Tuesday, 28 March 2017

झारखंड के देवघर में हवाईअड्डे के विकास के लिए समझौता

            झारखंड के देवघर जिले में देवघर हवाईअड्डे के विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और झारखंड सरकार ने त्रिपक्षीय समझौता दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। 

         मौजूदा देवघर हवाईअड्डे को विकसित करके उसे ए-320 और सी-130 विमानों के संचालन में सक्षम बनाया जाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर संबंधी समारोह मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ। उल्लेखनीय है कि देवघर हवाईअड्डे के पास इस समय 53.41 जमीन है और झारखंड सरकार ने 600.34 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। हवाईअड्डे के विकास, संचालन और रख-रखाव के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, झारखंड सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण क्रमशः 200 करोड़ रुपए और 50 करोड़ रुपए प्रदान करेंगे। 

             देवघर हवाईअड्डे के विकास के लिए दो वर्ष की समयसीमा निर्धारित की गई है। इस अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास, नागारिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, झारखंड के यातायात मंत्री सी.पी. सिंह, सांसद राम टहल चौधरी और सांसद निशीकांत दुबे भी उपस्थित थे। इनके अलावा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. गुरू प्रसाद महापात्रा, झारखंड सरकार की प्रमुख सचिव सुश्री राजबाला वर्मा, झारखंड सरकार के विकास आयुक्त अमित खरे, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सदस्य आयोजना सुधीर रहेजा, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के आरईडी (ईआर) संजय जैन, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अपर निदेशक एच.एस. चौधरी, रांची के विमानपत्तन निदेशक अनिल विक्रम तथा झारखंड सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

             केन्द्रीय नागारिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री रघुबर दास, झारखंड के यातायात मंत्री सी.पी. सिंह और सांसद निशीकांत दुबे की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (ईआर) संजय जैन, झारखंड सरकार के उप सचिव यातायात (नागारिक उड्डयन) राम नारायण राम और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अपर निदेशक ग्रुप कैप्टन एच.एस. चौधरी, झारखंड के देवघर जिले में देवघर हवाईअड्डे के विकास संबंधी समझौता दस्तावेज का आदान-प्रदान करते हुए।

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