Thursday, 16 February 2017

महिलाओं, बच्‍चों तथा वरिष्‍ठ नागरिकों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता

             केन्‍द्रीय गृह राज्‍य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर दिल्‍ली पुलिस के 70वां स्‍थापना दिवस के मुख्‍य अतिथि रहे। अहीर ने 70वें स्‍थापना दिवस के अवसर पर गार्ड ऑफ ओनर का निरीक्षण किया। 

              इस अवसर पर हंसराज गंगाराम अहीर ने कहा कि दिल्‍ली पूरे देश में हो रही राजनीतिक, सामाजिक, सांस्‍कृतिक तथा वाणिज्यिक गतिविधियों के केन्‍द्र में है। दिल्‍ली पुलिस को कानून व्‍यवस्‍था बनाये रखने और अपराध को नियं‍त्रित रखने के नियमित कर्तव्‍यों को पूरा करने के अतिरिक्‍त बड़े पैमाने पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा। 

             गृह राज्‍य मंत्री ने आतंरिक आतंकवाद के प्रति नागरिकों को सचेत किया और दिल्‍ली पुलिस बल में विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि दिल्‍ली पुलिस किसी भी आपातस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह लैस है। उन्‍होंने मै‍त्रीपूर्ण व्‍यवहार वाले पुलिस बल की आवश्‍यकता पर जोर देते हुए महिलाओं, बच्‍चों तथा वरिष्‍ठ नागरिकों के हितों को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्‍होंने निर्भय कोष की राशि 25 करोड़ रूपये बढ़ाये जाने की जानकारी दी। आश्‍वासन दिया कि पुलिस बल की आधुनिकीकरण और डिजिटीकरण आवश्‍यकताओं पर गृह मंत्रालय सार्थक दृष्टि रखेगा। 

              मुख्‍य अतिथि ने 44 पुलिसकर्मियों को शौर्य पदक, विशिष्‍ट सेवा के लिए राष्‍ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिया। दिल्‍ली के पुलिस आयुक्‍त अमूल्‍य पटनायक ने मोबाइल ऐप तथा गुमशुदगी रिपोर्ट के लिए हेल्‍प लाइन, वरिष्‍ठ नागरिकों, संकट में फंसे महिलाओं तथा बच्‍चों, पुलिस मंजूरी तथा ट्रैफिक अपडेट सहित दिल्‍ली पुलिस द्वारा उठाये गये कदमों की सराहना की। 

                उन्‍होंने कहा कि वह पुलिस बल को मित्रतापूर्ण बनाने के लिए तथा डिजिटीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि महानगर में अपराध के बदलते स्‍वभाव से निपटा जा सके। पटनायक ने कहा कि दिल्‍ली पुलिस पूरी तरह लैस है। किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए दिल्‍ली पुलिस बल का मनोबल ऊंचा है।

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