Wednesday, 21 December 2016

ई-भुगतान को प्रोत्साहन, लाखों के ईनाम  

       भारत सरकार डिजिटल एवं क्रेडिट कार्ड सहित अन्य ई-लेन-देन को हर संभव प्रोत्साहन देगी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस आशय की घोषणा की है। 

भारत सरकार की इस प्रोत्साहन योजना में पचास रुपये से लेकर तीन हजार की छोटी खरीद-फरोख्त को पुरस्कार-ईनाम योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के तहत प्रतिदिन पन्द्रह हजार उपभोक्ताओं को एक-एक हजार रुपये की धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजेगी। इसके अलावा अन्य ढ़ेरों प्रोत्साहन एवं पुरस्कार इस योजना में शामिल होंगे। इसके पीछे ई-भुगतान को बढ़ावा देना है। डिजिटल और कार्ड से भुगतान को बढ़ावा देने के लिए वित्त् मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) से जनता के हित को ध्यान में रखते हुए लेन-देन के लिए फीस चार्ज नहीं करने को कहा है। नकदी के बजाय कार्ड और डिजिटल साधनों से भुगतान को बढ़ावा देने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक ने 1000 रूपये तक के तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस), एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) और असंरचित पूरक सेवा डाटा (यूएसएसडी) से लेन-देन को तर्कसंगत बनाते हुए 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2017 तक चार्जेज में छूट दी है। 

भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 जनवरी 2017 से 31 मार्च 2017 तक डेबिट कार्ड से 2000 रूपये तक के लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को भी तर्कसंगत बनाया है। इससे आगे बढ़ते हुए डिजिटल और कार्ड से भुगतान को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को जनता के हित में तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) से भुगतान करने पर चार्ज नहीं लेने को कहा है। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) के जरिए 1000 रूपये से ज्यादा के भुगतान पर भी सिर्फ सेवा कर ही लेने को कहा है। इसके साथ असंरचित पूरक सेवा डाटा (यूएसएसडी) के जरिए 1000 रूपये से ज्यादा के भुगतान पर भी पचास पैसे की छूट देने को कहा है। यह 31.03.2017 तक के सभी लेनदेन के लिए लागू होगा।

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