Friday, 24 February 2017

उद्यमिता शिक्षा को प्रोत्‍साहन: 15 लाख युवाओं को उद्यमिता

           कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा वधवानी ऑपरेटिंग फाउंडेशन (डब्‍ल्‍यूओएफ) ने प्रधानमंत्री युवा योजना के साथ देश में उद्यमिता और कौशल विकास पहलों को संयुक्‍त रूप से विकसित और कार्यान्‍वित करने के लिए प्रारंभिक समझ को पूर्ण करने के लिए इस दिशा में प्रथम संयुक्‍त प्रयास के रूप में यहां दो समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए। 

            इन समझौतों पर मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव सुश्री ज्‍योत्‍सना सित्लिंग और डब्‍ल्‍यूओएफ के कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय केला ने हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री युवा योजना का शुभारंभ मंत्रालय द्वारा 2016 में देश भर के लगभग 15 लाख विद्यार्थियों को 3050 परियोजना संस्‍थाओं के माध्‍यम से ऑनलाइन उद्यमिता शिक्षा प्रदान करने के लक्ष्‍य के साथ किया गया था। इन संस्‍थाओं में उच्‍च शिक्षण संस्‍थान, स्‍कूल, आईआईटी और उद्यमिता विकास केंद्र, सरकारी और निजी दोनों, शामिल हैं। ऑनलाइन उद्यमिता मॉड्यूल्‍स को क्‍लासरूम आधारित प्रायोगिक शिक्षण कार्यकलापों और प्रेक्‍टिकम्‍स के साथ विधिवत सहायता दी जाएगी, जिन्‍हें शैक्षिक संस्‍थाओं के विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा सुगम बनाया जाएगा। मंत्रालय योजना के अंतर्गत विविध गतिविधियों को संचालित करने के लिए इन संस्‍थाओं को वित्‍तीय सहायता भी उपलब्‍ध कराएगी।

               पांच वर्षों की इस योजना के दौरान 23,000 से ज्‍यादा उद्यम स्‍थापित किए जाने की संभावना है। इसके परिणामस्‍वरूप देश में 2.30 लाख से ज्‍यादा रोजगार के प्रत्‍यक्ष और परोक्ष अवसरों का सृजन हो सकता है। इस योजना में उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों में इच्‍छुक छात्रों को विशेष रूप से विकसित किए गए सामाजिक उद्यमिता मॉड्यूल प्रदान किए जाने की भी परिकल्‍पना की गई है। 

             ज्ञान साझेदार (नॉलेज पार्टनर) के रूप में डब्‍ल्‍यूओएफ योजना के अंतर्गत नि:शुल्‍क सॉफ्टवेयर, विषय-वस्‍तु तथा शिक्षक और फील्‍ड स्‍टाफ के प्रशिक्षण और कार्यक्रम परामर्श सेवाओं का योगदान दे रहा है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने इस अवसर पर अपने संबोंधन के दौरान विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि यह योजना एक उद्यमी भारत का निर्माण करने के वर्तमान केंद्र सरकार के विजन को साकार करने में सफल होगी। उन्‍होंने कहा, ‘निश्‍चित रूप से यह एक महान पहल है। 

            अब हम कौशल और उद्यमिता के लिए स्कूलों को साथ जोड़ रहे हैं। हम शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास उद्यमिता पाठ्यक्रम हैं। यह पहल इन्‍हें और ज्‍यादा उपयोगी बनाएगी।’

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