भारतीय अंतरस्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण ने बांडों के जरिये जुटाये 660 करोड़
नई दिल्ली। भारतीय अंतरस्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने भारत सरकार पूर्ण सेवित बांडों के रूप में 660 करोड़ रूपये जुटाये हैं।
बांडों के द्वारा जुटाये गए संसाधन भारत सरकार की बजटीय सहायता के अतिरिक्त हैं। सरकार ने 2017-18 में भारत सरकार पूर्ण सेवित बांडों के माध्यम से 660 करोड़ रूपये जुटाने में आईडब्ल्यूएआई को सक्षम बनाने का निर्णय लिया था।
आईडब्ल्यूएआई ने बांडों को जुटाने से पहले प्रबंधकों, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों, रजिस्ट्रारों एवं ट्रस्टियों की सेवाएं ली थीं। क्रिसिल एवं केयर दोनों ने ही आईडब्ल्यूएआई के प्रस्तावित इंस्ट्रूमेंट को ‘ट्रिपल ए:स्थिर’ की रेटिंग दी थी।
बांडों को जुटाने के लिए ई-बीडिंग का आयोजन 300 करोड़ रूपये के इश्यू आकार तथा 360 करोड़ रूपये के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ बीएसई पोर्टल पर 11 अक्तूबर, 2017 को किया गया था। यह इश्यू ओवर सब्सक्राइब हुआ था। 660 करोड़ रूपये की पूरी राशि 7.47 प्रतिशत की एक कूपन दर पर एकल भाग में जुटाई गई है।
बांडों से प्राप्त आय का उपयोग आईडब्ल्यूएआई द्वारा 2017-18 के दौरान विशिष्ट रूप से राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम-2016 के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू) के विकास के लिए पूंजी व्यय पर किए जाने का लक्ष्य है।
660 करोड़ रूपये के बराबर के ईबीआर के सम्बन्ध में मूल धन एवं ब्याज का वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा जहाजरानी मंत्रालय की अनुदान मांग में उपर्युक्त बजटीय प्रावधान करने के द्वारा किया जाएगा, जिससे कि जब आवश्यकता पड़े तो बांड सर्विसिंग की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। ब्याज की अदायगी अर्द्धवार्षिक आधार पर तथा मूल धन की परिपक्वता पर की जाएगी।

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