Friday, 14 July 2017

मध्यप्रदेश,राजस्थान,उत्तरप्रदेश व गुजरात में नदियो के जल स्तर में वृद्धि पूर्वानुमान

      मौसम विभाग द्वारा अगले तीन दिनों के लिए जारी बारिश के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा और एक दो स्थानों पर बहुत अधिक वर्षा होगी। 

     इसके कारण मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, और गुजरात में नर्मदा, केन, बेतवा, चंबल और इसकी सहायक नदियों माही और साबरमती में जल स्तर बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते नदियों के क्षेत्रों में जल स्तर में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। नर्मदा बेसिन-मध्य प्रदेश मे होशंगाबाद, बेतुल,रायसेन, सीहोर,खंडवा,खारगौन के कुछ भाग, देवास, इंदौर और धार पश्चिमी नीमर और झबुआ तथा गुजरात में धूलिया, नर्मदा, भडूच और वडोदरा जिले के कुछ भाग।
      केन बेसिन-मध्य प्रदेश के जबलपुर,सागर,दमोह,पन्ना,सतना, छतरपुर और रायसेन जिले तथा उत्तरप्रदेश के हमीरपुर और बांदा जिले। बेतवा बेसिन- मध्यप्रदेश के टीकमगढ़, सागर, विदिशा, रायसेन,भोपाल,शिवपुरी और छतरपुर जिले तथा उत्तरप्रदेश के हमीरपुर, जालौन, झांसी और बांदा जिले। 
       चंबल बेसिन-मध्य प्रदेश के इंदौर,उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और नीमच तथा राजस्थान के कोटा और झालावार जिले। माही बेसिन-मध्य प्रदेश के झबुवा, धार और रतलाम जिले तथा मध्यप्रदेश के उदयपुर, डुगरपुर और बांसवाडा जिले तथा गुजरात के पंचमहल माही सागर और खेड़ा जिले।
       साबरमती बेसिन-राजस्थान के उदयपुर सिरोही, पाली और डुंगरपुर जिले तथा गुजरात के साबरकांठा, मेहसाना, अहमदाबाद,गांधीनगर और खेडा जिले।
      चंबल, बेतवा, माही और साबरमती बेसिन के बांधो में जल स्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है, लेकिन इन बांधो मे पर्याप्त भंडारण उपलब्ध होने के कारण निचले इलाकों में वर्षा और नदियों के स्तर के आधार पर जल स्तर सावधानी पूर्वक छोड़ा जा सकता है।

  

No comments:

Post a Comment