Friday, 15 September 2017

प्रौद्योगिकी परिवर्तन का एक माध्यम

        नई दिल्ली। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार, गरीबों और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश के संसाधनों का उपयोग कर रही है। न्यू इंडिया की अवधारणा को पूरा करने का प्रयास कर रही है।

      इंजीनियर्स दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में सिविल इंजीनियर्स संस्थान (भारत) द्वारा सामाजिक इंजीनियरिंग के माध्यम से अवसर बढ़ाना विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा कि प्रौद्योगिकी परिवर्तन का एक माध्यम है। 
       नकवी ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी और टेक्नोक्रेट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में से एक हैं। रक्षा क्षेत्र, बुनियादी ढांचा, रेलवे, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, भारतीय इंजीनियरों और अन्य टेक्नोक्रेटों ने अपनी प्रतिभाओं के माध्यम से देश को गौरवान्वित किया है। 
   मंत्री ने कहा कि सरकार ने टेक्नोक्रेट्स और अन्य पेशेवरों के लिए जीवंत और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र विभिन्न प्रौद्योगिकी का उपयोग तेजी से कर रहा है ताकि लोगों के जीवन को और अधिक आरामदायक बनाया जा सके। प्रौद्योगिकी के माध्यम से, हमने शासन और आम लोगों के बीच अंतर को भर दिया है। 
    नकवी ने कहा कि सरकार आम आदमी के कल्याण के लिए मजबूत और पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रही है। भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। आम लोगों के कल्याण का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में जा रहा है। करोड़ छात्रों को अपने छात्रवृत्ति की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में मिल रहा है। 
     मंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में इंजीनियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे अपनी रचनात्मक सोच और समर्पण तथा कड़ी मेहनत के जरिए, देश को एक नई दिशा भी दे रहे हैं। नकवी ने कहा कि केंद्र ने टेक्नोक्रेट्स और अन्य पेशेवरों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित किया है। वे भारत वापस आ रहे हैं। न्यू इंडिया के दर्शन में योगदान दे रहे हैं।

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