चौबीस घंटे बिजली’का रोडमैप
भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने दिल्ली में तमिलनाडु के साथ उज्ज्वल डिस्कॉम आश्वासन योजना (उदय) के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये।
यही नहीं, इस राज्य के साथ ‘सभी के लिए चौबीस घंटे बिजली रोडमैप के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के साथ ही देश में एक को छोड़ सभी 28 राज्यों और सभी सातों केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए रोडमैप को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। यह सहकारी संघवाद के सिद्धांतों पर आधारित इस पहल की दिशा में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वर्ष 2019 तक सभी नागरिकों, प्रतिष्ठानों को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुलभ कराना भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय विजन के मूल में है।
विद्युत मंत्रालय का लक्ष्य इसे मूर्त रूप प्रदान करना है। पीएफए से कई राज्यों को निवेश से संबंधित खाई को पाटने में भी मदद मिली है, जो सभी के लिए चौबीस घंटे बिजली सुनिश्चित करने हेतु अत्यंत आवश्यक है। चूंकि विद्युत एक समवर्ती विषय है। सरकार का फोकस सहकारी संघवाद पर है, इसलिए पहला मुख्य काम प्रत्येक राज्य के लिए रोडमैप तैयार करना, उस पर सहमति प्राप्त करना था।
विद्युत मंत्रालय और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के तहत हर राज्य के लिहाज से विशिष्ट रोडमैप तैयार किये गये। पीएफए’ पहल के तहत राज्यों के प्रयासों में और वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय अब उन सभी घरों में अंतिम छोर तक बिजली मुहैया कराने के लिए आवश्यक निवेश का वित्त पोषण करने हेतु विशेष योजना तैयार कर रहा है। जिन्हें अब तक दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) और अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं के दायरे में नहीं लाया जा सका है।

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