Thursday, 2 November 2017

दुनिया की 17 प्रतिशत आबादी की पहुंच बिजली तक नहीं

  बैंकॉक। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बैंकॉक में 7वें एशियाई मंत्री स्तरीय ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन में कहा मैं इस महत्‍वपूर्ण कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति पर सम्‍मानित महसूस कर रही हूं, जहां ऊर्जा के क्षेत्र के लिये अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण देशों के मंत्रीगण एकत्रित हुये हैं।

 एशिया ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्‍पादक होने के साथ ही सबसे बड़ा उपभोक्‍ता भी है। मुझे खुशी है कि आईईएफ नियमित रूप से एशियाई मंत्रि-स्तरीय ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन आयोजित करता है। मैं पिछली बार 2015 में दोहा में एशियाई मंत्रि-स्तरीय ऊर्जा गोलमेज सम्मेलन में शामिल हुआ था। मुझे प्रसन्‍नता है कि इस महत्‍वपूर्ण चर्चा के लिये कई देशों के मेरे विभिन्‍न विशिष्‍ट मित्र भी आज यहां उपस्थित हैं। ऐसी बैठकों से ऊर्जा के परिदृश्‍य के महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों पर क्षेत्रीय ध्‍यान केंद्रीत होता है। 
   पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा मेरे विचार से आईईएफ ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व करने वाला अंतर्राष्ट्रीय संगठन है, क्योंकि तेल और गैस की 90 प्रतिशत की वैश्विक आपूर्ति करने वाले इसके सदस्य हैं। इसके 72 सदस्य पूरे छह महाद्वीप में हैं। इसलिए आईईएफ वैश्विक ऊर्जा के मुद्दों पर चर्चा के लिए उत्पादकों और उपभोक्ताओं को सबसे बेहतरीन वैश्विक मंच प्रदान करता है। यह एक मात्र ऐसा संगठन है, जिसमें कोई भी देश निर्बाध शामिल सकता है। 
     गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा मैंने इसे ओपेक, आईईए और अंतर्राष्ट्रीय गैस यूनियन (आईजीयू) जैसे अन्य संगठनों के साथ नजदीक से कार्य करते देखा है। मैंने देखा है कि जी-20 के सदस्य देशों में से 18 आईईएफ के सदस्य हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आईईएफ जी-20 देशों के साथ अपने संबंधों में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
     पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा वैश्विक ऊर्जा बाजार में परिवर्तन के बारे में इस कार्यक्रम का विषय उचित और समय के अनुरूप है। मैंने 40 महीने पहले पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री का कार्यभार संभाला है। जब मैं इस अवधि के बारे में बताता हूं तो मुझे महसूस होता है कि हम बदलाव की कगार पर हैं।
   गैस मंत्री ने कहा पिछले कुछ वर्षों में हमने तेल की कीमतों में कमी, मिश्रित ऊर्जा में गैस की बढ़ती भूमिका, गैस की प्रचुर आपूर्ति, तेल और गैस बाजार में नये लोगों का प्रवेश और नवीकरणीय तथा ईवी की बढ़ोत्तरी देखी है। 
    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा जैसा कि उचित बाजार अर्थव्यवस्था होनी चाहिए, इसलिए विश्व भर के तेल और गैस के उत्पादक आज बड़ी संख्या में मुक्त बाजार मूल्य को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे तेल और गैस के क्षेत्र में परिवर्तन आया है। ओपेक की भूमिका धीरे-धीरे मूल्य निर्धारण से बदलकर मूल्य स्थिरीकरण की हो गई है। 
    गैस मंत्री ने कहा विश्व महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रहा है, ऐसे में आपसी हित के लिए हम जिम्मेदार मूल्य निर्धारण, बुनियादी ढांचे के निर्माण, गैस और गंतव्य अनुच्छेद के लिए एशियाई प्रीमियम और गैस के लिए तेल मूल्य जोड़ना जैसी रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा वैश्विक ऊर्जा बाजार में बदलाव पर चर्चा करते समय मैं यहां एकत्रित विद्वानों से अपने साझा उद्देश्यों के लिए प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार तथा सहयोग कैसे किया जाए, इस पर भी विचार करने का आग्रह करता हूं।
   गैस मंत्री ने कहा पिछले कुछ वर्षों में चौथी औद्योगिक क्रांति के बारे में काफी चर्चा की गई है। हम सबने पढ़ा और सुना है कि चौथी औद्योगिक क्रांति को भौतिक, डिजिटल और जैविक क्षेत्रों में विचारों, स्मार्ट सोच और प्रौद्योगिकियों के संयोजन से प्रेरित किया जाएगा और हम आज यह जानते हैं कि यह मौलिक रूप से हमारे जीवन को बदल देंगे। 
   गैस मंत्री ने कहा हमें बताया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट की बातें, मशीन लर्निंग, 3 डी प्रिंटिंग, नैनो सेंसर, एनर्जी स्टोरेज, बगैर चालक की कारें जैसी बहुत सारी तकनीकें हैं जिससे अंततः हमारी दुनिया का स्‍वरूप बदल जायेगा। मैं यह बताने से स्‍वयं को रोक नहीं सकता कि 17 वीं सदी तक दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद भारत मुख्यतः उपनिवेशवाद और उसके परिणामों के कारण पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों में शामिल नहीं था। 
     गैस मंत्री ने कहा यहां तक ​​कि जब हम चौथी औद्योगिक क्रांति के बारे में बात करते हैं, तो यह याद रखना उचित है कि आज तक, दुनिया की लगभग 17 प्रतिशत आबादी या 1.3 बिलियन लोगों की पहुंच बिजली तक नहीं है, जो बड़े पैमाने पर दूसरी औद्योगिक क्रांति की ताकत थी। इसी प्रकार, यहां तक ​​कि आज भी विश्व स्तर पर लगभग 50 प्रतिशत लोग इंटरनेट से वंचित हैं जो कि तीसरी औद्योगिक क्रांति के प्रमुख चालकों में से एक है। 
   गैस मंत्री ने कहा इसलिए, जैसा कि भारत औद्योगिक क्रांति की चौथी लहर में दुनिया की अगुआई करने का आकांक्षा करता है, ऐसे एशिया के अन्य विकासशील देशों की तरह ही इसे उसकी आबादी के बड़े हिस्से को दूसरी और तीसरी औद्योगिक क्रांति का पूरा लाभ उठाना होगा। ऐसे में मेरा मानना है कि इस संवाद की निर्णायक भूमिका है। 
   गैस मंत्री ने कहा मुझे विश्वास है कि यह मंच ऊर्जा स्रोत, ऊर्जा क्षमता, ऊर्जा स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों को दिशा देने का एक अवसर भी प्रदान करेगा, जैसा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त किया गया है।
      पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा भारत 10-12 अप्रैल, 2018 को नई दिल्ली में अगले आईईएफ मंत्री स्‍तरीय बैठक की मेजबानी करेगा। सदस्य देशों से जानकारी प्राप्त करने के बाद, हम इस कार्यक्रम को समृद्ध और आकर्षक बनाने की प्रक्रिया में हैं।
   गैस मंत्री ने कहा मैं शीघ्र ही आपको औपचारिक आमंत्रण भेजूंगा। इस अवसर पर मैं आपको नई दिल्ली में होने वाली मंत्रिस्तरीय बैठक के लिये आमंत्रित करता हूं। मैं जल्द ही दिल्ली में आप सभी का स्‍वागत करने के लिए उत्सुक हूं।"

No comments:

Post a Comment