स्वच्छता : गरीबों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में मदद
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में शहंशाहपुर गांव में दोहरे गड्ढे वाले शौचालय में निर्माण के लिए श्रमदान किया।उन्होने गांव को खुले में शौच से मुक्त करने वाले लोगों के साथ बातचीत की। उन्होंने शौचालय को इज्जत घर नाम दिये जाने की उनकी पहल की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस गांव में आयोजित पशुधन आरोग्य मेले का दौरा किया। उन्हें इस परिसर में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी गई, इनमें पशु शल्य चिकित्सा, अल्ट्रा सोनोग्राफी आदि शामिल हैं। इस अवसर पर एकत्रित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पशुधन मेले के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और राज्य सरकार को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि यह एक नया प्रयास है, जिससे राज्य में पशुपालन क्षेत्र को लाभ प्राप्त होगा। उन्होने कहा कि दूध उत्पादन में वृद्धि के फलस्वरूप लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि देश के अन्य भागों की भांति डेयरी क्षेत्र को सहकारी संघ के रूप में गठित करने से लाभ होगा। लोगों की बेहतरी को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने उल्लेख किया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों को काफी लाभ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हमसे प्रत्येक व्यक्ति को हमारे स्वतंत्रता सैनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए 2022 तक सकारात्मक योगदान देने का संकल्प देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता हमारी जिम्मेदारी है इस भावना को हम सभी को स्वयं में विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इससे स्वच्छता और गरीबों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके लिए स्वच्छता एक प्रार्थना की भांति है और गरीबों की सेवा करने का माध्यम भी।

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