Thursday, 25 May 2017

अक्षय ऊर्जा के लिए 2360 करोड़ के बांड

             प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अक्षय ऊर्जा के लिए 2,360  करोड़ रुयये के बांड जारी किए जाने हेतु अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। 2017-18 के दौरान भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (आईआरडीएए) के माध्यम से नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा बांड जारी किए जाएंगे। 

     सौर पार्क, हर‍ित ऊर्जा गलि‍यारा, पवन परियोजनाओं के लिए उत्‍पादन-आधारित प्रोत्साहनों, सीपीएसयू और रक्षा सौर परियोजनाओं, सौर परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर-निधि, छत के ऊपर सौर प्रणाली, ऑफ-ग्रिड/ग्रि‍ड व‍ितरि‍त अक्षय ऊर्जा, न‍िगमों और स्‍वायत्‍त न‍िकायों आद‍ि में नि‍वेश में इस कोष का इस्‍तेमाल किया जाएगा। इस तरह के समयबद्ध निवेश से अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। 

          साथ ही, इससे अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल किया जा सकेगा। जुटाए गए संसाधनों को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता के विकास के लिए उपयोग किया जाएगा जिसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त रोज़गार पैदा होंगे। सरकार ने एनएचएआई,पीएफसी, आरईसी, आईआरडीए और आईडब्ल्यूएआई के जरिये व‍ित्‍त वर्ष 2016-17 के बजट में 31,300 करोड़ रुपये के बांड जारी करके अतिरिक्त धन जुटाने की घोषणा की थी । 

        इसके हि‍स्‍से के बांड सरकार ने आईआरईडीए को वर्ष 2016-17 के दौरान नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से भारत सरकार द्वारा पूर्णत: कर योग्‍य बांड जारी करके 4000 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमत‍ि दी थी। इसके बाद वर्ष 2016-17 में 2360 करोड़ रुपये शेष राशि जुटाए जाने के लिए मंजूरी हेतु नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने मंत्रिमंडल से संपर्क किया था।

 

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