सांसदों को सामाजिक सद्भाव और शांति के लिए एकजुट होना चाहिए
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि संसद के सभी सदस्यों को भाव और उद्देश्य के साथ सामाजिक सौहार्द और शांति हासिल करने के लिए एकजुट होना चाहिए।
उपराष्ट्रपति 2018 के लिए लोकसभा कैलेंडर जारी करने के बाद भारतीय संसदीय समूह (आईपीजी) की वार्षिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोकसभा की अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय संसदीय समूह हमारी संसद और विश्व की अन्य संसदों के बीच सेतू का काम कर रहा है और संसदीय शिष्टमंडलों का आदान-प्रदान सद्भावना मिशन, पत्राचार तथा दस्तावेजों की देखरेख करता है।
उन्होंने कहा कि इस वार्षिक बैठक से विभिन्न उपलब्धियों की समीक्षा करने, नई योजनाएं बनाने तथा आने वाले वर्ष के लिए नए लक्ष्य तय करने का अवसर मिलेगा। ऐसी बैठकों का उद्देश्य सदस्यों में नई ऊर्जा और संकल्प शक्ति भरना भी है, ताकि आगे कार्यक्रम जारी रखा जा सके।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष का थीम अनूठा और प्रेरक है तथा यह संसद के शानदार गुम्बदों, मेहराबों, कक्षों तथा अन्य स्थानों पर अंकित प्रेरक शब्दों और कथनों को दिखाता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट संदेश, सार्वभौमिक और सार्वकालिक है। अंकित शब्द और कथन अपने आप में बौद्धिक रूप से मोती हैं और हमारे इतिहास और दार्शनिक परम्पराओं के प्रमाणिक स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में राष्ट्रीय व्यापक गतिविधियों पर विचार किया जाता है और देश की नियती तय की जाती है। इसलिए इस महान संस्था के विचार-विमर्श का सत्य की उच्च परम्परा से प्रेरित होना स्वाभाविक है।

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