राष्ट्रपति ने प्रेजीडेन्ट्स लेडी की पहली प्रति प्राप्त की
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी स्वर्गीय पत्नी श्रीमती सुबरा मुखर्जी पर लिखी गई पुस्तक प्रेजीडेन्ट्स लेडी (प्राणाबर प्रेयसी) की पहली प्रति उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी से प्राप्त की।
अंसारी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में इस पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि वे पुस्तक की लेखिका सुश्री संगीता घोष और उन सभी लोगों के आभारी हैं, जिन्होंने इसे प्रकाशित करने में सहयोग दिया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती सुबरा मुखर्जी एक ऐसा व्यक्तित्व थीं, जिन्हें संगीत (विशेषकर रवीन्द्र संगीत) और चित्रकारी में काफी दिलचस्पी थी।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मुखर्जी राजनीति में नहीं रहीं, लेकिन अनेक राजनीतिक हस्तियों से परिचित थीं। फिर भी उन्होंने खुद को संगीत, चित्रकारी और लेखन तक सीमित रखा।
उन्होंने रवीन्द्र संगीत को गैर बांग्ला दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया। राष्ट्रपति ने उन सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं, जिनकी मदद से पुस्तक प्रकाशित हो सकी। उप राष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने कहा कि श्रीमती सुरवा मुखर्जी ने देश की पहली महिला होने के नाते इस स्थान की गरिमा को बढ़ाया है।
उन्होंने यह बात सुश्री संगीता घोष द्वारा लिखित पुस्तक प्रेसिडेंट्स लेडी के विमोचन के बाद इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक की पहली प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सौंपी।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीमती मुखर्जी एक संगीत कलाकार, एक चित्रकार, एक लेखक, एक मां और देश के सर्वोच्च पद को ग्रहण करने वाले भारत के राष्ट्रपति की जीवन संगिनी थी।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का यह अंक श्रीमती मुखर्जी के उल्लेखनीय व्यक्तित्व और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अद्भुत और प्रतिभाशाली व्यक्ति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने यह बात सुश्री संगीता घोष द्वारा लिखित पुस्तक प्रेसिडेंट्स लेडी के विमोचन के बाद इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक की पहली प्रति राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सौंपी।
उप राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीमती मुखर्जी एक संगीत कलाकार, एक चित्रकार, एक लेखक, एक मां और देश के सर्वोच्च पद को ग्रहण करने वाले भारत के राष्ट्रपति की जीवन संगिनी थी।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का यह अंक श्रीमती मुखर्जी के उल्लेखनीय व्यक्तित्व और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अद्भुत और प्रतिभाशाली व्यक्ति के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

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