Friday, 6 October 2017

यूरोपियन यूनियन के साथ बहु-आयामी साझेदारी मूल्यवान

  नई दिल्ली। भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि 14वें शिखर सम्मलेन के अवसर पर हमें श्री टुस्क और श्री युंकर का स्वागत करने का सौभाग्य मिला।

     प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि यूरोपियन यूनियन के साथ बहु-आयामी साझेदारी हमारे लिए बहुत मूल्यवान है, अहम महत्त्व रखती है। 1962 में स्थापना के बाद भारत संबंध स्थापित करने वाले सबसे पहले देशों में था। 
     दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के रूप में हम एक प्रकार से स्वाभाविक साझेदार हैं। हमारे घनिष्ठ संबंधों की नींव लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि अनुसार शासन यानि मूलभूत स्वतंत्रताओं और बहु-संस्कृतिवाद यानि जैसी साझा मान्यताओं पर रखी गई है। 
      साथ ही साथ हम दोनों के बीच विचारधारा भी साझा है।पिछले वर्ष ब्रसेल्स में 13द्यण् शिखर सम्मलेन के बाद हमारे संबंधों में काफी गति आई है। 
    प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि आज की हमारी मुलाकात में हमारे सहयोग के व्यापक एजेंडा पर हुए उपयोगी विचार-विमर्श के लिए मैं टुस्क और युंकर का ह्रदय से आभार प्रकट करता हूं। हम कई नए क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने में सफल हुए हैं। 
    हम इस बात पर सहमत हैं कि आपसी विश्वास और समझ पर आधारित इन संबंधों को हमें अधिकाधिक व्यापक और लाभकारी बनाने की दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि 13वें शिखर सम्मलेन में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की आज हमने समीक्षा की। 
     प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ़ मिल कर काम करने और इस विषय पर अपने सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने पर हम दोनों सहमत हैं। इस विषय पर हम न सिर्फ़ द्विपक्षीय स्तर पर अपना सहयोग मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भी हम अपना सहयोग और समन्वय बढ़ाएंगे।
        प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन को मजबूत करने में आप दोनों के नेतृत्व और योगदान के लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं। मेरी यह आशा और अपेक्षा रहेगी कि भारत की आपकी आगामी यात्रा इतनी कम अवधि की न हो।

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