने हुए हैं। 

                अपनी दिल्‍ली यात्रा के दौरान भी वे शांति का संदेश लेकर आए हैं। उन्‍होंने राष्‍ट्रीय राजधानी के दौरे पर आकर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। मंत्री के साथ बातचीत के दौरान हुए अनुभवों को साझा किया। मुलाकात के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी स्‍थान में हर तरह के विकास के लिए शांति का होना अनिवार्य है। उन्‍होंने कहा कि वे नगालैंड के हालात पर छात्रों द्वारा व्‍यक्‍त की चिंताओं में बराबर के शरीक हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हर प्रकार की अशांति की वजह से समाज में सबसे अधिक प्रभावित युवा वर्ग होता है।

            उन्‍होंने कहा कि युवाओं का हित शांति में ही निहित है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्रों को उनके भावी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे दिल्‍ली व जयपुर के प्रवास के दौरान भारत की सांस्‍कृतिक विविधता का जायजा लें। वापस जाकर अपने अनुभवों को साझा करें। राष्‍ट्रीय एकता भ्रमण का उद्देश्‍य पूर्वोत्‍तर के छात्रों को भारत से परिचित कराना है। 

            भारत की संस्‍कृति तथा परंपरा की जानकारी देना है। छात्रों ने अक्षरधाम मंदिर, कुतुब मीनार, हौज खास गांव और दिल्‍ली हाट का दौरा किया। जयपुर रवाना होने से पहले उन्‍होंने इंडिया गेट, लाल किला और दिल्‍ली के अन्‍य स्‍थानों को भी देखा।

भारतीय नौसेना का बाई एंड मेक श्रेणी के तहत पहला अनुबंध

             भारतीय नौसेना ने सर्फेस सर्विलांस रडार (एसएसआर) की खरीदारी के लिए नोवा इंटिग्रेटेड सिस्‍टम्‍स लिमिटेड के साथ एक अनुबंध किया है। 

            भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप बाई एंड मेक (भारत) श्रेणी के तहत किया गया यह पहला अनुबंध है। नोवा इंटिग्रेटेड सिस्‍टम्‍स लिमिटेड टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है जो टेरमा, डेनमार्क के सहयोग से इन अत्‍याधुनिक रडारों का देश में निर्माण करेगी। इस अनुबंध से भारतीय नेवी के लिए उच्‍च तकनीक सेंसरों के उत्‍पादन में भारत के निजी उद्योग का प्रवेश हो रहा है। एसएसआर की खरीदारी अपने बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए भारतीय नौसेना की योजना का एक हिस्‍सा है।

            इन रडारों को निर्माणाधीन जहाजों पर स्‍थापित किया जाएगा। निजी उद्योग की भागीदारी से सशस्‍त्र बलों का आधुनिकीकरण तथा भारतीय रक्षा औद्योगिक आधार का निर्माण करने के सरकार के अभियान को हस्‍ताक्षरित अनुबंध से बहुत बढ़ावा मिलेगा।

सिक्‍यूरिटी प्रिंटिंग के स्‍थापना दिवस में उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार

              वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने राष्‍ट्रीय मीडिया सेंटर, नई दिल्‍ली में सिक्‍यूरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एसपीएमसीआईएल) के 11वें स्‍थापना दिवस समारोह में उत्‍कृष्‍टता पुरस्‍कार प्रदान किए। 

           उन्‍होंने कहा कि एसपीएमसीआईएल ने दुनिया की विमुद्रीकरण की सबसे बड़ी प्रक्रिया में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस आयोजन में आर्थिक मामलों के सचिव शक्‍तिकांत दास और एसपीएमसीआईएल के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। ये पुरस्‍कार वर्ष 2015-16 के दौरान विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए एसपीएमसीआईएल के 26 कर्मचारियों को दिए गए। इसके अलावा एसपीएमसीआईएल की विभिन्‍न इकाइयों को भी उनके कार्यों के लिए पुरस्‍कार प्रदान किए गए।

                उत्‍पादकता में- भारत सरकार टकसाल मुंबई, ऊर्जा संरक्षण में भारतीय सिक्‍यूरिटी प्रेस- नासिक, पर्यावरण और संरक्षण- भारत सरकार टकसाल नोएडा, प्रशिक्षण और विकास- सिक्‍यूरिटी प्रेस मिल होशंगाबाद, सतर्कता- बैंक नोट प्रेस देवास, राजभाषा (श्री शंकरदयाल सिंह शील्‍ड)- करेंसी नोट प्रेस नासिक को ये पुरस्‍कार प्रदान किए गए। सीएमडी कप इंडिया सिक्‍यूरिटी प्रेस नासिक को दिया गया। ये पुरस्‍कार संबंधित यूनिटों के महाप्रबंधकों/सहायक प्रबंधकों ने प्राप्‍त किए।

               वित्‍तमंत्री ने ऋणमुक्‍त होने के लिए एसपीएमसीआईएल को बधाई देते हुए कहा कि इस कंपनी ने न केवल नोटों की छपाई की है बल्‍कि सरकार के लिए धन जुटाया है। उन्‍होंने एसपीएमसीआईएल के कर्मचारियों की शतप्रतिशत दक्षता के साथ काम करने के लिए प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि जब विमुद्रीकरण का इतिहास लिखा जाएगा तो उसमें एक अध्‍याय एसपीएमसीआईएल पर भी लिखा जाएगा। इस अवसर पर आर्थिक मामलों के सचिव शक्‍तिकांत दास ने विमुद्रीकरण के दौरान 500 और 2000 रुपये के करेंसी नोट छापने में समय की जरूरत के अनुसार एक दिन में तीन-तीन शिफ्टों में काम करने के लिए इसके कर्मचारियों को बधाई दी। 

              उन्‍होंने कहा कि एसपीएमसीआईएल ने नासिक और देवास यूनिटों से करेंसी नोटों की एयरलिफ्टिंग की। उन्‍होंने एसपीएमसीआईएल के पुरानें उपकरणों को आधुनिक बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। एसपीएमसीआईएल के ग्राहकों में करेंसी नोट के लिए भारतीय रिजर्व बैंक, गैर-ज्‍यूडिशियल स्‍टाम्‍प पेपर और संबद्ध स्‍टाम्‍पों के लिए राज्‍य सरकारें, पोस्‍टल स्‍टेशनरी और स्‍टाम्‍प आदि के लिए डाक विभाग शामिल हैं। सिक्‍यूरिटी प्रेस चैक, रेलवे वारंट, आय कर रिटर्न, ऑडर फॉर्म, स्‍मृति डाक टिकट, पासपोर्ट आदि जैसे सुरक्षा मदों का उत्‍पादन करती हैं।

             इस निगम ने भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लि. के साथ अक्‍टूबर, 2010 में बैंक नोट पेपर मिल इंडिया प्राइवेट लि. के नाम से एक संयुक्‍त उपक्रम की स्‍थापना भी की है। एसपीएमसीआईएल का बिक्री टर्नओवर जो 2014-15 में 4413.85 करोड़ रुपये था वह 2015-16 में बढकर 4647.57 करोड़ रुपये हो गया है, इस प्रकार इसने पिछले वर्ष की तुलना में 5.30 प्रतिशत बढोत्‍तरी दर्ज की है। निगम को वर्ष 2014-15 के लिए इसके समझौता ज्ञापन आकलन के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा लगातार छठे वर्ष उत्‍कृष्‍ट रेटिंग प्रदान की गई है।

भारत पोलियो मुक्त, अब खसरा टीकाकरण

                 भारत के 2020 तक खसरे को खत्म करने और रूबेला को नियंत्रित करने के प्रयासों में तेजी, उपायों की सिफारिश करने के लिए विशेषज्ञ समूह की बैठक का आयोजन किया।

        परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय ने खसरे को खत्म करने और रूबेला को नियंत्रित करने के प्रयासों में तेजी लाते हुए आज एक विशेषज्ञ समूह की बैठक का आयोजन किया। परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय के सचिव सी के मिश्रा ने कहा, ''भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही कि खसरे और रूबेला के विनाशकारी प्रभाव बच्चों और परिवारों को न झेलने पड़े। हमने भारत को पोलियो मुक्त बनाया है।

            अब देश से खसरे को खत्म करने और रूबेला को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, अन्य सभी टीका निवारणीय रोगों से भी बच्चों की रक्षा की जा रही है। विशेषज्ञ समूह ने खसरे को खत्म करने और रूबेला को नियंत्रित करने की दिशा में उठाए गए कदमों को लेकर, खासतौर पर इस महीने खसरे और रूबेला अभियान की शुरुआत करने के लिए भारत को बधाई दी। 

            इसके अलावा इसने एमआर अभियान के शेष चरणों को समय से शुरू करने और खसरा-रुबेला टीकाकरण अभियान की पहुंच को और मजबूत करने की सिफारिश की गई। इसके अलावा खसरे और रुबेला से लड़ने के लिए लाभों को अधिकतम करने और प्रगति के लिए भी चर्चा की गई।

विदेशी पर्यटकों का आगमन, ई-वीजा सुविधा का लाभ

           पर्यटन मंत्रालय आप्रवासन ब्यूरो (बीओआई) से प्राप्त राष्ट्रीयता-वार एवं बंदरगाहवार आंकड़ों के  आधार पर  विदेशी पर्यटकों के आगमन (एफटीए) के मासिक अनुमानों का संकलन करता । 

     इसी के अनुसार जनवरी, 2016 की तुलना में जनवरी, 2017 के दौरान 16.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो इसी अवधि के दौरान जनवरी, 2015 की तुलना में जनवरी, 2016 की 6.8 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है। जनवरी, 2016 में 0.88 लाख की तुलना में 1.52 लाख लोगों द्वारा ई-वीजा पंजीकरण करवाने से जनवरी, 2016 की तुलना में जनवरी, 2017 के दौरान ई-वीजा पर आने वाले पर्यटकों की संख्‍या में 72 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। स्‍पष्‍ट है कि 2017 में ई-वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले पर्यटकों का हिस्‍सा जनवरी, 2016 के 10.4 प्रतिशत से बढ़कर 15.5 प्रतिशत हो गया। इससे ई-वीजा सुविधा की सफलता का पता चलता है।

               पर्यटन मंत्रालय के बदलाव के रुख के बाद पर्यटकों का आगमन जनवरी, 2017 के दौरान एफटीए का आंकड़ा 9.83 लाख का रहा, जबकि जनवरी, 2016 में यह  8.44 लाख  और जनवरी, 2015  में 7.91 लाख था।  जनवरी, 2016 की तुलना में जनवरी, 2017 के दौरान एफटीए में 16.5 प्रतिशत की  वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जनवरी, 2015 की तुलना में जनवरी, 216 में यह 6.8 प्रतिशत थी। शीर्ष 15 स्रोत देशों में जनवरी, 2017 के दौरान भारत में एफटीए में सर्वाधिक हिस्सा अमेरिका (15.01 प्रतिशत) का रहा। इसके बाद हिस्‍सा क्रमश: बांग्लादेश (14.91 प्रतिशत), ब्रिटेन (11.11 प्रतिशत),  कनाडा (4.63 प्रतिशत), रूसी संघ (4.46 प्रतिशत), ऑस्ट्रेलिया (3.65 प्रतिशत),  मलेशि‍या (3.15 प्रतिशत), जर्मनी (2.92 प्रतिशत),  फ्रांस (2.89 प्रतिशत), चीन (2.54 प्रतिशत), श्रीलंका (2.45 प्रतिशत),  जापान (2.15 प्रतिशत), अफगानिस्‍तान (1.84 प्रतिशत), कोरिया गणराज्‍य (1.61 प्रतिशत), और नेपाल (1.60 प्रतिशत) का रहा।  

             शीर्ष 15 हवाई अड्डों पर जनवरी 2017 के दौरान भारत में एफटीए में सर्वाधिक हिस्सा दिल्ली हवाई अड्डा (28.30 प्रतिशत) का रहा। इसके बाद हिस्सा क्रमशः मुंबई हवाई अड्डा  (18.23 प्रतिशत), हरिदासपुर लैंड चेक पोस्ट (8.17 प्रतिशत) , चेन्नई हवाई अड्डा  (7.32 प्रतिशत),  गोवा हवाई अड्डा  (6.51 प्रतिशत),  बेंगलुरू हवाई अड्डा  (5.32 प्रतिशत),  कोलकाता हवाई अड्डा  (4.32 प्रतिशत), कोच्चि हवाई अड्डा  (3.73 प्रतिशत),  अहमदाबाद हवाई अड्डा  (3.37 प्रतिशत), हैदराबाद हवाई अड्डा  (2.74 प्रतिशत), गेडे रेल (1.77 प्रतिशत), त्रिवेंद्रम हवाई अड्डा  (1.62 प्रतिशत), त्रिची हवाई अड्डा  (1.38 प्रतिशत), गोजदंगा लैंड चैक पोस्‍ट (1.08), और अमृतसर हवाई अड्डा  (1.02 प्रतिशत) का रहा। ई-वीजा पर विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए) जनवरी, 2016 में 0.88 लाख पर्यटकों के आगमन की तुलना में जनवरी, 2017 के दौरान ई-वीजा पर कुल 1.52 लाख पयर्टकों का आगमन हुआ, जो 72.0 प्रतिशत अधिक था।

           जनवरी, 2017 के दौरान ई-वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले 15 शीर्ष स्रोत देशों की प्रतिशत भागीदारी, ब्रिटेन (22.9 प्रतिशत), अमेरिका (13.6 प्रतिशत) और रूस संघ (8.3 प्रतिशत), चीन (6.3 प्रतिशत), फ्रांस (5.6 प्रतिशत), ऑस्‍ट्रेलिया (4.4 प्रतिशत), जर्मनी(4.1 प्रतिशत), कनाडा (3.6 प्रतिशत), कोरिया गणराज्‍य (3.2 प्रतिशत), उक्रेन (2.2 प्रतिशत) नीदरलैंड (1.6 प्रतिशत) दक्षिण अफ्रीका(1.4 प्रतिशत), सिंगापुर (1.3 प्रतिशत), मलेशिया (1.3 प्रतिशत), और स्‍वीडन (1.1 प्रतिशत)। जनवरी, 2017 के दौरान ई-वीजा पर शीर्ष 15 हवाई अड्डों की प्रतिशत भागीदारी दिल्ली हवाई अड्डा (36.5 प्रतिशत), मुंबई हवाई अड्डा (20.5 प्रतिशत),  दाबोलिम (गोवा) हवाई अड्डा (16.2 प्रतिशत),  चेन्नई हवाई अड्डा (7.0 प्रतिशत), बेंगलुरू हवाई अड्डा (5.1 प्रतिशत), कोच्चि हवाई अड्डा (4.2 प्रतिशत), कोलकाता हवाई अड्डा (2.7 प्रतिशत), त्रिवेंद्रम हवाई अड्डा (2.0 प्रतिशत), हैदराबाद हवाई अड्डा (2.0 प्रतिशत, अहमदाबाद हवाई अड्डा (1.7 प्रतिशत), अमृतसर हवाई अड्डा (0.8 प्रतिशत), जयपुर हवाई अड्डा (0.5 प्रतिशत), त्रिची हवाई अड्डा (0.4 प्रतिशत), गया हवाई अड्डा (0.2 प्रतिशत) और लखनऊ हवाई अड्डा (0.1 प्रतिशत) थी।

तारिणी नौका भारतीय नौसेना में शामिल

               18 फरवरी, 2017 की शाम को आईएनएस मंडोवी बोट पूल पर आयोजित होने वाले समारोह में दूसरी सागर नौका-तारिणी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।

           इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्‍बा भी उपस्थित रहेंगे। आईएनएसीवी तारिणी का निर्माण गोवा की मैसर्स एक्‍वेरियस शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड, दिवर ने किया है। नौका तारिणी को भारतीय नौसेना के विश्‍व के पहले महिला परिनौसंचालन अभियान के लिए रखा गया है। एल्‍युमिनियम और स्‍टील की तुलना में बेहतर प्रदर्शन के लिए नौका का ढांचा लकड़ी और फाइबर ग्‍लास से बना है। 

            आईएनएसवी तारिणी में 6 सूट हैं। नवनिर्मित आईएनएसवी तारिणी के ट्रायल 30 जनवरी, 2017 को सफलतापूर्वक संपन्‍न हो गए थे। इस नौका का डिजाइन ओडिसा के गंजम जिले के प्रसिद्ध तारा तारिणी मंदिर से प्रेरित है। तारिणी शब्‍द का अर्थ होता है नौका और संस्‍कृत में इसका मतलब होता है तारने वाला।

            समुद्री नौवहन गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना ने विश्‍व के पहले भारतीय महिला परिनौसंचालन अभियान की परिकल्‍पना की है। इस परियोजना के लिए लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्‍व में 6 महिला अधिकारियों के दल का चयन किया गया है। इन अधिकारियों ने आईएनडब्‍ल्‍यूटीसी, मुंबई में नौवहन का मौलिक प्रशिक्षण लिया है।

 

मुंबई मेडिकल छात्रों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि

                 महानिदेशक (संगठन और कार्मिक) सर्जन वाइस एडमिरल ए.ए. पवार ने 14 और 15 फरवरी, 2017 को मेडिकल छात्रों और मुंबई के शीर्ष मेडिकल कॉलेज के इंटर्न के साथ बातचीत की।

           छात्रों से मिली उत्‍साहवर्धक प्रतिक्रिया के कारण शॉर्ट सर्विस कमीशंड ऑफिसर के तौर पर सैन्‍य मेडिकल सेवा के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 फरवरी, 2017 से बढ़ाकर 21 फरवरी, 2017 कर दी गई है। मुंबई के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को सेना में मेडिकल प्रोफेशनल के तौर पर करियर विकल्‍प के बारे में जागरूक किया गया। छात्रों ने वहां उपस्थित आईएनएचएस अश्विनी अस्‍पताल  के डॉक्‍टरों की टीम के साथ पूरे उत्‍साह से बातचीत की और इसके प्रति अपनी रूचि दर्शायी। 

             इस वर्ष पहली बार सैन्‍य मे‍डिकल सेवा में शॉर्ट सर्विस कमीशंड के लिए डॉक्‍टरों के चयन के वास्‍ते इंटरव्‍यू  बोर्ड 27 फरवरी, 2017 से 9 मार्च, 2017 तक आईएनएचएस अश्विनी अस्‍पताल में साक्षात्‍कार लेगा।

             उम्‍मीद है कि लगभग 1000 डॉक्‍टर इसके लिए पंजीकरण कराएंगे। उन्‍हें साक्षात्‍कार के लिए बुलाया जाएगा। स्‍थानीय डॉक्‍टरों की सुविधा के लिए दिल्‍ली के अलावा मुंबई में भी साक्षात्‍कार लिए जा रहे हैं। इच्‍छुक उम्‍मीदवार वेबसाइट पर पंजीकरण करा सकते हैं।