वीएलई की संख्या दोगुनी होकर 47 हजार से एक लाख हो जाएगी
नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स,सूचना प्रौद्योगिकी और विधि तथा न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद और सूचना एवं प्रसारण तथा कपडा मंत्री श्रीमती जुबिन ईरानी ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर "स्त्री स्वाभिमान- महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) की एक पहल पर आज एक कार्यशाला" का उद्घाटन किया।
कार्यशाला में सीएससी के माध्यम से महिला ग्रामीण उद्यमियों द्वारा देश की गरीब और वंचित महिलाओं के बीच स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्यों की प्रगति और प्रभाव को दर्शाया गया।
श्री प्रसाद ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ ही उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढावा देने के लिए स्त्री स्वाभिमान परियोजना के तहत सैनिटेरी नैपकीन बनाने वाली इकाईयां लगाने के ग्रामीण महिला उद्मियों के प्रयासो की सराहना की। स्वच्छ भारत अभियान तथा डिजी धन अभियान जैसे सरकारी अभियानो के साथ बडे पैमाने पर लोगों को जोड़ने की वीएलई की ताकत का जिक्र करते हुए श्री रविशंकर ने कहा कि आज देश में ऐसी महिलाओं की संख्या 47 हजार है। मैं चाहता हूं कि देश में इनकी संख्या बढकर एक लाख से ज्यादा हो जाए।
मंत्री ने कहा, "डिजिटल इंडिया" अभियान में महिलाओं के लिए अग्रिम स्थान सुनिश्चित करने से एक नया सामाजिक बदलाव आएगा जहां वे भेदभाव से मुक्त समाज के निमार्ण का वाहन बनेंगी। डिजिटल रूप से सशक्त महिलाएं ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने की भूमिका निभा सकेंगी। कार्यशाला में देश भर से आयी लगभग 700 वीएलई जिनमें से कई ने सैनिटरी नैपकिन इकाइयां स्थापित की हैं के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कयी वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती ईरानी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला ग्रामीण उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा,"मेरा मानना है कि हर दिन महिला दिवस है। महिला सशक्तिकरण, खासकर ग्रामीण भारत में रहने वाली महिलाओं का सशक्तिकरण, हमारी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। सरकार ने देश में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के लिए स्वच्छता से जुड़े दिशानिर्देश तैयार किए हैं।
उन्हेंने इस अवसर पर बंजारा समुदाय की महिलाओं के बीच "वीएलई" स्नेहलता देवी की पहल चुप्पी तोड़ो, सयानी बनो "का उल्लेख करते हुए कहा, "महिला वीएलई शासन का पहला पाठ पढ़ा रही हैं।" उन्होंने कहा, "पिछले तीन सालों में, 16 करोड़ से अधिक महिलाएं जन धन योजना के माध्यम से बैंक खाते खोल चुकी हैं। इसी तरह, हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई मुद्रा योजना से, 7.80 करोड़ महिला उद्यमी तैयार हुयी हैं।
श्रीमती ईरानी ने "परिवर्तन का वाहक बनी महिला वीएलई के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए इस महीने 11 तारीख को बेंगलूर के पास एक महिला वीएलई द्वारा चलाया गये सामान्य सेवा केन्द्रका का दौरा करने का वादा किया। उन्होंने कहा, "मुझे आपके केन्द्र पर आकर एक कप चाय पीने से खुशी मिलेगी।"

No comments:
Post a Comment