वैज्ञानिक अनुसंधान से जीवन में बदलाव
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि सरकार द्वारा स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में की जा रही पहल स्पष्ट होनी चाहिए।
इनकी बदौलत आम लोगों के जीवन में ऐसे बदलाव सुनिश्चित किये जाने चाहिए जिन्हें मापना संभव हो। नई दिल्ली में खनन एवं ईंधन उद्योगों के लिए अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (एनएक्सजीएनएमआईएफयू-2017) का उद्घाटन करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस सम्मेलन में इस बात पर अवश्य ही गौर किया जाना चाहिए कि निर्धनतम लोगों/वंचितों/दलितों के कामकाज की स्थितियां कैसी हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान से उनके जीवन में किस हद तक बदलाव एवं बेहतरी सुनिश्चित हो सकती है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के.सारस्वत ने भी सम्मानित अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इसकी अध्यक्षता सीएसआईआर के डीजी एवं डीएसआईआर के सचिव डॉ. जी. साहनी ने की। खनन एवं ईंधन क्षेत्रों के आठ प्रतिष्ठित दिग्गजों अर्थात खान सुरक्षा महानिदेशक राहुल गुहा, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के सीएमडी गोपाल सिंह, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीओओ लक्ष्मण शेखावत, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के निदेशक डॉ. एन के नंदा, एनआईटी सूरतकल, कर्नाटक के प्रो. वी आर शास्त्री, आईआईएससी, बेंगलुरू के प्रो. एस.संपत, एनटीपीसी के निदेशक के.के. शर्मा और आईओसीएल के निदेशक संजीव सिंह का इस दौरान अभिनन्दन किया गया। विशेषकर अपने-अपने उद्योगों और समूचे राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने के मद्देनजर ही इन दिग्गजों का अभिनन्दन किया गया।
इस परिवेश को ध्यान में रखते हुए सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद ने सीएसआईआर–प्लेटिनम जुबली समारोह के अवसर पर नई दिल्ली में 15 से लेकर 17 फरवरी 2017 तक खनन एवं ईंधन उद्योगों के लिए अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (एनएक्सजीएनएमआईएफयू-2017) का आयोजन किया है।

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