आतंकवाद एक विश्व व्यापी चिंता, विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि आतंकवाद एक वैश्विक चिंता है जो वैश्विक ध्यान की मांग करती है और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।
वह नई दिल्ली में बेल्जियम के राजा के साथ बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर दोनों पक्षों के वरिष्ठ भी अधिकारी उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने विश्व में बढ़ते आतंकवाद की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया।
बेल्जियम के राजा ने इस पर सहमति व्यक्त की और कहा कि यह पूरे विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने अपने देश में आतंकवादी घटना के संकटकाल में बेल्जियम की सहायता करने के लिए भारत की सराहना की। भारत संयुक्त राष्ट्र संघ में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक समझौता शीघ्र करने और उसका व्यापक रूप से पालन करने में विश्वास करता है।
इस संदर्भ में बेल्जियम के राजा ने भारत के विचार का समर्थन किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत और बेल्जियम दोनों ही महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक देश है और उनके कई आदर्श और सिद्धांत एक जैसे हैं। उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों में लोकतंत्र, कानून का शासन, भाषण की आजादी, स्वतंत्र न्यायपालिका, स्वतंत्र प्रेस और मानवाधिकारों का संरक्षण मौलिक मूल्य हैं जिनके माध्यम से हमारे समाज एक जैसे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बेल्जियम के शिक्षाविदों ने भारत और बेल्जियम में भारतीय भाषाओं विशेषत: हिंदी और संस्कृत के व्यापक अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रथम विश्वयुद्ध में 1,30,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने बेल्जियम की रणभूमि में युद्ध किया और 9000 से अधिक सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने बेल्जियम के राजा द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान संबंधी प्रदर्शनी का उदघाटन और कॉफी टेबल पुस्तक ‘’इंडिया इन फ्लैंडर्स फील्डस्’’ जारी करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने आगे कहा कि यह भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान के प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भारत बेल्जियम के व्यापार के लिए एक आकर्षक व्यापारिक स्थल है जो भारतीय स्टार्ट-अप कंपनियों के साथ बेल्जियम के लघु और मध्यम उपक्रमों के साथ संबंध बनाने में प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की 100 स्मार्ट सिटी पहल का उद्देश्य शहरी केंद्रों की आर्थिक क्षमता दोहन करना है।
उन्होंने कहा कि शहरी परिवहन व्यवस्था, दक्ष प्रौद्योगिकी, स्मार्ट सिटी सेवाओं, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में विशेषज्ञता वाली बेल्जियम कंपनियों को भारत में कई व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे। एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल भी बेल्जियम के राजा के साथ था।

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