Wednesday, 11 January 2017

दिव्‍यांगजन (विकलांग) सशक्तिकरण के लिए ‘सुगम्‍य भारत अभियान’


          सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत की अध्‍यक्षता में ‘‘सुगम्‍य भारत अभियान’’ की योजना पर दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति बैठक का आयोजन किया गया। 

            गहलोत ने कहा कि दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग की स्‍थापना 12 मई, 2012 को की गई थी। विकलांग व्‍यक्तियों को अब दिव्‍यांगजन के रूप में संबोधित किया जाता है। यह विभाग दिव्‍यांगजन प्रशासन (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 95 के लिए उत्तरदायी है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में कुल 2.68 करोड़ दिव्‍यांगजन हैं जो कुल जनसंख्‍या का 2.21 प्रतिशत हैं। 

         प्रधानमंत्री ने 3 दिसम्‍बर, 2015 को पर्यावरण, परिवहन प्रणाली और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पारिस्थितिकी में दिव्‍यांगजनों के लिए सार्वभौमिक पहुंच बनाने हेतु ‘सुगम्‍य भारत अभियान’ का शुभारंभ किया था। इस अभियान के पीछे का दर्शन दिव्‍यांगजनों का एक सामाजिक मॉडल है। लक्ष्‍यों को अभियान की रणनीति के दस्‍तावेज तैयार कर लिये गये हैं। अभियान में देश के 50 शहरों में 25 से 50 सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण सरकारी भवनों की सुगम्‍यता जांच को पूर्ण करना, राष्‍ट्रीय राजधानी और राज्‍य की सभी राजधानियों के सभी सरकारी भवनों के 50 प्रतिशत को पूर्ण सुगम्‍य बनाना, सरकारी भवनों के 50 प्रतिशत सुगम्‍यता परीक्षण को पूर्ण करना।:अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डों के सुगम्‍यता परीक्षण को पूर्ण करना और उन्‍हें पूरी तरह सुगम्‍य बनाना। सभी घरेलू हवाई अड्डों के सुगम्‍यता परीक्षणों को पूर्ण करना और उन्‍हें पूरी तरह सुगम्‍य बनाना।

           रेलवे स्‍टेशनों की ए और बी श्रेणियों को पूर्ण सुगम्‍य बनाया जायेगा और सभी रेलवे स्‍टेशनों के 50 प्रतिशत को मार्च, 2018 तक पूर्ण सुगम्‍य बनाया जायेगा। केंद्र और राज्‍य सरकार की कम से कम 50 प्रतिशत वेबसाइटों को सुगम्‍यता मानक पूरे करने होंगे। सार्वजनिक दस्‍तावेजों के कम से कम 50 प्रतिशत को सुगम्‍यता मानक पूरे करने होंगे।

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