विशाखापत्तनम संयंत्र : इस्पात का कारोबार 4 प्रतिशत बढ़कर 12781 करोड़
विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र ने परिचालन एवं बिक्री पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। आरआईएनएल के सीएमडी मधुसूदन ने विशाखापत्तनम में कहा कि आने वाले वर्ष में इस्पात की मांग बढ़ेगी।
इस्पात मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने भी आरआईएनएल के प्रदर्शन की सराहना की, जो इस्पात मंत्रालय का एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। वर्ष 2016-17 को दौरान तप्त धातु, द्रव इस्पात, तैयार इस्पात और बिक्री योग्य इस्पात के उत्पादन में क्रमश: 11, 10, 16 और 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। एक अन्य उपलब्धि यह रही है कि वायर रॉड मिल-2 से हुए उत्पादन में 43 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
धातुमल (सिंटर) का सकल उत्पादन 6 मिलियन टन के स्तर पर पहुंच गया, जो 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। आरआईएनएल के सीएमडी पी. मधुसूदन ने उपलब्धियों के लिए वीएसपी संगठन की सराहना की और यह विश्वास जताया कि चालू वित्त वर्ष में विस्तार इकाइयों सहित कुल उत्पादन में अच्छी-खासी वृद्धि होगी। मधुसूदन ने कहा कि आम बजट 2017-18 में इस्पात क्षेत्र के लिए अनुकूल मांग परिदृश्य होने का उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ही सरकार बुनियादी ढांचे एवं किफायती मकानों पर विशेष जोर दे रही है जिससे देश में इस्पात की खपत के मद्देनजर इसकी मांग बढ़ेगी। बुनियादी ढांचागत क्षेत्र के साथ-साथ निर्माण क्षेत्र में भी सुस्ती होने के बावजूद आरआईएनएल का कारोबार 4 प्रतिशत बढ़कर 12781 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वर्ष 2016-17 के इस आंकड़े में 1048 करोड़ रुपये का निर्यात भी शामिल है।
वर्ष 2016-17 के दौरान सभी विपणन क्षेत्रों में वृद्धि आंकी गई। आरआईएनएल ने मार्च ’17 के दौरान 5.77 लाख टन की बिक्री की, जो 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी तरह इस दौरान आरआईएनएल का कारोबार 2205 करोड़ रुपये आंका गया जो मार्च ’16 की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है।

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