Tuesday, 31 October 2017

सरदार पटेल के बहुमूल्य योगदान को याद रखना चाहिए

    नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रत्येक देशवासी को आधुनिक व एकीकृत भारत के निर्माण में सरदार पटेल के बहुमूल्य योगदान को याद रखना चाहिए।

      भारत आज विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है। वे यहां सरदार पटेल के जीवन पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर उपस्थित जन समुदाय का संबोधित कर रहे थे। 
   सम्मेलन का विषय है ‘गांधीवादी और राष्ट्रवादी- सरदार पटेल का जीवन व कार्यकाल’। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार) और पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. महेश शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल ने नि:स्वार्थ भावना से देश की सेवा की। उन्होंने देश के हितों को सर्वोपरि रखा और समर्पण की भावना से भारत के भाग्य को आकार दिया। सरदार पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण किया। 
    यह उनके उत्कृष्ट कूटनीतिक समझ को दर्शाता है। इसमें न तो खून बहा और न ही किसी तरह के विद्रोह का सामना करना पड़ा। इस प्रकार उन्होंने नए भारत के निर्माण के लक्ष्य को हासिल किया।
      उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत राष्ट्र के निर्माण में सरदार पटेल के बहुमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए पंडित नेहरू ने कहा था, ‘इतिहास उन्हें नए भारत का निर्माता और इसे सशक्त बनाने वाले के रूप में याद रखेगा’। उन्होंने उद्धरण देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था, ‘मेरे कई अनुयायी हैं, लेकिन मैं यह निर्णय नहीं कर पा रहा हूं कि मेरा उप-कमांडर कौन होगा। 
    तब मैंने वल्लभ भाई के बारे में सोचा’। सरदार पटेल केवल उच्च कोटि के संगठनकर्ता ही नहीं थे, बल्कि वे एक लोकप्रिय जन नेता थे।

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