देश के वयोश्रेष्ठ सब के लिए प्रेरणा के स्रोत
नई दिल्ली। वयोश्रेष्ठ सम्मान प्रदान करने के अवसर पर भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा वयोश्रेष्ठ सम्मान 2017 से पुरस्कृत हमारे नागरिक, हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा आप सब की प्रेरणादायी विशेषताओं पर आधारित जो फिल्में हमने देखीं हैं, उनका व्यापक प्रचार और प्रसार भी होना चाहिए। माँ की ममता से लेकर संघर्ष में बहादुरी तक, कला से लेकर खेल और जोखिम तक, चिकित्सा से ले कर जन-सेवा तक अनेक क्षेत्रों में आपने जो योगदान दिया है उस सबसे हमें बहुत कुछ सीखने की जरुरत है।
100 वर्ष से अधिक आयु की माता-तुल्य श्रीमती अरविंद दवे जी तथा 101 वर्ष से अधिक आयु के पिता-तुल्य श्री चेमनचेरी नायर जी को मैं विशेष रूप से नमन करता हूँ। आप सब से प्रेरणा ले कर सभी भारतवासी अपने जीवन को आशावाद, उत्साह और साहस के बल पर और अधिक सार्थक बनायेंगे, ऐसा मुझे विश्वास है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा पिछली जनगणना के अनुसार हमारे देश में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी लगभग साढ़े दस करोड़ थी, जो कि हमारी कुल आबादी का लगभग साढ़े आठ प्रतिशत था। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा अन्य कारणों से हाल के दशकों में औसत जीवनकाल में वृद्धि हुई है इसमें और भी वृद्धि होने की संभावना है।
अनुमान है कि सन 2050 तक वरिष्ठ लोगों की संख्या हमारी कुल जनसंख्या का लगभग 19ऽ हो जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा वैसे प्राचीन काल से ही हमारे देश में सामान्य जीवनकाल सौ वर्ष का माना जाता था। सौ वर्ष तक स्वस्थ और आत्मनिर्भर रहते हुए जीवन यापन करने की प्रार्थना की जाती थी।
यजुर्वेद में एक प्रार्थना है, पश्येम शरद: शतम्, जीवेम शरद: शतम् शृणुयाम शरद: शतम्,प्रब्रवाम शरद: शतम् हम सौ सालों तक ठीक से देख सकें, जीवित रह सकें, सुन सकें, बोल सकें और आत्मनिर्भर रह सकें। शायद प्रकृति के साथ समन्वय बैठा कर जीने की कला तथा समाज में एक दूसरे से जुड़े रहने की परंपरा के कारण लोगों की आयु लंबी रहा करती होगी।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा भारत में बड़ों का सम्मान करने, आशीर्वाद लेने, और उनकी देखभाल करने की स्वस्थ परंपरा रही है। पाठशालाओं में सिखाया जाता था कि जो लोग सम्मानपूर्वक अभिवादन करते हैं और हमेशा वृद्धों की सेवा करते हैं उनकी आयु, विद्या, यश, और बल में लगातार बढ़ोतरी होती रहती है।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा मुझे यह जान कर प्रसन्नता हुई है कि भारत सरकार ने समय-समय पर वयोवृद्ध लोगों के कल्याण हेतु कदम उठाए हैं। अधिक आयु के लोगों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञता पर आधारित सेवाएँ दी जाएंगी। राज्य सरकारों की सहायता से कार्यान्वित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा की सहायता दी जा रही है।
जनवरी 2017 में प्रधानमंत्री ने जीवन बीमा निगम द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली 'वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना' की घोषणा की है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए दस वर्षों की अवधि के लिए 8ऽ सालाना की दर से आमदनी सुनिश्चित की गयी है।
अधिकांश राज्य सरकारें वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन के लिए अतिरिक्त अंश-दान उपलब्ध कराती हैं। वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है जिसके तहत राज्य सरकारों और अधिकारियों को आवश्यक प्रावधान बनाने के स्पष्ट निर्देश दिये गए हैं।
वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र रह सकें। राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2017 से शुरू की गयी 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के तहत गरीबी की सीमा रेखा में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा मुझे बताया गया है कि मंत्रालय द्वारा वयोवृद्ध लोगों के हित में एक नयी नीति पर काम चल रहा है। मैं मंत्री और उनकी टीम को उनके प्रयासों में सफलता के लिए शुभकामना व्यक्त करता हूँ। मैं एक बार फिर सम्मानित किए गए संस्थानों एवं वरिष्ठ नागरिकों को बधाई देते हुए आप सभी के स्वस्थ और मंगलकारी जीवन के लिए शुभकामनायें देता हूँ।

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