Thursday, 2 March 2017

भारत की तुलना सिंगापुर एवं चीन जैसे देशों के साथ नहीं

            वाणि‍ज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘देश में आर्थिक विकास की मौजूदा स्थिति और अर्थव्‍यवस्‍था की विविधता को देखते हुए भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग (सीसीआई) को आगे भी एक गतिशील नियामक संस्‍थान के तौर पर कार्यरत रहना चाहिए’।

          भारत सरकार की वाणिज्‍य एवं उद्योग राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्‍ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा ‘प्रतिस्‍पर्धा कानून का अर्थशास्‍त्र’ विषय पर आयोजित द्वितीय राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का उद्घाटन किया। भारत सरकार के मुख्‍य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यन ने उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया। 

                इस अवसर पर श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में आर्थिक विकास की मौजूदा स्थिति और अर्थव्‍यवस्‍था की विविधता को देखते हुए भारतीय प्रतिस्‍पर्धा आयोग (सीसीआई) को आगे भी एक गतिशील नियामक संस्‍थान के तौर पर कार्यरत रहना चाहिए। उन्‍होंने सीसीआई से इस उद्देश्‍य के लिए क्षेत्रवार समझ विकसित करने और क्षेत्र विशेष के विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का आग्रह किया। 

            श्रीमती निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत की तुलना सिंगापुर एवं चीन जैसे देशों के साथ नहीं की जानी चाहिए क्‍योंकि इन देशों ने अतीत में हमारे देश से भिन्‍न विकास रणनीतियों को अपनाया है। उन्‍होंने अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा के लिए अर्थव्‍यवस्‍था को खोलने की जरूरतों और राष्‍ट्र की सामाजिक-आर्थिक आवश्‍यकताओं के बीच संतुलन बैठाने की अहमियत पर विशेष जोर दि‍या।  

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