देश में धर्मनिरपेक्षता की जड़ो को और सशक्त करना होगा
गुजरात। उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने कहा है कि देश में धर्मनिरपेक्षता की जड़ो को ओर सशक्त करना होगा और स्वार्थी तत्वो और धार्मिक चरमपंथियों द्वारा धर्म के नाम पर भेदभाव पैदा करने के प्रयासों को कुचलना होगा।
श्री नायडू गुजरात के पवित्र उदवाड़ा गांव में ईरानशाह उदवाड़ा उत्सव-2017 के अवसर पर पारसी समुदाय के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पारसी समुदाय ने परमाणु ऊर्जा से लेकर औषधि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश की प्रगति में बहुमूल्य योगदान दिया है।
उन्होंने महात्मा गांधी के कथन का उद्धरण कहते हुए कहा मुझे अपने देश भारत में पारसी समुदाय की निम्न संख्या के बावजूद उनके शानदार योगदान पर गर्व है और यह दान और मानवीय सौहार्द्ध की दिशा में यह अद्धितीय एवं अप्रतिम हैं।
उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने कहा कि भारत की मिलीजुली संस्कृति और सदाचार भारत की धर्मनिरपेक्षता का आधार है। संविधान में सम्मिलित होने से पूर्व ही धर्मनिरपेक्षता प्रत्येक भारतीय के डीएनए में है। सर्व धर्म समभाव भारत के धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक है।
श्री नायडू ने कहा कि नगर में पर्यटन की संभावना को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार ने गन्तव्य विकास परियोजना की शुरूआत की है और ईरानशाह अग्नि मंदिर में और निकट कुछ आधारभूत सुविधाओ का निर्माण किया है।उन्होंने कहा इस विरासत नगर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुझाव पर धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया किया गया है।

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