पूर्वोत्तर में 1,50,000 करोड़ की लागत की परियोजनाओं का निर्माण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने 9.15 किलोमीटर लम्बे ढोला-सदिया पुल का उद्घाटन किया। इस पुल के बनने से ऊपरी असम और अरूणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग के लिए 24ज्र्7 संपर्क सुनिश्ति हो जायेगा।
पूर्वोत्तर में रोड़ संपर्क में एक प्रमुख बदलाव आयेगा। यह पुल तीन लेन का होगा जो असम के ढोला को अरूणाचल के सादिया से जोडेगा। इस पुल के अस्तित्व में आने से इस क्षेत्र में संपर्क का एक लम्बा अंतर खत्म हो जायेगा। अभी तक ब्रह्मपुत्र को पार करने के लिए केवल दिन के समय नौका का ही उपयोग किया जाता था, और बाढ़ के दौरान यह भी संभव नहीं होता था। इस पुल के बनने से असम के राष्ट्रीय राजमार्ग – 37 में रूपाई और अरूणाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-52 में मेका/रोईंग के बीच 165 किलोमीटर की दूरी कम हो जायेगी। इन दो स्थानों के बीच यात्रा करने में वर्तमान में 6 घंटे का समय लगता है, जो अब घटकर 1 घंटा हो जायेगा। इस तरह 5 घंटे के समय की बचत होगी।
पुल का उद्घाटन करने के बाद इस अवसर पर एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ढोला-सदिया पुल के शुरू हो जाने से पूर्वोत्तर में बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भाग में आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यह पुल इस संदर्भ में केन्द्र सरकार के विजन की दिशा में एक स्तम्भ है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के बीच आपसी सम्पर्क को बढ़ाना केन्द्र सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस संदर्भ में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में उन्नत सम्पर्क से इस क्षेत्र को दक्षिण पूर्व एशिया की अर्थव्यवस्था से जोड़ा जाएगा। केन्द्र सरकार ने ढोला-सदिया पुल का नाम महान गायक, गीतकार और कवि भूपेन हजारिका के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में पूर्वोत्तर राज्यों में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के राजमार्गों तथा अन्तर्देशीय जलमार्गों का निर्माण किया जा रहा है। इन राज्यों में अगले दो वर्षों के दौरान परियोजनाओं पर 1,50,000 करोड़ रुपये की योजना है।

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