Friday, 7 April 2017

भारत व ब्रिटेन में ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन क्षेत्र में घनिष्‍ठता

                 केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला नवीन और  नवीकरणीय ऊर्जा एवं खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्‍यवसाय, ऊर्जा तथा औद्योगिक रण्‍नीति मंत्री ग्रेग क्‍लार्क ने साझा रूप में भारत-ब्रिटेन संवाद विकास के लिए ऊर्जा की अध्‍यक्षता की।

              यह संवाद दोनों देशों की विकास साझेदारी के लिए ऊर्जा को आगे बढ़ाने के भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री सुश्री थेरेसा मे के संकल्‍प को आगे ले जाता है। गोयल व क्‍लार्क ने भारत की ऊर्जा क्षेत्र में ब्रिटेन की जारी वचनबद्धता का स्‍वागत किया। दोनों देशों ने संयुक्‍त कोष में 120 मिलियन पाउन्‍ड के निवेश की पुष्टि की थी। इसका उद्देश्‍य 500 मिलियन पाउन्‍ड जुटाना है। यह घोषणा की गई थी कि कोष का फोकस भारत के तेजी से बढ़ रहे ऊर्जा और नवीकरणी ऊर्जा बाजार में निवेश पर होगा।

                   भारत व ब्रिटेन ने जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के महत्‍व को स्‍वीकार किया। विभिन्‍न स्रोतों से वित्‍त एकत्रित करने तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्‍प्रभाव को मिटाने के महत्‍व को स्‍वीकार किया। दोनों देशों ने जी-20 ग्रीन फाइनेंस स्‍टडी ग्रुप के कार्य का स्‍वागत किया। यह ग्रुप ग्रीन फाइनेंस को प्रोत्‍साहित करता है। ग्रीन फाइनेंस के अन्‍य रूपों में ग्रीन बांड जारी करने को प्रोत्‍साहन देता है। 

                दोनों मंत्रियों ने एनर्जी इफिशियंसी सर्विसिज लिमिटेड (ईईएसएल) के कदमों की सराहना की। ईईएसएल ने 7 मिलियन पाउन्‍ड के निवेश से 7 ऊर्जा बचत करने वाली परियोजनाओं में संचालन शुरू किया। परियोजनाएं पिछले दो साल से अधिक समय से चल रही हैं। लाभ प्राप्‍त हो रहा है। दोनों देशों के मंत्रियों ने सफल एलईडी व्‍यवसाय मॉडल (एलईडी उपलब्‍ध कराकर उजाला-उन्‍नत ज्‍योति) के भारत के सफल मॉडल को ब्रिटेन में उतरने में दिलचस्‍पी दिखाई।

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