Thursday, 30 November 2017

वायुसेना के विमान में हवा से हवा में ईंधन भरने में असाधारण उपलब्धि

      नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने आसमान में त्वरित चेतावनी और नियंत्रण (एईडब्ल्यू एंड सी) कार्य करने वाले एमब्रियर परिवहन विमान में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक अवधि के लिए उड़ान भरने के वास्ते हवा से हवा में ईंधन भरने (एएआर) में सफलता हासिल की है। 

    एमब्रियर प्लेटफार्म पर पहली बार हवा से हवा में ईंधन भरा गया है। 
    भारतीय वायु सेना के पायलटों द्वारा किए गए हवा में ही तलाश कर लंगर डालना यानि "प्रोब और ड्रोग" एएआर पद्धति में असाधारण उड़ान कौशल की आवश्यकता होती है, क्योंकि ईंधन देने वाले विमान को ईंधन भरने वाले विमान के टैंकर के पीछे की टोकरीनुमा संरचना को तलाश कर उसमें सटीक तरीके से ईंधन डालना होता है। 
        एएआर की प्रक्रिया के दौरान दोनों ही विमानों में सटीक उड़ान मानदंड कायम रखे जाते हैं। ऐसी क्षमता वाली दुनिया की कुछ वायु सेना में से एक भारतीय वायुसेना है।
     हवा में उड़ान भरते हुए केवल 10 मिनट ईंधन भरने से विमान अतिरिक्त 4 घंटे उड़ान भर सकता है। इस उपलब्धि से भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता को काफी बढ़ावा मिला है।

मिजोरम संपूर्ण विश्‍व के लिए एक प्रेरणा स्रोत

     मिजोरम। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज मिजोरम की राजधानी आईजोल में शहरी निर्धनो के लिए मिजोरम सरकार की आधारभूत सेवा योजना के अंतर्गत कमजोर वर्गों के लिए आवासीय परिसरों का उद्घाटन किया।

    इस अवसर पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सभी के लिए आवास के साथ-साथ दिन प्रतिदिन बढ़ती शहरी जनसंख्‍या के लिए योजना का कार्य न केवल मिजोरम बल्कि पूरे विश्‍व के लिए एक चुनौती है।
   यह केंद्र सरकार का प्रमुख केंद्र बिंदु है। गरीबों के लिए शहरी आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में कुछ उपलब्धियो को प्राप्त करने से वर्ष 2022 में स्‍वतंत्र भारत के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लक्ष्‍य प्राप्ति में सहायक होगा। नवीन मिजोरम के बिना नवीन इंडिया का होना संभव नहीं है। 
    राष्‍ट्रपति कोविंद ने कहा कि मिजोरम समाज की जीवटता सराहनीय है। मिजोरम राजनीतिक मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में संपूर्ण विश्‍व के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। वर्ष 1986 की मिजो संधि का सभी ने सम्‍मान किया और उग्रवाद का अंत हुआ। संधि के तहत सभी साझीदारों द्वारा राज्‍य और स्थानीय निवासियो के लिए शांतिपूर्ण कार्य करने पर सहमति बनी। यह वर्तमान समय का चमत्‍कार है।
     उन्‍होंने मिजोरम के लोगों के साथ-साथ गिरजाघरों, संबद्ध संगठनों, युवा और महिला समूहों, नागरिक समाज समूहों और राजनीतिक दलों को इस भाईचारे और सहयोग की भावना के लिए बधाई दी। राष्‍ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत की अर्थव्‍यवस्‍था आज विश्‍व में सबसे तेजी से बढती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं में एक है। कृषि में नवाचार से लेकर डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था,उत्‍पादन से लेकर सेवा क्षेत्र में बढ़ोत्तरी तक सफलता की कई गाथाए हैं। 
     मिजोरम के युवा इस गाथा के अभिन्न अंग हैं। मिजोरम के युवाओ ने देश के अलग-अलग भागो में सूचना प्रौद्योगिकी, अतिथि सत्‍कार और अन्‍य सेवा क्षेत्र उद्योगों में अपनी पहचान बनाई है। उनका कार्य मिजोरम के लिए सराहनीय है। राज्य के युवाओ की शिक्षा और साक्षरता कौशल की हर जगह प्रशंसा हुई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में साक्षरता दर 91 प्रतिशत है जो सच में प्रशंसा योग्य है। मिजोरम के युवा महिला एवं पुरूषों की मूल्‍य,मान्‍यताएं, कार्यनीति, पेशेवराना अंदाज भी सराहना के योग्य है।
      राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमें मिजोरम के युवाओं से बहुत सी उम्‍मीदें हैं। वे मिजोरम और भारत के भविष्‍य का निर्माण करेंगे। वे जोखिम लेने वाले, उद्यमी, रोजगार सृजनकर्ता हैं जो हमारे भाग्‍य का सृजन करेंगे। मिजोरम में ओर भी अवसर सृजन की क्षमता है। मिजोरम अन्‍य पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की तरह देश की एक्‍ट ईस्‍ट पॉलिसी की कुंजी है। 
      इस नीति से व्‍यापार बढ़ेगा और सभी लाभान्वित होंगे। मिजोरम के पास देने के लिए बहुत कुछ है। उचित रूप से उगाने पर बांस एक अद्भुत फसल बन सकता है। मूल्‍य संवर्धन द्वारा इसका प्रयोग विभिन्न उत्‍पादों को बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजन में किया जा सकता है। 
      बागवानी भी बड़ी संभावनाओं वाला एक अन्‍य प्रमुख क्षेत्र है। मिजोरम में अन्‍नानास और पेशन फल की पैदावार बहुतायत में होती है। इनका बड़ा बाजार है। इसका स्‍थानीय खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग में व्यापाक प्रयोग संभव है और इससे राज्य के निवासियों के अद्भुत पारंपरिक कौशल को प्रौद्योगिकी से जोड़ा जा सकता है।