घोघा से दहेज के बीच रो-रो फेरी सेवा
गुजरात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घोघा से दहेज के बीच रो-रो (रोल ऑन, रोल ऑफ) फेरी सेवा के पहले चरण का उद्घाटन किया।
इस फेरी सेवा से सौराष्ट्र में घोघा और दक्षिण गुजरात में दहेज के बीच यात्रा समय करीब सात या आठ घंटे से घटकर महज करीब एक घंटा रह जाएगा। उद्घाटित पहला चरण यात्रियों की आवाजाही के लिए समर्थ है। पूरी तरह परिचालन शुरू होने पर यह फेरी सेवा वाहनों की आवाजाही के लिए भी सक्षम होगी।
प्रधानमंत्री ने श्री भावनगर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड के सर्वोत्तम कैटल फीड संयंत्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि वह व्यक्तिगत तौर पर नए साल की शुभकामनाएं देने के लिए गुजरात में हैं।
उन्होंने कहा कि घोघा और दहेज के बीच फेरी सेवा शुरू करने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम पूरे देश के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अपने तरह की पहली फेरी सेवा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गुजरात के लोगों का सपना था जो पूरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता का इतिहास नदियों और समुद्री व्यापार की जीवनशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गुजरात लोथल की भूमि है, हम अपने इतिहास के इन पहलुओं को कैसे भुला सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हमारे गौरवशाली अतीत को वापस लाने और सौराष्ट्र को दक्षिण गुजरात से जोड़ने का कार्यक्रम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दो क्षेत्रों के लोगों की खूब आवाजाही होती है और इस फेरी सेवा से उनके समय व ईंधन की काफी बचत होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान गुजरात के विकास को काफी महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात में काफी लंबा तटवर्ती क्षेत्र है और हमें उससे मिलने वाले अवसरों का फायदा उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तटवर्ती बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह फेरी सेवा भी केवल इसी एक मार्ग तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि अन्य जगहों को भी फेरी सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र को एकीकृत और अत्याधुनिक बनाना केंद्र सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने घोघा से दहेज के बीच इसकी पहली सेवा में यात्रा की। इस यात्रा के दौरान उन्हें जहाज और फेरी सेवा के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने जहाज पर चढ़ते समय दिव्यांगजन बच्चों से भी बातचीत की। दहेज में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण समृद्धि के लिए बंदरगाह है। उन्होंने कहा कि भारत को बेहतर बंदरगाहों और अधिक बंदरगाहों की आवश्यकता है। उचित कनेक्टिविटी के बिना देश का आर्थिक विकास सुस्त हो जाता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रधानमंत्री ने नीली अर्थव्यवस्था पर सरकार के जोर का उल्लेख किया जिसे उन्होंने नए भारत के दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा कहा।

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