कर्मचारी नामांकन अभियान, ब्यौरा घोषित करने का अवसर
ईपीएफओ ने कर्मचारी नामांकन अभियान 2017 का शुभारंभ किया है, जिसके तहत नियोक्ताओं को उन सभी कर्मचारियों का ब्यौरा स्वेच्छा से घोषित करने का अवसर दिया गया है जो अभी तक ईपीएफओ के तहत सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने से वंचित रहे हैं।
यह घोषणा योजना 01 जनवरी 2017 से लेकर 31 मार्च 2017 तक मान्य रहेगी। इस योजना के तहत यदि अंशदान में कर्मचारियों का हिस्सा नहीं काटे जाने की घोषणा नियोक्ता करता है तो उसे माफ मान लिया जाएगा। इस अभियान के तहत जिन कर्मचारियों के बारे में घोषणा की जाएगी उनके संदर्भ में नियोक्ता द्वारा क्षतिपूर्ति का भुगतान प्रति वर्ष एक रुपये की दर से किया जाएगा। इस घोषणा के तहत किये गये अंशदान के संदर्भ में नियोक्ता से कोई भी प्रशासकीय शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस अभियान के तहत उस अवधि के लिए घोषणा की जा सकती है जिस दौरान धारा 7 ए के तहत किसी तरह की जांच-पड़ताल शुरू नहीं की गई है।
ईपीएफओ पोटल के प्रमुख नियोक्ता खंड के तहत ऑनलाइन घोषणा की सुविधा ईपीएफओ ने दी है। ईपीएफओ पोटल से कर्मचारी नामांकन अभियान के क्रियान्वयन में सुविधा होती है। घोषणा के बाद नामांकन की समूची पिछली अवधि के लिए माहवार ईसीआर के जरिये नियोक्ता द्वारा भुगतान को प्रेषित किया जाएगा। बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी पेंशन योजना के पेंशनभोगियों और सदस्यों हेतु ‘आधार’ को मुहैया कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। जनवरी 2017 में ईपीएफओ ने 19,114 शिकायतों का निपटारा किया। हालांकि 2,556 शिकायतें अब भी लंबित हैं। इन लंबित शिकायतों में से 2,206 शिकायतें सात दिनों से भी कम समयावधि से लंबित हैं।
कम्प्यूटरीकरण के अगले चरण के तहत ईपीएफओ एक केंद्रीकृत प्राप्ति और भुगतान प्रणाली को अपनाने की ओर अग्रसर हो गया है। ईपीएफओ ने अनेक बैंकों के साथ बैंकिंग संबंधी समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं।

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