Thursday, 25 May 2017

स्‍वीडन के अंतरिक्ष क्षेत्र प्रमुख की डॉ.जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात

             स्‍वीडन के अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रमुख पीटर एगार्डट ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की।

           डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने पीटर एगार्डट ने वर्तमान में चल रहे विभिन्‍न साझा कार्यक्रमों के बारे में बातचीत की जिन्‍हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान कार्यक्रम (इसरो) और स्‍वीडिश नेशनल स्‍पेस बोर्ड (एसएनएसबी) द्वारा संयुक्‍त रूप से संचालित किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच तीन दशकों से चले आ रहे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहयोग के बारे में चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने एगार्डट को बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने नई ऊंचाइयों को छुआ है, जिसकी प्रशंसा अमेरिका और रूस ने भी की है। 

            उन्‍होंने खुलासा किया कि मंगलयान द्वारा प्राप्‍त की गई तस्‍वीरों को अब नासा द्वारा प्रयोग किया जा रहा है। हाल में ही दक्षिण एशियाई उपग्रह को छोड़ा गया है जो इस क्षेत्र के देशों को महत्‍वपूर्ण जानकारियां उपलब्‍ध करायेगा। उन्‍होंने बताया कि वर्तमान सरकार के नेतृत्‍व में कई तरह के अंतरिक्ष कार्यक्रमों को शुरू किया गया है जिनमें ढांचागत विकास परियोजनाएं और कृषि क्षेत्र की योजनाएं शामिल हैं।

          डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने स्‍वीडिश सरकार के उस कदम की प्रशंसा की जिसमें वहां की सरकार ने स्‍वीडिश नेशनल स्‍पेस बोर्ड (एसएनएसबी) के उच्‍च स्‍तरीय प्रतिनिधिमंडल को पिछले वर्ष जनवरी में इसरों में भेजा था।इस प्रतिनिधि मंडल का लक्ष्‍य उपग्रह नेवीगेशन, भू-केन्‍द्रों का उपयोग तथा वायुमंडीय अनुसंधान के माध्‍यम से अन्‍वेषण के नये क्षेत्रों के बारे में जानकारी हासिल करना था। पीटर एगार्डट ने डॉ. जितेन्‍द्र सिंह के शानदार स्‍वागत की प्रशंसा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष कार्यक्रमों को और अधिक व्‍यापक बनाने की जरूरत है। उन्‍होंने डॉ. जितेन्‍द्र सिंह को स्‍वीडन आने का निमंत्रण भी दिया।

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