देश में वक्फ संपत्तियों की संख्या 512556, डिजिटल रिकॉर्ड शीघ्र
अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहाँ कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर वक्फ माफियाओं के कब्जे एवं वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्यवाही के तहत तीन वर्षों में दो हजार से अधिक आपराधिक मुकदमे एवं कई वक्फ बोर्ड के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई है।
नई दिल्ली में सेंट्रल वक्फ कौंसिल की 76 वी बैठक के दौरान नकवी ने कहा कि देश भर में वक्फ सम्पत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका इस्तेमाल समाज के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए करना केंद्र सरकार का लक्ष्य है। विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर वक्फ संपत्तियों पर शैक्षिक, सामाजिक, कौशल विकास कार्यक्रमों को शुरू किया जा रहा है।
नकवी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी वक्फ बोर्ड एवं वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड डिजिटल हो जाएँ। अल्पसंख्यक मंत्रालय इस सन्दर्भ में राज्य वक्फ बोर्डों को हर संभव मदद दे रहा है। कंप्यूटराईज़ेशन से वक्फ बोर्ड एवं वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड पारदर्शी हो सकेंगे। वक्फ बोर्डों को पारदर्शी एवं प्रभावशाली बनाने पर काम चल रहा है। नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की शिकायतों-विवादों के निपटारे हेतु केंद्र स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सदस्यीय बोर्ड ऑफ़ एडजूडिकेशन का गठन किया गया है।
इसी तरह सभी राज्यों में 3 सदस्यीय न्यायाधिकरण की स्थापना की जा रही है। लगभग 21 राज्यों में इनका गठन किया जा चुका है। नकवी ने कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका गठन शीघ्र करना चाहिए। पंजीकृत और गैर-पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की संख्या लगभग 5,12,556 है। रिकॉर्डों के कंप्यूटराईजेशन के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है।
नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों-मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिक्ख, पारसी और जैन के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ एक मिशन के रूप में काम कर रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय की सभी कल्याणकारी योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिख रहा है। नकवी ने कहा कि बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण का प्रमाण है, पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास का बेहतरीन काम।
नकवी ने कहा कि एजुकेशन (शिक्षा), एम्प्लॉयमेंट (रोजगार), एम्पावरमेंट (सशक्तिकरण) के माध्यम से अल्पसंख्यक मंत्रालय ने गरीब, पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के अल्पसंख्यकों को प्रगति की मुख्यधारा का हिस्सेदार-भागीदार बनाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
नकवी ने कहा कि बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण की नीति से अल्पसंख्यकों में विश्वास के साथ विकास का माहौल तैयार हुआ है। पिछले तीन वर्षों के दौरान अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों की बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार पर केंद्रित योजनाओं-कार्यक्रमों को जरूरतमंद लोगों तक ईमानदारी के साथ पहुँचाया है।
गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र, उस्ताद, नई मंजिल, नई रौशनी, सीखो और कमाओ, पढ़ो परदेस, प्रोग्रेस पंचायत, हुनर हाट, बहुउद्देशीय सद्भाव मंडप, प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम, बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, बेगम हजरत महल छात्रा छात्रवृति सहित अन्य विभिन्न योजनाओं-कार्यक्रमों से हर जरूरतमंद अल्पसंख्यक की आँखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है।
नकवी ने कहा कि टीचर, टिफिन, टॉयलेट से पिछले तीन महीनों में ही हजारों स्थानीय अल्पसंख्यक स्कूलों एवं मदरसों को जोड़ा गया है। इन अल्पसंख्यक संस्थानों में गुरुद्वारों, जैन संस्थानों, बौद्ध संस्थानों, पारसी संस्थानों एवं मुस्लिम इदारों द्वारा चलाये जा रहे संस्थान शामिल हैं।

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