Wednesday, 8 November 2017

भारत-बेल्जियम के आर्थिक संबंध साझेदारी के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण

  नई दिल्‍ली। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में बेल्जियम के राजा फिलिप और रानी मैथिल्ड की आगवानी की।

    उन्होंने उनके सम्मान में एक भोज का भी आयोजन किया। भारत में बेल्जियम के राजा और रानी का स्‍वागत करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि उन्‍हें यह जानकर प्रसन्‍नता हुई कि बेल्जियम और शाही परिवार के दिल में भारत के लिए विशेष स्‍थान है। 
   उन्‍होंने कहा कि यह शाही दौरा इसलिए और अधिक महत्‍वपूर्ण है कि भारत और बेल्जियम इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की स्‍थापना का 70वां वर्ष मना रहा है। 
    राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत और बेल्जियम के प्रगाढ़ संबंध हैं। हमारे लोकतंत्र, कानून का शासन, अनेकता की एकता की स्थिति और मानवाधिकार के प्रति सम्‍मान के साझे मूल्‍य हमारे संबंधों को और प्रगाढ़ बनाते हैं। प्रथम विश्‍व युद्ध हमारा साझा इतिहास रहा है। हजारों भारतीय सैनिकों ने बेल्जियम के लिए युद्ध किया और बलिदान दिया है। इन सैनिकों की वीरता और बलिदान को सम्‍मान देने के प्रयासों के लिए भारत बेल्जियम सरकार की सराहना करता है। 
   राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत और बेल्जियम के आर्थिक संबंध हमारे साझेदारी के लिए बहुत महत्‍वपूर्ण है। य‍द्यपि द्विपक्षीय व्‍यापार बढ़ रहा है, लेकिन हम मिलकर इसे और भी बढ़ा सकते हैं। हमें यह देखना होगा कि हीरा उद्योग की सफलता को हम अन्‍य क्षेत्रों में कैसे दोहरा सकते हैं। 
   भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था धीरे-धीरे प्रगति पर है। हमारे मेक इन इंडिया, स्‍वच्‍छ भारत, स्‍मार्ट सिटी और अन्‍य पहल बेल्जियम के निवेशकर्ताओं के लिए अच्‍छे अवसर प्रदान करते हैं। बेल्जियम को बंदरगाह बनाने और उनके प्रबंधन में विशेषज्ञता प्राप्‍त है।
    भारत की अपने बंदरगाह क्षेत्र में सागर माला परियोजना बनाने की महत्‍वकांक्षा है। हम इस संदर्भ में बेल्जियम की कंपनियों को भागीदार बनाना चाहता है।
   इसके बाद भोज पर बातचीत करते हुए राष्‍ट्रपति कोविंद ने कहा कि विश्‍वयुद्ध के बाद बेल्जियम की अर्थव्‍यवस्‍था में महत्‍वपूर्ण सुधारों ने अंतर-यूरोप व्‍यापार और कनेक्टिविटी में बेल्जियम को महत्‍वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है। यह तब से ही यूरोप की औद्योगिक उन्‍नति में अग्रणी बना हुआ है।
     उन्‍होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में भारत विश्‍व के साथ अपने विकास में नई ऊर्जा प्रदान करने में लगा हुआ है और हम अपनी विकास गाथा में बेल्जियम की भागीदारी का स्‍वागत करते हैं।
    राष्‍ट्रपति ने कहा कि बेल्जियम यूरोप को सफल एकल बाजार बनाने में एकजुट करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। बेल्जियम की सरकार यूरोपीय संघ परियोजना के लिए प्रतिबद्ध रही है। 
   भारत भी बदलती दुनिया में स्थिरता के लिए यूरोपीय संघ को एक घटक के रूप में देखता है और उसकी जनता को हर क्षेत्र में सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता है।

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