Monday, 16 October 2017

स्वच्छ वायु के लिए छोटी मैराथन

     नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और डॉ. महेश शर्मा ने स्वच्छ वायु अभियान के रूप में छोटी मैराथन को हरी झंडी दिखाई। 

    देशभर में बच्चों के बीच ‘स्वच्छ वायु’ के संदेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ के संबंध में केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि स्वच्छ वायु के लिए दौड़ अभियान स्वच्छ वायु के लिए सकारात्मक ऊर्जा का वाहक है। दीपावली की रौनक के बीच डॉ. हर्षवर्धन ने विद्यार्थियों को बताया कि वैज्ञानिकों को प्रदूषण रहित पटाखे बनाने के लिए कहा गया है जो बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होंगे।
   प्रदूषण के दुष्प्रभाव अधिकतर बच्चों पर होते हैं। प्रदूषण से मुकाबला और पर्यावरण संरक्षण प्रभावी रूप से देश के प्रत्येक नागरिक के प्रयासों से किए जा सकते है। हर्षवर्धन ने कहा कि बच्चे जब कोई प्रतिज्ञा लेते हैं तो वे इसे पूरा कर कर ही मानते हैं। इस अवसर पर हर्षवर्धन ने स्वच्छ वायु को प्रोत्साहन करने के लिए प्रतिज्ञा भी दिलाई।
     इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि स्वच्छता एक सामूहिक प्रयास है। स्वच्छ वायु हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत आवश्यक है। कार्यक्रम में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लगभग दस हजार बच्चो ने भाग लिया। स्वच्छ वायु अभियान की शुरुआत प्रदूषण घटाने के लिए एक जन आन्दोलन के रूप में की गई है। स्वच्छ हवा के बिना स्वच्छ और स्वस्थ भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।
   इस अभियान का उद्देश्य जनता में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास करना है ताकि वे यह समझ सकें कि स्वच्छ हवा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। आयोजित अभियान ‘हरित दीवाली- स्वस्थ दीवाली’ अभियान का विस्तार है। आज ही के दिन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम की जयंती होने के कारण दोनों मंत्रियों ने डॉ कलाम को भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका सुश्री दुर्गा जसराज ने कई गीत प्रस्तुत किए जिनमें स्वच्छ हवा के महत्व के संबंध में एक गीत भी शामिल था।
     इस अवसर पर पर्यावरण का संदेश देते कई बैनर इण्डिया गेट परिसर में लगाए गए थे। इन पोस्टर और बैनर में “सब मिलकर करो विरोध, रोको पर्यावरण का दुरुपयोग”, साँसें रहीं हैं थम, आओ पर्यावरण बचाएँ हम, मेरा शहर साफ़ हो, इसमें सबका हाथ हो, हम सबका एक ही नारा, साफ़ सुथरा देश हमारा आदि संदेश दिए गए थे।

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