Wednesday, 4 October 2017

भारत व स्विट्जरलैंड के बीच रेल क्षेत्र में तकनीकी सहायता समझौता

   नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए भारत गणराज्‍य के रेल मंत्रालय और स्विस कंफेडरेशन के फेडरल डिपार्टमेंट ऑफ द इनवायरमेंट, ट्रांसपोर्ट, एनर्जी एण्‍ड कम्‍यूनिकेशन्‍स के बीच समझौता के बारे में अवगत कराया गया।

  इस एमओयू पर 31 अगस्‍त, 2017 को हस्‍ताक्षर किए गए थे। इस समझौता ज्ञापन से निम्‍नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग प्राप्‍त होगा। कर्षण चल स्‍टॉक, ईएमयू तथा ट्रेन सेट्स, कर्षण प्रोपल्‍शन उपकरण, फ्रेट और पैसेंजर कार, टिल्टिंग ट्रेन, रेल विद्युतीकरण उपकरण, रेलगाड़ी शिड्यूलिंग और परिचालन में सुधार, रेलवे स्‍टेशन आधुनिकरण, मल्‍टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, सुरंग बनाने संबंधी प्रौद्योगिकी। 
   रेल मंत्रालय ने विभिन्‍न विदेशी सरकारों और राष्‍ट्रीय रेलों के साथ रेल क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए समझौता पर हस्‍ताक्षर किए हैं। सहयोग के चिन्हित क्षेत्रों में अन्‍य बातों के साथ-साथ हाई स्‍पीड कॉरिडोर, मौजूदा मार्गों की गति बढ़ाना, विश्‍वस्‍तरीय स्‍टेशनों को विकसित करना, भारी कर्षण का परिचालन और रेल अवसंरचना का आधुनिकीकरण आदि शामिल है।
      यह सहयोग रेलवे के प्रौद्योगिकी और परिचालन क्षेत्र में विकासात्‍मक कार्यों की सूचा का आदान-प्रदान करके, आपस में जानकारी साझा करके, तकनीकी दौरा करके, प्रशिक्षण और आपसी हितों के क्षेत्रों में सेमिनारों और वर्कशॉपों का आयोजन करके प्राप्‍त किया जाता है।
      ये समझौता भारतीय रेलवे को रेल क्षेत्र में हुए नवीनतम विकासात्‍मक कार्यों और आपस में जानकारी बांटने का प्‍लेटफॉर्म उपलब्‍ध कराते है। इन समझौता से तकनीकी विशेषज्ञों, रिपोर्टों और तकनीकी प्रलेखों के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और सेमिनारों वर्कशॉपों, जिनमें विशिष्‍ट प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर ध्‍यान केन्द्रित किया जाता है और आपस में अन्‍य जानकारी बांटने के लिए सम्‍पर्क मुहैया होता है।

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