दुनिया के 50 शीर्ष देशों में कारोबार स्थान पाने के लिए रैंकिंग में सुधार के उपाय
भारत सरकार देश में कारोबार के माहौल में सुधार लाने के प्रयासों और विश्व बैंक की रिपोर्ट में कारोबार करने में आसान करने के दर्जे में सुधार लाने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहरी विकासमंत्री एम. वेंकैया नायडू, विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती निर्मला सीतारमण , बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव सहित डीईए, डीआईपीपी, एमसीए, न्याय, शहरी विकास, नागरिक उड्डयन मंत्रालय , राजस्व , भूमि संसाधन विभाग , सीबीईसी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव तथा महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
नोडल विभाग ने देश के रैंकिंग में सुधार करने वाले 10 सूचकों में प्रत्येक सूचक की पहचान की गई है जो देश में सुधार प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। विभागों ने इस बैठक में हाल में किए गए सुधारों का संक्षिप्त अवलोकन पेश किया गया वर्ष 2017 में सुझावों को क्रियान्वित करने पर सहमति व्यक्त की। इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि विभाग हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श करेगा और सुधार पर उठाए गए कदम पर उनका फीडबैक प्राप्त करेगा। विभाग फीडबैक देने वालों के साथ बातचीत करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सुधार जमीनी स्तर पर महसूस किए जाएं। इस संदर्भ में प्रत्येक विभाग आवश्यक सुधार करने के लिए इस दिशा में होने वाली प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करेगा। इस बैठक में प्रमुख निर्णय लिए गए। कारोबार शुरू करने के लिए ई बिज पेार्टल आवश्यक होगा। इनमें कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के तीनों सेवाएं पैन और टैन के लिए पंजीकरण, ईपीएफओ और ईएसआईसी का पंजीकरण भी शामिल है।
कारोबार शुरू करने के लिए कारपोरेट मामलों के मंत्रालय सीबीडीटी, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय प्रक्रियाओं की संख्या कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसमें प्रक्रियाओं की संख्या 4 की जाएगी । इसके लिए दिन भी चार तय किए गए हैं। रिर्टन दाखिल करने, चालान,ऑनलाइन भुगतान,और ईपीएफओ और ईएसआईसी के अंशदान के लिए केवल श्रम सुविधा पोर्टल का प्रयोग किया जा सकेगा। राजस्व विभाग और जहाजरानी मंत्रालय प्रत्यक्ष वितरण के खेप की संख्या इस महीने तक बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक करने के लिए काम करेंगे। विभाग इस बात को भी सुनिश्चित करेगा कि निर्यात और आयात की लागत में ठोस कमी आए जिससे भारत दुनिया के 50 शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो सके। कारपोरेट मामलों के मंत्रालय संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर एनसीएलटी के माध्यम से हाल ही में बने तालाबंदी और दीवालिया संहिता के प्रावधानों को लागू करेगा। सुधार में होने वाली प्रगति की समीक्षा के लिए अगले साल जनवरी में फिर बैठक होगी ताकि स्वीकृत समय सीमा के भीतर इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

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