Wednesday, 27 September 2017

भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ा

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने यहां विश्‍व पर्यटन दिवस के अवसर पर संस्‍कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में यात्रा, पर्यटन और आतिथ्‍य उद्योग की विभिन्‍न श्रेणियों में राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार 2015-16 प्रदान किये। 

    पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) अल्‍फोंस कन्‍ननथनम ने समारोह की अध्‍यक्षता की। समारोह में राज्‍यों के पर्यटन मंत्री, केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के अधिकारी, प्रमुख होटलों के मालिक, ट्रेवल एजेंट और टूर ऑपरेटर सहित यात्रा और आतिथ्‍य उद्योग के सदस्‍य, पर्यटन और आतिथ्‍य संस्‍थानों के छात्र, ट्रेवल मीडिया तथा पत्रकार उपस्थित थे। 
     इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने अतुल्‍य भारत 2.0 अभियान: एक विरासत अपनाएं परियोजना और नए अतुल्‍य भारत वेबसाइट का शुभारंभ भी किया। अतुल्‍य भारत 2.0 अभियान डिजिटल और सोशल मीडिया पर अधिक ध्‍यान केंद्रित कर बाजार आधारित प्रचार योजनाओं और उत्‍पाद विशिष्‍टता के आधार पर रचनात्‍मकता के लिए विश्‍वभर में किये जा रहे मौजूदा वर्गीकृत प्रचार में हो रहे परिवर्तन को दर्शाता है। 
      एक विरासत अपनाएं परियोजना का उद्देश्‍य पर्यटक सुविधाएं विकसित करने के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों को विरासत स्‍थल सौंपना है। इन स्‍थलों को अपनाकर वे स्‍मारक मित्र बन जायेंगे। नया अतुल्‍य भारत वेबसाइट मौजूदा वेबसाइट का उन्‍नत संस्‍करण हैं जिसमें कई उपयोगी सुविधाएं हैं। इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने कहा कि पर्यटन विश्‍व के सबसे बड़े उद्योग में से एक है।
      इसके विकास का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि दुनिया भर में पर्यटकों की संख्या 1950 में 2.2 करोड़ थी जो 2016 में बढ़कर 123 करोड़ हो गई। विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन उद्योग का 10.2 प्रतिशत का योगदान है। अनुमान है कि दुनिया में प्रत्‍येक दसवां व्यक्ति पर्यटन उद्योग में कार्य करता है। भारत में भी बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका पर्यटन उद्योग से जुड़ी हुई है। 
      वर्ष 2016 में सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन का 9.6 प्रतिशत और कुल रोजगार में 9.3 प्रतिशत योगदान था। पर्यटन उद्योग स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने और गरीबी दूर करने में महत्‍वपूर्ण योगदान दे सकता है। एक आकंलन के अनुसार, पर्यटन उद्योग में 10 लाख रुपये का निवेश कर लगभग 90 लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकता है, जबकि कृषि क्षेत्र में लगभग 45 लोगों और विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 13 लोगों के लिये रोजगार उपलब्‍ध होता है।
      राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी पर्यटन विकास से समेकित आर्थिक विकास को सुदृढ़ किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर पर्यटकों को अच्छा अनुभव प्रदान करने का प्रयास करना चाहिए। पर्यटन के प्रति जागरूक समाज में सरकार की भूमिका केवल दिशा और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने की है। 
     राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आज शुरू की गयी एक विरासत परियोजना अपनाएं से हमारे समृद्ध और विविध विरासत स्मारकों को पर्यटक-अनुकूल बनाने की भरपूर संभावनाएं हैं। 
     उन्होंने आशा व्यक्त की कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों की भागीदारी से यह परियोजना हमारी विरासत के रखरखाव में मददगार साबित होगी। पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) अल्‍फोंस कन्‍ननथनम ने अपने संबोधन में राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार 2015-16 के विजेताओं को बधाई दी और आग्रह किया कि विश्‍वभर के यात्रियों के लिए भारत को सबसे पसंदीदा गंतव्‍य स्‍थान बनाने के लिए सभी प्रतिबद्ध हों।
      उन्‍होंने कहा कि भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ा है और घरेलू पर्यटक यात्राओं में वृद्धि हुई है। विश्‍व आर्थिक फोरम के यात्रा और पर्यटन प्रतिस्‍पर्धी सूचकांक 2017 में भारत की रैंकिंग वर्ष 2015 में 65वें स्‍थान से बढ़कर 52वें स्‍थान पर पहुंच गई थी और अब भारत का स्‍थान 12 पॉइंट और बढ़कर 40वां है। 
    उन्‍होंने कहा कि भारत एक ऐसा गंतव्‍य स्‍थल है जहां सभी यात्रियों की जरूरतें पूरी होती हैं। हमारा सामूहिक लक्ष्‍य भारत में पर्यटन क्षेत्र को स्‍थायी और जिम्‍मेदार तरीके से विकसित करना है। बडे पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने, गरीबी उन्‍मूलन, स्‍थानीय समुदायों के आर्थिक और सामाजिक लाभ तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए अपनी अंतरनीहित क्षमताओं के कारण पर्यटन का वांछनीय स्‍थान है। 
        उन्‍होंने यात्रा और पर्यटन उद्योग के नेताओं से पर्यटन पर अपने अभिनव विचार साझा करने का आग्रह किया ताकि इसे प्रधानमंत्री के महान विचार बदलते भारत के पर्यटन क्षेत्र में साकार किया जा सके। पर्यटन मंत्रालय में सचिव श्रीमती रश्मि वर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारत का पर्यटन क्षेत्र बढि़या प्रदर्शन कर रहा है और इसकी वृद्धि दर विश्‍व पर्यटन की औसतन वृद्धि दर से अधिक है। 2016 में भारत में 8.80 मीलियन विदेशी पर्यटकों का स्‍वागत किया था जो 2015 की तुलना में 9.7 प्रतिशत अधिक था। जनवरी से जुलाई 2017 की अवधि के दौरान विदेशी पर्यटकों के आगमन में 15.7 प्रतिशत की दो अंकीय वृद्धिदर रही, जिसके कारण वर्तमान वर्ष में भी पर्यटन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं।
       यह पर्यटन क्षेत्र के हमारे साझेदारों की समर्थन और सहयोग के बिना संभव नहीं था। भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय प्रतिवर्ष यात्रा, पर्यटन और आतिथ्‍य उद्योग की विभिन्‍न श्रेणियों में राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार प्रदान करता है। यह पुरस्‍कार राज्‍य सरकारों केन्‍द्र शासित प्रदेशों, वर्गीकृत होटलों, विरासत होटलों, मान्‍यता प्राप्‍त ट्रेवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटक परिवहन संचालकों, व्‍यक्तियों और अन्‍य निजी संगठनों को अपने-अपने क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रदान किये जाते हैं। 
     राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार पिछले कुछ वर्षों से यात्रा, पर्यटन और आतिथ्‍य क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित सम्‍मान माने जाते हैं। पुरस्‍कार समारोह की तिथि का चयन विश्‍व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्‍य में किया गया जो प्रतिवर्ष 27 सितम्‍बर को मनाया जाता है। विश्‍व पर्यटन दिवस मनाने का उद्देश्‍य पर्यटन के महत्‍व और इसकी सामाजिक सांस्‍कृतिक राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्‍यों के प्रति अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाना है।

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