Wednesday, 8 November 2017

यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने के वास्ते शी-बॉक्स ऑनलाइन

   नई दिल्‍ली। महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने सरकारी और निजी संगठनों में कार्यरत महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाने के वास्ते व्यापक शी-बॉक्स ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया। 

     कार्यस्थल पर महिला यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली में शी-बॉक्स का शुभारंभ किया गया। 
  नए शी-बॉक्स पोर्टल पर सरकारी और निजी कर्मचारियों सहित देश की सभी महिला कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा है। यौन उत्पीड़न अधिनियम के अंतर्गत गठित संबंधित आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) या स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) में पहले से ही लिखित शिकायत दर्ज करवाने वाली महिलाएं भी इस पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
    ऑनलाइन सुविधा का शुभारंभ करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है क्योंकि किसी भी देश की सरकार ने शायद पहली बार कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। सरकार कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
     मंत्री ने बताया कि इसलिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने सभी कार्यस्थलों पर आंतिरक शिकायत समितियां गठित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने आंतरिक शिकायत समितियों के लिए निर्देशिका जारी की है और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। 
   इस दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम पीड़ित महिलाओं को सीधे अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए मंच उपलब्ध कराने के लिए शी-बॉक्स का शुभारंभ है, ताकि महिलाओं की शिकायतों के निवारण के लिए उचित कार्यवाही की जा सके। 
    श्रीमती मेनका गांधी ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय इन शिकायतों की निगरानी करेगा। शी-बॉक्स पोर्टल कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न झेल रही महिलाओं की शिकायतों का निवारण उपलब्ध करवाने का एक प्रयास है। पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाने पर यह सीधे संबंधित नियोक्ता की आईसीसी/एलसीसी को भेज दी जाएगी। इस पोर्टल के जरिए मंत्रालय के साथ ही शिकायतकर्ता भी आईसीसी/एलसीसी द्वारा की जा रही जांच की प्रगति की निगरानी कर सकती हैं।
     विश्व स्तर पर चलाए जा रहे सोशल मीडिया के अभियान को देखते हुए यह महिला और बाल विकास मंत्रालय का सकारात्मक कदम है जिसमें महिलाएं यौन उत्पीड़न और उत्पीड़न झेलने के अपने अनुभव साझा करती हैं। शी-बॉक्स का उपयोग करने वालों के लिए समय-सीमा के भीतर प्रतिक्रिया मिलने के आश्वासन के साथ इस पोर्टल के जरिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से बातचीत करने का भी विकल्प है।
    कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मुद्दे पर प्रशिक्षण/कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए मंत्रालय द्वारा सूची में सम्मिलित किए गए 112 संस्थानों की जानकारी भी इस पोर्टल पर उपलब्ध है। विभिन्न संगठनों में इस विषय पर प्रशिक्षण में योगदान देने के इच्छुक व्यक्तियों और संस्थानों के लिए अपने आवेदन जमा कराने के भी विकल्प हैं।
     शी-बॉक्स इन सूची में शामिल संस्थानों/संगठनों को अपने क्षमता निर्माण गतिविधियों को मंत्रालय के साथ साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराएगा। जिससे देश भर के सूची में शामिल इन संस्थाओं/संगठनों की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी।
  मंत्रालय ने यौन उत्पीड़न अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रदान करने के लिए इस अधिनियम पर पुस्तिका और प्रशिक्षण निर्देशिका भी प्रकाशित की है, ताकि इनका व्यावहारिक रूप में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।
    निजी संगठनों को अपने सेवा नियमों तथा निर्दिष्ट अनुशानात्मक प्रक्रियाओं के अनुरूप प्रशिक्षण निर्देशिका को रूचिकर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। किसी भी डिजिटल समाज के लिए महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 
    डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विचार को साकार करने की दिशा में मंत्रालय लैंगिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य को हासिल करने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है।
    यह कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं की शिकायतों के जल्द निवारण के लिए डिजिटल स्थान का उपयोग करने का प्रयास है।

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