Thursday, 25 May 2017

होटल जनपथ अब शहरी विकास मंत्रालय की संपत्ति

            प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति ने होटल जनपथ, नई दिल्ली की संपत्ति को शहरी विकास मंत्रालय के स्थानांतरण को मंजूरी प्रदान कर दी है। होटल जनपथ शहर के मुख्य केंद्रीय स्थान में स्थित है।

           इस संपत्ति का इस्तेमाल सरकारी कार्यालय बनाने और इसी तरह के प्रयोजनों को लेकर विचार किया जा सकता है। इससे सरकार काम के लिए कार्यालयों लेने पर होने वाले खर्च में बचत होगी। परियोजना के कार्यान्वयन, भूमि के उपयोग इत्यादि का विवरण बाद में कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिवों की एक समिति द्वारा लिया जाएगा। आईआईटी रुड़की की एक निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक होटल जनपथ के भवन ढांचे को अनुपयोगी पाया गया इसलिए इसका पुनर्निर्माण किया जाना जरूरी है। इस होटल की इमारत भूकंप के झटकों के लिहाज भी संवेदनशील पाई गई।

                भारत सरकार ने होटल और भारतीय पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की संपत्ति में विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की है। पेशेवर नजरिया के तहत होटलों में विनिवेश का फैसला किया गया है क्योंकि सरकार का मानना है कि किसी होटल का संचालन सरकार या उसके किसी संस्था का काम नहीं है। विनिवेश नीति के तहत, उचित मूल्य निर्धारण के बाद संबंधित राज्यों के साथ संयुक्त रूप से होटल-प्रॉपर्टी पट्टे-उप-पट्टे या राज्यों को संपत्ति वापस करने का निर्णय लिया गया है।

           इसके बाद राज्यों के इसका विकल्प होगा कि वे होटल व्यवस्था को उन्नत बनाने के लिए निजी क्षेत्र को शामिल करें या उनकी संपत्ति का किस तरह इस्तेमाल किया जाए। राज्यों ने अपने हिसाब इन विकल्पों का इस्तेमाल किया है और वे अपनी जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़े हैं।

             विनिवेश प्रक्रिया के पहले चरण में, तीन होटलों, होटल लेक, व्यू अशोक,भोपाल, होटल ब्रह्मपुत्र अशोक, गुवाहाटी और होटल भरतपुर अशोक को शामिल किया गया है। होटल जनपथ, नई दिल्ली उसी सूची की अगली कड़ी है।

 

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