भारतीय युद्धपोतों की फ्रांस टाऊलॉन यात्रा
भूमध्य सागर और अफ्रीका के पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना की विदेशी तैनाती के क्रम में, आईएनएस मुंबई, त्रिशूल और आदित्य नामक तीन भारतीय युद्धपोत आज तीन दिवसीय यात्रा के लिए टाऊलॉन पहुंचे।
टाऊलॉन नौसेना बेस पर टाऊलॉन प्रशासन और फ्रांस नौसेना ने भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित कर, तीनों युद्धपोतों को गर्मजोशी से प्राप्त किया। यह जहाज़ भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमांड का एक हिस्सा है और इस पर तैनात टास्क समूह का नेतृत्व पश्चिमी फ्लीट के फ्लैग कमांडिंग ऑफिसर रियर एडमिरल आर.बी. पंडित कर रहे हैं। वह फ्लैग को आईएनएस मुंबई पर स्थित विध्वंसक मिसाइल पर अपने झंडे को फहरा रहे हैं। टाऊलॉन की इस यात्रा के समापन के बाद भारत और फ्रांस की नौसेना के बीच 24 से 30 अप्रैल 2017 के बीच वरुण नामक द्विपक्षीय अभ्यास तय किया गया है।
अभ्यास की वरुण श्रंखला, वर्ष 2000 में प्रारंभ हुई थी, और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच एक संस्थागत रूप में विकसित हो चुकी है। अंतिम वरुण अभ्यास भारतीय तट पर आयोजित किया गया था। फ्रांस के लिए पश्चिमी नौसेना कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल गिरिश लूथरा की यात्रा संयोगवश तरीके से उसी समय हो रही है, जब फ्रांस में भारतीय युद्धपोत तीन दिवसीय यात्रा पर हैं और वरुण अभ्यास का समय भी तय किया जा चुका है।
उनकी यह यात्रा फ्रांस की नौसेना के साथ भारतीय नौसेना के मज़बूत संबंधों को प्रदर्शित करता है। पश्चिमी नौसेना कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल गिरिश लूथरा फ्रांस न्यूक्लियर पनडुब्बी इकाई फ्रांसीसी फ्रिगेट एफएनएस औवरन के साथ-साथ जल के भीतर प्रयोग में लाए जाने वाले हथियारों संबंधी विभिन्न सुविधाओं का दौरा करेंगे। भारत और फ्रांस के बीच पारंपरिक रूप से मज़बूत संबंध रहे हैं।
पिछले कुछ सालों के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग व्यापक स्तर पर तेज़ी से बढ़ा है और भारतीय नौसेना एवं फ्रांस की नौसेना के बीच बातचीत दोनों देशों के बीच संबंधों को मज़बूत करने में मील का पत्थर साबित हुई है।

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